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लखीमपुर खीरी में लक्जरी कारों की जगह फूलों से सजे 20 ई-रिक्शों पर निकली अनोखी बारात, सादगी और पर्यावरण संरक्षण का दिया बड़ा संदेशट्रेंड्स
20 जून 2026, 11:05 pm (91 दिन पहले)· 7

लखीमपुर खीरी में लक्जरी कारों की जगह फूलों से सजे 20 ई-रिक्शों पर निकली अनोखी बारात, सादगी और पर्यावरण संरक्षण का दिया बड़ा संदेश

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक दूल्हे ने पारंपरिक दिखावे को छोड़ते हुए अपनी बारात के लिए 20 ई-रिक्शों का इस्तेमाल किया, जिसमें 150 बाराती सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे।

भारतीय शादियों में भारी-भरकम खर्च, लग्जरी कारों का काफिला और दिखावा अब एक आम चलन बन चुका है। लोग अपनी आर्थिक क्षमता से बढ़कर शादी-ब्याह में पानी की तरह पैसा बहाते हैं। लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से एक ऐसी खबर आई है, जो न केवल समाज को एक नई दिशा दिखाती है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी करारा प्रहार करती है। यहाँ एक दूल्हे ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए किसी महंगी मर्सिडीज या ऑडी कार का सहारा नहीं लिया, बल्कि वह फूलों से सजे 20 ई-रिक्शों के अनूठे काफिले के साथ अपनी दुल्हनिया को लेने निकल पड़ा। इस सादगी भरे कदम की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।

शादियों में दिखावे के खिलाफ एक अनोखी पहल

यह अनोखी और पर्यावरण-अनुकूल बारात लखीमपुर खीरी जिले के बिजुआ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इटकुटी गांव के मजरा सरदार टांडा से निकली थी। यहाँ के निवासी किशन बहादुर सिंह के बेटे राजेश सिंह का विवाह आम टांडा के रहने वाले ओमप्रकाश की बेटी ममता के साथ तय हुआ था। शादियों के इस सीजन में जहाँ लोग लाखों रुपये सिर्फ गाड़ियों की बुकिंग पर खर्च कर देते हैं, वहीं राजेश ने कुछ अलग करने की ठानी। उन्होंने महंगी गाड़ियों को बुक करने के बजाय ई-रिक्शों को अपनी बारात का जरिया बनाने का फैसला किया।

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सरदार टांडा से आम टांडा तक का यादगार सफर

दूल्हे राजेश सिंह के इस फैसले को उनके परिवार ने भी पूरा समर्थन दिया। बारात के लिए कुल 20 ई-रिक्शे किराए पर लिए गए, जिन्हें रंग-बिरंगे और खूबसूरत फूलों से सजाया गया था। इन फूलों से लदे ई-रिक्शों पर दूल्हे के साथ करीब 150 बाराती सवार हुए और गाजे-बाजे के साथ दुल्हन ममता के घर की ओर रवाना हुए। जब यह अनोखा काफिला सड़कों से गुजरा, तो राहगीर अपनी जगह खड़े होकर इस अद्भुत नजारे को देखने लगे। हाइवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार भी इस सुंदर दृश्य को देखने के लिए कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई।

स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर जमकर हुई तारीफ

जैसे ही यह अनूठी बारात दुल्हन के दरवाजे पर पहुँची, वहाँ उपस्थित घराती और स्थानीय ग्रामीण हैरान रह गए। ई-रिक्शे से दूल्हे को उतरता देख लड़की पक्ष के लोगों ने तालियाँ बजाकर इस अभिनव पहल का स्वागत किया। बारात के इस अनोखे अंदाज को लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। इस बारात के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग दूल्हे की इस समझदारी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की जमकर सराहना कर रहे हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि इस शादी ने यह साबित कर दिया है कि बिना वायु प्रदूषण फैलाए और बिना लाखों रुपये बर्बाद किए भी शादियां उतनी ही धूमधाम और खुशी के साथ पूरी की जा सकती हैं।

सवाल-जवाब

लखीमपुर खीरी की इस बारात की क्या खासियत थी?
इस बारात में दूल्हा और उनके मेहमान लग्जरी गाड़ियों के बजाय फूलों से सजे 20 ई-रिक्शों पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे थे।
इस अनूठी शादी के दूल्हा और दुल्हन कौन हैं?
इस शादी में दूल्हा राजेश सिंह हैं, जो किशन बहादुर सिंह के बेटे हैं, और दुल्हन ममता हैं, जो ओमप्रकाश की बेटी हैं।
यह बारात कहाँ से शुरू हुई और कहाँ तक गई?
यह बारात लखीमपुर खीरी जिले के बिजुआ ब्लॉक के इटकुटी गांव के मजरा सरदार टांडा से शुरू होकर आम टांडा तक गई थी।
इस बारात में कितने मेहमान शामिल हुए थे?
इस अनोखी ई-रिक्शा बारात में दूल्हे के साथ करीब 150 बाराती शामिल हुए थे।
इस अनोखी पहल के पीछे दूल्हे का क्या उद्देश्य था?
दूल्हे राजेश सिंह का उद्देश्य समाज को बढ़ती महंगाई के बीच शादियों में फिजूलखर्ची रोकने और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने का एक बड़ा संदेश देना था।
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