दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच एक ऐतिहासिक गीत सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हो रहा है। 'बोल के लब आजाद हैं तेरे' नाम का यह गाना इंस्टाग्राम रील्स से लेकर एक्स तक हर तरफ छाया हुआ है। प्रदर्शनकारियों के वीडियो के साथ इस गाने की धुन और बोल इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह आंदोलनकारी युवाओं के लिए क्रांति का एक नया प्रतीक बनकर उभरा है। यह गीत लोगों को अपने अधिकारों के लिए निडर होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
शायर फैज अहमद फैज की नज्म और 'मंटो' का कनेक्शन
यह गाना केवल एक सामान्य फिल्मी गीत नहीं है, बल्कि यह महान और प्रख्यात शायर फैज अहमद फैज द्वारा लिखी गई एक ऐतिहासिक नज्म है। साल 2018 में अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत फिल्म 'मंटो' में इस बेहद प्रभावशाली रचना को शामिल किया गया था। इस गीत को सुप्रसिद्ध गायक उस्ताद राशिद खान और विद्या शाह ने अपनी जादुई आवाज से सजाया है। यह गीत हक के लिए लड़ने, निडरता और बिना किसी डर के सच बोलने का संदेश देता है, यही वजह है कि जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों के विजुअल्स के साथ इसके बोल सीधे तौर पर मेल खा रहे हैं।
बीमारी के बावजूद विरोध में शामिल होने की इच्छा
इस बीच, जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन को लेकर कई बड़ी हस्तियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने साझा किया है कि वह स्वाइन फ्लू (H1N1) से पीड़ित हो गई हैं। इसके बावजूद, उन्होंने इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। शबाना आजमी ने अपने मौजूदा आइसोलेशन यानी एकांतवास को बेहद मुश्किल और थकाऊ बताया है, लेकिन आंदोलन को लेकर उनकी एकजुटता और समर्थन बरकरार है।
इंटरनेट पर गूंज रही है बदलाव की आवाज
जंतर-मंतर पर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार साझा किए जा रहे हैं। इन वीडियो के बैकग्राउंड में इस गाने का इस्तेमाल किया जा रहा है। बेबाकी से अपनी आवाज बुलंद करने की सीख देने वाला यह गाना रातों-रात इंटरनेट सनसनी बन चुका है और इसके जरिए लोग अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं। वर्तमान समय में यह गाना युवाओं को वैचारिक रूप से जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है।



















