रसोई घर में तरह-तरह के पकवान बनते समय उठने वाले धुएं, छौंक और मसालों की खुशबू वातावरण में महक तो घोल देती है, लेकिन वही भाप और चिकनाई धीरे-धीरे एग्जॉस्ट फैन की जालियों पर जमने लगती है। समय बीतने के साथ इस चिपचिपी परत पर हवा में तैरती धूल भी चिपकती जाती है, जिससे पंखे के ब्लेड पर एक बदरंग और जिद्दी काली परत तैयार हो जाती है। इस मैल को किसी साधारण कपड़े या पोछे से हटाना बेहद मुश्किल साबित होता है, क्योंकि रगड़ने पर तेल चारों तरफ फैल जाता है। नतीजतन ज्यादातर घरों में इसकी सफाई को हफ्तों और महीनों तक टाला जाता रहता है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए महंगे और नुकसानदेह केमिकल क्लीनर खरीदने के बजाय बेहद किफायती घरेलू तरीके से पंखे को पूरी तरह चमकाया जा सकता है।
रसोई के एग्जॉस्ट फैन पर क्यों जमती है इतनी सख्त चिकनाई
जब भी कड़ाही में तेल गरम होता है और खाना पकाया जाता है, तो तेल और वाष्प के नन्हे कण हवा में तैरने लगते हैं। एग्जॉस्ट फैन का बुनियादी काम रसोई की इस गर्म हवा और भाप को खींचकर घर से बाहर फेंकना होता है। इस खिंचाव के दौरान हवा में घुले चिकनाई के कण पंखे के ब्लेड, उसके सुरक्षा फ्रेम और मोटर के बाहरी हिस्से पर जमने लगते हैं। इसके बाद जब वातावरण की सामान्य धूल और गर्द इस तेल के संपर्क में आती है, तो दोनों मिलकर एक सख्त परत बना लेते हैं। इस तरह की मैली परत केवल गीले कपड़े से रगड़कर नहीं हटाई जा सकती, क्योंकि बिना चिकनाई को पिघलाए या ढीला किए उसे हटाने की कोशिश करने से ब्लेड और गंदे हो जाते हैं। इसलिए किसी भी सफाई प्रक्रिया को शुरू करने से पहले उस जमी हुई परत को रासायनिक रूप से नरम करना जरूरी होता है।
सफाई अभियान शुरू करने से पूर्व बिजली सुरक्षा के कड़े नियम
बिजली से चलने वाले किसी भी उपकरण की सफाई करते वक्त जान-माल की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। एग्जॉस्ट फैन को छूने या खोलने से पहले उसका बिजली का मुख्य कनेक्शन पूरी तरह काट देना चाहिए। केवल दीवार पर लगे स्विच को बंद कर देना हमेशा सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि यह घर की अंदरूनी वायरिंग और फिटिंग की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि पंखे को दीवार से अलग करने के लिए तारों को खोलना पड़ रहा हो, तो किसी कुशल इलेक्ट्रीशियन या जानकार व्यक्ति की सहायता लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम होता है। पंखे को दीवार से उतार लेने के बाद उसके मोटर वाले हिस्से को पानी से महफूज रखना सबसे अहम काम है, क्योंकि मोटर में जरा सी भी नमी घुसने पर वह हमेशा के लिए खराब हो सकती है या करंट लगने का बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है।
डिटर्जेंट और गर्म पानी का प्राथमिक घोल तैयार करने की विधि
सोशल मीडिया मंच यूट्यूब पर स्थित फूड्जलाइफ चैनल द्वारा इस घरेलू तरकीब का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें रोजमर्रा के डिटर्जेंट और करीब 30 रुपये के एक पैकेट की मदद से एग्जॉस्ट की सफाई दिखाई गई है। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए सबसे पहले एक चौड़े मुंह वाला प्लास्टिक का टब या गहरा बर्तन लेना चाहिए। इस टब में लगभग पौना कप कपड़े धोने वाला सामान्य डिटर्जेंट पाउडर डालें। अब इसमें पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी मिलाएं। ध्यान रहे कि पानी का तापमान इतना अधिक न हो कि हाथ जलने का खतरा बने या प्लास्टिक का बर्तन पिघल जाए। एक लंबी लकड़ी की चम्मच अथवा किसी लंबे औजार की सहायता से डिटर्जेंट और गर्म पानी को अच्छी तरह आपस में घोल लें ताकि सारा पाउडर पानी में समा जाए।
ब्लेड पर घोल का उपयोग और 30 रुपये वाले प्रोडक्ट का असर
घोल तैयार हो जाने पर एग्जॉस्ट फैन को टब के ऊपर इस सावधानी के साथ रखें कि उसका मोटर वाला हिस्सा हमेशा ऊपर की दिशा में रहे। पंखे के ब्लेड और जाली वाले गंदे हिस्सों पर इस तैयार घोल को धीरे-धीरे उड़ेलें। किसी भी सूरत में मोटर या बिजली के तारों वाले हिस्से को पानी के टब में न डुबोएं। इसके उपरांत, वीडियो में सुझाए गए तरीके के अनुसार, बाजार में करीब 30 रुपये में मिलने वाले ट्रेनेक्स के पैकेट को पानी में मिलाकर एक दूसरा तरल तैयार किया जाता है। इस तैयार मिश्रण को पंखे के तेल से सने ब्लेडों और आसपास की मैली सतह पर आहिस्ता-आहिस्ता डाला जाता है। इस मिश्रण को डालने के बाद कुछ देर के लिए पंखे को ऐसे ही छोड़ देना चाहिए ताकि उसमें मौजूद घटक उस जमी हुई काली चिकनाई को भीतर तक नरम कर दें।
स्क्रबर से अंतिम सफाई और सुखाने के अनिवार्य निर्देश
जब आपको यह महसूस हो कि ब्लेड पर जमी सख्त परत अब ढीली और मुलायम हो चुकी है, तो एक साधारण बर्तन साफ करने वाले स्क्रबर को हाथ में लें। बहुत ज्यादा ताकत लगाकर रगड़ने के स्थान पर हल्के हाथों से ब्लेड और फ्रेम की सतह को साफ करें। चिकनाई के ढीले हो जाने की वजह से वह बिना किसी भारी मशक्कत के छूटने लगेगी। सारा मैल उतर जाने के बाद साफ और ताजे पानी से ब्लेड वाले हिस्से को धोकर पूरी गंदगी बहा दें। सफाई संपन्न होने के बाद सबसे आवश्यक कदम पंखे को पूरी तरह से सुखाना है। पंखे को तब तक बिजली से दोबारा न जोड़ें जब तक कि उसका एक-एक कोना, विशेषकर मोटर और तारों का आसपास का क्षेत्र, पूरी तरह सूख न जाए। यदि सफाई के दौरान मोटर के अंदर गलती से पानी चला गया हो, तो पंखे को स्वयं चालू करने का जोखिम न उठाएं और किसी तकनीशियन से उसकी पूरी जांच करवाएं।



















