पुश्तैनी हुनर और पारंपरिक दस्तकारी से अपनी आजीविका चलाने वाले हुनरमंदों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। आजमगढ़ जिले में उद्योग विभाग विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए स्थानीय कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटा है। यदि कोई कामगार लोहार, बढ़ई, कुम्हार अथवा सिलाई जैसे पुश्तैनी पेशों में लगा है और अपने छोटे कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाना चाहता है, तो यह सरकारी सहायता उसके लिए नए रास्ते खोल सकती है।
प्रशिक्षित दस्तकारों को वित्तीय संबल और सब्सिडी
इस पूरी पहल का बुनियादी लक्ष्य पारंपरिक काम-काज से जुड़े लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और उन्हें आर्थिक रूप से स्थिर करना है। मामले की रूपरेखा साझा करते हुए सहायक आयुक्त उद्योग जितेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि जिन कामगारों ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना अथवा पीएम विश्वकर्मा के तहत अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और जिनके पास आधिकारिक प्रमाण पत्र मौजूद है, वे इस आर्थिक मदद के पात्र हैं। ऐसे दस्तकार अपना खुद का काम या छोटी औद्योगिक इकाई शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस वित्तीय व्यवस्था की सबसे अहम बात यह है कि इस पर सरकार 15 प्रतिशत की सीधी सब्सिडी मुहैया करा रही है और लाभार्थियों से इस कर्ज पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।
पात्रता की शर्तें और जातिगत अंशदान का ढांचा
यह योजना उन सभी कारीगरों के लिए खुली है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे कामों से जुड़े हुए हैं। इस दायरे में लोहार, कुम्हार, बढ़ई, सुनार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, ताला बनाने वाले, नाव निर्माण से जुड़े लोग और मछली पकड़ने का जाल बुनने वाले कारीगर शामिल हैं। योजना में सामाजिक समावेश का ध्यान रखा गया है और किसी भी समुदाय का पात्र व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है।
उम्र के लिहाज से आवेदक की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के दायरे में होनी अनिवार्य है। व्यवसाय की लागत में हिस्सेदारी को लेकर भी साफ नियम तय किए गए हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को कुल परियोजना लागत का केवल 5 प्रतिशत हिस्सा अपनी तरफ से लगाना होगा। वहीं सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए यह स्वयं का अंशदान 10 प्रतिशत तय किया गया है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट
इच्छुक दस्तकारों को अपने आवेदन के साथ कई आवश्यक कागजात संलग्न करने होंगे। इनमें एक शपथ पत्र, जन्मतिथि के सत्यापन के लिए आठवीं अथवा दसवीं कक्षा का अंकपत्र या समकक्ष शैक्षिक दस्तावेज शामिल हैं। पहचान और बैंक प्रक्रियाओं के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जरूरी है। इसके अतिरिक्त कामगार का पासपोर्ट आकार का फोटो, चालू मोबाइल नंबर और संबंधित प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र आवेदन में लगाना होगा।
परियोजना प्रस्ताव तैयार करने को लेकर भी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। यदि प्रस्तावित कारोबार का बजट 10 लाख रुपये से कम है, तो प्रणाली में कंप्यूटर के माध्यम से स्वतः प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो जाती है। हालांकि, यदि कोई उद्यम 10 लाख रुपये से अधिक की लागत का है, तो उसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट अथवा किसी अधिकृत विशेषज्ञ से विधिवत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवानी होगी।





















