पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में बीजेपी का कब्जा, शंखरव सरकार ने 75 हजार से अधिक वोटों से दर्ज की जीतगूगल ने पेश किया एआई एज फोरसाइट, बिना इंटरनेट मैक पर तैयार करेगा मीटिंग नोट्सएलजी LS27T3230S साइड बाई साइड रेफ्रिजरेटर का विस्तृत मूल्यांकनअंक ज्योतिष: पिता के हर फैसले पर भरोसा जताते हैं इन तीन तारीखों में जन्मे लड़केउत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ वारदातों में 17 फीसदी का उछाल, देहरादून में गहराया डरअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया की हलचल के बीच सोने में लौटी हल्की चमक, लेकिन आगे की राह आसान नहींरांची में अभिषेक शर्मा का ऐतिहासिक मुकाम, घरेलू मैदानों पर एक हजार T20I रन बनाने वाली खास जमात में शामिलकनाडा में नौकरियों में गिरावट के बाद भी लंबी अवधि में श्रम बाजार में सुधार के संकेतपोलैंड में मुद्रास्फीति के रुझान स्थिर, ईंधन शुल्क कटौती और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव पर टिकी नजरेंरायपुर में भारत और जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज के टिकट 250 रुपये से शुरू, 12 अक्टूबर से डिजिटल बुकिंग
उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन के लिए नया स्मार्टफोन जरूरी नहीं, सरकार ने अफवाहों पर लगाया विरामट्रेंड्स
9 अक्तू॰ 2026, 9:39 pm (1 घंटे पहले)· 0

उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन के लिए नया स्मार्टफोन जरूरी नहीं, सरकार ने अफवाहों पर लगाया विराम

उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण के लिए नया फोन खरीदना या ओटीपी अनिवार्य नहीं है। पूर्व की तरह बायोमीट्रिक और आईरिस स्कैन से ही राशन मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले मुफ्त अनाज को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर राज्य प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है। डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर यह दावा किया जा रहा था कि मुफ्त राशन लेने के लिए कार्डधारकों को पहले नया मोबाइल फोन खरीदना होगा और फिर ओटीपी सत्यापन कराना पड़ेगा। खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त अनिल कुमार ने इन दावों को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक करार देते हुए कहा है कि राशन वितरण की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है और पात्र परिवारों को पहले की तरह ही अनाज मिलता रहेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पहले जैसी व्यवस्था जारी

खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त अनिल कुमार के अनुसार, प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अंतर्गत राशन वितरण सुचारु ढंग से चल रहा है। विभाग ने किसी भी नए उपकरण की खरीद या हर लाभार्थी के लिए ओटीपी सत्यापन को अनिवार्य बनाने जैसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया है। सरकार का मुख्य मकसद सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुलभ और जनता के अनुकूल बनाए रखना है, ताकि वास्तविक हकदार परिवारों को उनकी तय मात्रा का खाद्यान्न बिना किसी परेशानी के मिलता रहे।

ये भी पढ़ें

उचित दर दुकानों पर बायोमीट्रिक सत्यापन की तय प्रक्रिया

राशन वितरण के लिए उचित दर की दुकानों पर ई-पॉस मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें आधार कार्ड से जुड़े बायोमीट्रिक मिलान की व्यवस्था है। जब कोई कार्डधारक राशन लेने पहुंचता है, तो ई-पॉस मशीन पर उसका बायोमीट्रिक रिकॉर्ड लिया जाता है और यूआईडीएआई सर्वर से उसकी पुष्टि की जाती है। सत्यापन सफल होते ही राशनकार्ड पर स्वीकृत खाद्यान्न तुरंत लाभार्थी को सौंप दिया जाता है। यदि किसी तकनीकी या शारीरिक कारण से पहली बार में बायोमीट्रिक मिलान नहीं हो पाता, तो उसी दिन दो और अतिरिक्त मौके दिए जाते हैं।

आईरिस स्कैन और परिवार के अन्य सदस्यों का विकल्प

अगर फिंगरप्रिंट के तीनों प्रयास विफल हो जाते हैं, तो लाभार्थी के लिए आईरिस स्कैन की सुविधा उपलब्ध है। आंखों की पुतलियों के स्कैन से आधार प्रमाणीकरण सफल होने पर राशन तुरंत दे दिया जाता है। यदि तीन बायोमीट्रिक प्रयासों और एक आईरिस स्कैन के बाद भी पहचान स्थापित नहीं हो पाती, तब भी लाभार्थी का परिवार अनाज से वंचित नहीं रहता। ऐसी स्थिति में राशनकार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी दूसरा सदस्य दुकान पर जाकर निर्धारित नियमों का पालन करते हुए राशन ले सकता है।

बुजुर्गों और बीमारों के लिए ओटीपी की वैकल्पिक छूट

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 का मुख्य उद्देश्य हर जरूरतमंद नागरिक तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए एक विशेष राहत दी गई है। जो लोग बायोमीट्रिक या आईरिस स्कैन कराने में असमर्थ हैं, केवल उनके लिए ओटीपी आधारित वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था रखी गई है। ऐसे लाभार्थियों को प्रत्येक वितरण चक्र के अंतिम दिन, विभागीय पोर्टल पर पहले से दर्ज मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए राशन दिया जाता है। आयुक्त ने दोहराया कि यह व्यवस्था केवल असाधारण परिस्थितियों के लिए एक विकल्प है, न कि सभी आम कार्डधारकों के लिए कोई अनिवार्य शर्त।

सवाल-जवाब

क्या उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन लेने के लिए नया मोबाइल खरीदना जरूरी है?
नहीं, खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि नया फोन खरीदने या ओटीपी सत्यापन की कोई अनिवार्यता लागू नहीं की गई है।
उचित दर की दुकानों पर राशन वितरण किस माध्यम से किया जा रहा है?
राशन वितरण ई-पॉस मशीनों के जरिए आधार आधारित बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन प्रमाणीकरण से किया जा रहा है।
यदि फिंगरप्रिंट बायोमीट्रिक सत्यापन असफल हो जाए तो क्या होगा?
लाभार्थी को उसी दिन दो अतिरिक्त मौके दिए जाते हैं, और उसके बाद भी सफलता न मिलने पर आईरिस स्कैन से सत्यापन किया जाता है।
यदि कार्डधारक का आईरिस स्कैन भी काम न करे तो राशन कैसे मिलेगा?
ऐसी स्थिति में राशनकार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी अन्य सदस्य निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके राशन प्राप्त कर सकता है।
राशन के लिए ओटीपी आधारित वितरण की सुविधा किन्हें मिलती है?
यह वैकल्पिक सुविधा केवल बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए है जो बायोमीट्रिक या आईरिस स्कैन कराने में असमर्थ हैं।
ओटीपी के माध्यम से राशन किस दिन दिया जाता है?
यह वैकल्पिक सुविधा प्रत्येक वितरण चक्र के अंतिम दिन विभागीय पोर्टल पर पहले से पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए दी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp