आगरा के रसोई से सीखें सरसों का साग बनाने का पारंपरिक तरीका, 45 मिनट की धीमी आंच में छिपा है असली स्वादउत्तराखंड के बागेश्वर में डीएम कोर्ट बना आकर्षण का केंद्र, एक ही जगह से दिखते हैं सरयू संगम और ऐतिहासिक बागनाथ मंदिररोशनी के त्योहार पर बजट फ्रेंडली खरीदारी के लिए दिल्ली के शीर्ष पांच बाजारकोहरे के चलते मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 16 के फेरे घटेजमीन की हलचल पर पैनी नजर रखने के लिए देशभर में खुलेंगे सौ नए भूकंप केंद्रदीपावली पूर्व 6 नवंबर तक लक्ष्मीनारायण व बुधादित्य योग, मकर समेत इन राशियों पर धनवर्षा के संकेतविशाखा नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश खोलेगा चार राशियों की किस्मत, धनतेरस से शुरू होगा आर्थिक तरक्की का दौरदीपावली पर जोधपुर में अनूठी पहल, आतिशबाजी के रूप में सजी अनार और कोटा चकरी वाली खास मिठाइयांगुवाहाटी के होटल बिलास इन में 5 लोगों की हत्या के मामले में आरोपी घनकांत गोगोई से क्राइम सीन कराया गया रीक्रिएटकुंडली के 3 विशेष भावों में वक्री शनि का प्रभाव: मेहनत से दिलाते हैं पद और धन
मनी प्लांट की ग्रोथ बढ़ाने के आसान घरेलू नुस्खे, इन बातों का रखें विशेष ध्यानट्रेंड्स
22 अक्तू॰ 2026, 7:32 am (11 दिन पहले)· 4

मनी प्लांट की ग्रोथ बढ़ाने के आसान घरेलू नुस्खे, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

मनी प्लांट की ग्रोथ रुकने पर घर में मौजूद चीजों से नेचुरल खाद तैयार की जा सकती है। गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा ने केले के छिलके, चायपत्ती और चावल के पानी के इस्तेमाल के साथ कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं।

घर की खूबसूरती बढ़ाने और हरियाली के लिए मनी प्लांट एक बेहद लोकप्रिय विकल्प माना जाता है, जिसे लगभग हर घर में आसानी से लगाया जा सकता है। इसके बावजूद कई बार तमाम कोशिशों के बाद भी इस पौधे की बढ़त अचानक रुक जाती है। कई मामलों में पौधों में नई पत्तियां निकलना बंद हो जाती हैं या फिर पुरानी पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगती हैं और गिरने लगती हैं। जब कोई पौधा लंबे वक्त तक एक ही मिट्टी के गमले में लगा रहता है, तो उसे पर्याप्त पोषण मिलना बंद हो जाता है और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कम हो जाती है। ऐसे हालात में केवल नियमित रूप से पानी डालते रहना ही काफी नहीं होता, बल्कि पौधे को सही मात्रा में प्राकृतिक खाद, धूप और उचित देखभाल की भी सख्त जरूरत होती है।

गार्डनिंग एक्सपर्ट की सलाह और घरेलू नुस्खे

जाने-माने गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा ने अपने एक यूट्यूब वीडियो के जरिए मनी प्लांट की सेहत सुधारने और उसकी ग्रोथ तेजी से बढ़ाने के कुछ असरदार घरेलू तरीके साझा किए हैं। उन्होंने विस्तार से समझाया है कि घर पर ही किन चीजों का इस्तेमाल करके पौधों के लिए बेहतरीन फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है और पौधे की देखभाल करते वक्त किन छोटी-छोटी गलतियों से बचना चाहिए ताकि पौधा हरा-भरा और घना बना रहे।

ये भी पढ़ें

केले के छिलके से बनाएं असरदार ऑर्गेनिक पाउडर

तरुण चोपड़ा के अनुसार, मनी प्लांट की ग्रोथ में सुधार के लिए केले के छिलके से तैयार किया गया ऑर्गेनिक पाउडर बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले केले के छिलकों को अच्छी तरह धूप में सुखा लेना चाहिए और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पीसकर एक बारीक पाउडर तैयार करना होता है। यदि आपके पास लगभग 8 से 10 इंच का गमला है, तो उसमें इस तैयार पाउडर की करीब 1 टेबलस्पून मात्रा का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। केले के छिलकों के अंदर भरपूर मात्रा में पोटैशियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधे के विकास में मदद करते हैं, हालांकि इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इसका असर हर पौधे पर एक जैसा हो यह जरूरी नहीं है।

चायपत्ती के इस्तेमाल से तैयार करें बेहतरीन फर्टिलाइजर

मनी प्लांट को पोषण देने के लिए रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चायपत्ती का भी बहुत अच्छे से उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को एक छन्नी में अच्छी तरह रखकर साफ पानी से धो लें ताकि उसमें दूध या चीनी का अंश बिल्कुल न बचे। इसके बाद इस धुली हुई चायपत्ती को 1 से 2 दिन तक तेज धूप में पूरी तरह सूखने के लिए छोड़ दें। जब यह अच्छी तरह सूख जाए, तो इसे बहुत ही सीमित मात्रा में पौधे की मिट्टी में मिलाया जा सकता है। चायपत्ती के अंदर प्राकृतिक कार्बनिक पदार्थ और कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसका इस्तेमाल करने से पौधे को नुकसान भी पहुंच सकता है।

चावल धोने के पानी का इस तरह करें सही इस्तेमाल

गार्डनिंग एक्सपर्ट के बताए गए तरीकों के मुताबिक, चावल धोने के बाद बचने वाले पानी को भी मनी प्लांट की सेहत के लिए बहुत उपयोगी माना गया है। इस पानी को सीधे ही पौधे में डालने के बजाय इसे सही अनुपात में मिलाना जरूरी होता है। सुझाव के अनुसार, 1 हिस्सा चावल का पानी और उसके साथ 4 हिस्से साफ सादा पानी मिलाकर पौधे की जड़ों में डालना चाहिए। इस प्रक्रिया को लगभग 15 से 20 दिन के नियमित अंतराल पर दोहराया जा सकता है, जिससे पौधे को लगातार हल्का पोषण मिलता रहता है।

वर्मी कंपोस्ट का सही और संतुलित उपयोग

मनी प्लांट को और अधिक हरा-भरा और घना बनाने के लिए वर्मी कंपोस्ट यानी केंचुआ खाद का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार, यदि आपके पास करीब 12 इंच का बड़ा गमला है, तो उसमें हर 30 से 40 दिन के भीतर लगभग 100 से 150 ग्राम वर्मी कंपोस्ट मिलाना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, गमले के वास्तविक आकार और पौधे की मौजूदा सेहत या स्थिति को देखते हुए इस तय मात्रा में थोड़ा बहुत बदलाव भी करना पड़ सकता है।

घनी और सुंदर पत्तियों के लिए इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

केवल समय-समय पर खाद या फर्टिलाइजर डाल देने से ही मनी प्लांट की ग्रोथ अच्छी हो जाए यह मुमकिन नहीं है, इसके लिए कुछ अन्य जरूरी बातों का भी पूरा ख्याल रखना पड़ता है। पौधे को हमेशा तेज और सीधी धूप से बचाकर ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहाँ उसे भरपूर मात्रा में छनकर आने वाली प्राकृतिक रोशनी मिल सके। इसके अलावा मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी कभी न डालें और गमले के नीचे रखी प्लेट में भी पानी बिल्कुल जमा न रहने दें। अधिक मात्रा में पानी भरा रहने से पौधे की जड़ें सड़ने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे पौधा खराब हो सकता है।

सवाल-जवाब

मनी प्लांट की ग्रोथ क्यों रुक जाती है?
लंबे समय तक एक ही मिट्टी में रहने से पोषक तत्वों की कमी होने के कारण मनी प्लांट की ग्रोथ रुक जाती है।
केले के छिलके की खाद कैसे तैयार करें?
केले के छिलकों को अच्छी तरह सुखाकर और छोटे टुकड़ों में काटकर पीसकर पाउडर बना लिया जाता है।
चायपत्ती की खाद बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को पानी से अच्छी तरह धोकर उसमें से दूध और चीनी निकाल दें, फिर धूप में सुखाएं।
चावल के पानी का उपयोग कैसे करना चाहिए?
1 हिस्सा चावल के पानी में 4 हिस्सा साफ पानी मिलाकर हर 15 से 20 दिन के अंतर पर पौधे में डालना चाहिए।
वर्मी कंपोस्ट कितनी मात्रा में डालनी चाहिए?
12 इंच के गमले में हर 30 से 40 दिन के भीतर लगभग 100 से 150 ग्राम वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मनी प्लांट को किस तरह की रोशनी में रखना चाहिए?
पौधे को तेज सीधी धूप से बचाकर ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ छनकर आने वाली अच्छी रोशनी मिले।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp