असम के गुवाहाटी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई को वारदात वाली जगह पर लेकर पहुंची। जांच अधिकारियों ने 2 नवंबर की सुबह जीएस रोड स्थित होटल बिलास इन परिसर में गोगोई की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का नाट्य रूपांतरण कराया, ताकि मौके पर मिले सुरागों और बयानों का आमना-सामना कराया जा सके।
गोलीबारी में पांच लोगों ने गंवाई थी जान
यह घातक वारदात 26 अक्टूबर की रात लगभग 9 बजे बोरा सर्विस के समीप घटी थी। अचानक चली गोलियों की चपेट में आकर पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। जान गंवाने वालों में हेलेना भराली, उनके बेटे देबर्षि ईशान कश्यप, बहू रिनिका, हेलेना के भाई भूदेव भराली और उनके केयरटेकर नारायण दास शामिल थे। इसी हमले के दौरान ड्राइवर सत्येंद्र पाठक गोली लगने से जख्मी हो गए थे, जिन्हें तुरंत गौहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था।
होटल लीज और बकाए को लेकर तनातनी
वारदात को अंजाम देने के करीब एक घंटे के भीतर ही सुरक्षाबलों ने गोगोई को दबोच लिया था। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके पास से.32-कैलिबर की एक पिस्तौल बरामद की, जिससे गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई है। शुरुआती पड़ताल के अनुसार, पूरा विवाद होटल बिलास इन के लीज नवीनीकरण, किराए के भुगतान और बिजली बिल के बकाए को लेकर चल रही खींचतान से जुड़ा हुआ था।
आधी रात तक पत्नी से पूछताछ
जांच के सिलसिले में पुलिस ने 1 नवंबर को पलटन बाजार थाने में गोगोई की पत्नी से लंबी पूछताछ की, जो देर रात तक जारी रही। पूछताछ के बाद सामने आई बातों के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद गोगोई ने अपनी पत्नी को फोन किया था। उस बातचीत में उसने दावा किया था कि कई लोग उस पर लगातार दबाव बना रहे थे। इसके साथ ही उसने अपनी पत्नी को बेटी सहित पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत भी दी थी।
कड़ियों को जोड़ने में जुटी जांच टीम
पुलिस अधिकारी अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि विवाद किस हद तक बढ़ गया था जिसने इस खूनी खेल का रूप ले लिया। घटनास्थल पर रीक्रिएशन कराए जाने से जांचकर्ताओं को उस रात की घटनाओं के सटीक क्रम को समझने और जुटाए गए तकनीकी व भौतिक सबूतों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।



















