शाम की गरमा-गरम चाय हो या फिर घर पर जुटने वाले मेहमानों के स्वागत की तैयारी, आलू और मटर-पनीर के मेल से बनी लाजवाब टिक्की हर महफिल का स्वाद बढ़ा देती है। ऊपर से बिल्कुल सुनहरी व करारी और भीतर से बेहद मुलायम तथा चटपटी, यह डिश बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की पसंदीदा बन जाती है। अमूमन लोग शिकायत करते हैं कि घर पर टिक्की बनाते समय वह पैन में जाते ही फटने लगती है या फिर बहुत ज्यादा चिकनाई सोख लेती है। अगर आलू और भरावन की नमी को सही ढंग से नियंत्रित किया जाए, तो बिना किसी झंझट के बाजार से भी बेहतर गुणवत्ता वाली खस्ता टिक्की तवे पर तैयार की जा सकती है।
टिक्की तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री का सटीक नाप
इस नमकीन नाश्ते को बनाने के लिए रसोई में मिलने वाले बुनियादी सामान की जरूरत होती है। सबसे पहले दो बड़े आकार के उबले हुए आलू ले लीजिए। भरावन के लिए आपको एक कप उबली हुई हरी मटर और करीब 200 ग्राम अच्छी तरह मसला हुआ ताजा पनीर चाहिए होगा। जायके को उभारने के लिए एक छोटा बारीक कटा प्याज, एक छोटा चम्मच ताजा अदरक-लहसुन का पेस्ट और स्वादानुसार दो से तीन बारीक कटी हुई हरी मिर्चें रख लें।
सूखे मसालों में एक छोटा चम्मच पिसा हुआ जीरा पाउडर, आधा छोटा चम्मच तीखी लाल मिर्च का पाउडर, आधा छोटा चम्मच सुगंधित गरम मसाला और आवश्यकतानुसार सादा नमक शामिल करें। टिक्की को एकसार बांधने और बाहर बेहतरीन कुरकुरापन देने के लिए लगभग आधा कप ब्रेडक्रम्ब्स की आवश्यकता पड़ेगी। इसका एक हिस्सा आलू के मिश्रण में मिलाया जाएगा और बाकी बचे हिस्से का इस्तेमाल टिक्की के बाहरी आवरण को लपेटने के लिए होगा। इसके अतिरिक्त टिक्कियों को तवे पर उथला तलने के लिए जरूरत के मुताबिक कुकिंग ऑयल की व्यवस्था कर लें।
सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकालने की महत्वपूर्ण तरकीब
टिक्की के बिखरने की सबसे बड़ी वजह कच्ची या उबली सब्जियों में बची रह जाने वाली नमी होती है। जब आप आलू उबालें, तो उन्हें तुरंत गर्म पानी से बाहर निकाल लें और पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडे होने के बाद ही उनका छिलका उतारें और कद्दूकस करें या हाथों से मसल लें। गर्म आलू बहुत चिपचिपे होते हैं और उनमें अतिरिक्त स्टार्च पानी छोड़ता है, जिससे आटा जैसा लचीलापन खत्म हो जाता है। आलू के गूदे में कोई भी सख्त गांठ या बड़ा टुकड़ा नहीं बचना चाहिए।
इसी तरह हरी मटर को उबालने के तुरंत बाद एक बारीक जालीदार छन्नी में रख दें ताकि उसका सारा पानी निथर जाए। मटर के दानों को केवल इतना ही पकाना है कि वे नरम हो जाएं, उन्हें इतना अधिक नहीं गलाना चाहिए कि वे पानी छोड़ दें। पनीर के मामले में भी यही सावधानी बरतें; यदि पनीर में मट्ठा या पानी महसूस हो, तो उसे कपड़े या छन्नी में दबाकर सुखा लें। सूखी सामग्री ही टिक्की को तवे पर अपना आकार बनाए रखने में मदद करती है।
मसालेदार मटर और पनीर का भरावन पकाने की विधि
एक फ्राइंग पैन को गैस चूल्हे पर रखकर उसमें बहुत थोड़ा सा तेल गर्म करें। जब तेल मध्यम गर्म हो जाए, तब उसमें बारीक कटा प्याज डालें और करछुल से लगातार चलाते हुए भूनें। प्याज को गहरा भूरा या जलाना नहीं है, केवल उसका कच्चापन दूर करके हल्का गुलाबी और पारदर्शी बनाना है। इसके बाद कटी हरी मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर एक मिनट तक धीमी आंच पर चलाएं, ताकि लहसुन की महक संतुलित हो जाए।
अब इस तड़के में उबली व सूखी हुई हरी मटर और मसला हुआ पनीर मिला दें। साथ ही जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक भी डाल दें। सभी चीजों को धीमी आंच पर करीब पांच से सात मिनट तक आपस में अच्छी तरह भूनें। भूनते समय करछुल के पिछले हिस्से से मटर के कुछ दानों को हल्का दबा दें ताकि वे बिखरने के बजाय पनीर के साथ अच्छी तरह बंध जाएं। भरावन को पूरी तरह मिक्सी में पीसने या हलवा बनाने की गलती न करें, थोड़ा दरदरापन मुंह में बहुत अच्छा स्वाद देता है। मिश्रण में जरा भी गीलापन दिखे तो आंच पर एक-दो मिनट अतिरिक्त सुखा लें, फिर गैस बंद करके इसे एक चौड़ी थाली में ठंडा होने के लिए फैला दें।
आलू का बाहरी आवरण तैयार करने का तरीका
उबले और मसले हुए आलू को एक गहरे बर्तन में निकालें। इसमें थोड़ा सा नमक और आधा कप ब्रेडक्रम्ब्स में से आधा हिस्सा यानी लगभग एक चौथाई कप ब्रेडक्रम्ब्स मिला दें। अपने हाथों से हल्के दबाव के साथ गूंधकर एक चिकना और ठोस डो बना लें। यदि आलू का गूदा चिपचिपा लग रहा हो, तो उसमें एक-दो चम्मच ब्रेडक्रम्ब्स और जोड़े जा सकते हैं।
ध्यान रखें कि ब्रेडक्रम्ब्स बहुत ज्यादा भी नहीं होने चाहिए, अन्यथा आलू की बाहरी परत रूखी हो जाएगी और तलते समय बिखर सकती है। हाथों की हथेलियों पर दो बूंद तेल लगाकर चिकना कर लें, ताकि आलू चिपकने के बजाय आसानी से मनचाहा आकार ले सके।
भरावन भरने और टिक्की को आकार देने का सही क्रम
आलू के मिश्रण से एक मध्यम आकार की लोई तोड़ें और उसे हथेली पर रखकर चपटा करें। इसे बीच से थोड़ा मोटा और किनारों से हल्का पतला फैलाएं, ठीक वैसे ही जैसे कचौड़ी या पराठे के लिए पेड़ा बनाया जाता है। अब इसके केंद्र में एक बड़ा चम्मच ठंडा किया हुआ मटर-पनीर का भरावन रखें।
आलू के किनारों को चारों तरफ से ऊपर उठाते हुए बीच में लाएं और भरावन को पूरी तरह ढक दें। जहां जोड़ मिले, उसे हल्के हाथों से सील करें ताकि कोई खाली दरार न रहे। इसके बाद दोनों हथेलियों के बीच घुमाते हुए गोल पेड़ा बनाएं और ऊपर से हल्का दबाकर चपटा कर लें। सारी टिक्कियों की मोटाई लगभग एक जैसी रखें, जिससे वे तवे पर एक समान समय में अंदर तक पक सकें। भरावन ज्यादा ठूंसने से बचें, क्योंकि अतिरिक्त भरावन तलते समय बाहर छलक सकती है।
ब्रेडक्रम्ब्स की कोटिंग और तवे पर सेंकने के नियम
एक समतल प्लेट में बचे हुए सूखे ब्रेडक्रम्ब्स को फैलाएं। तैयार की गई प्रत्येक टिक्की को इस चूरे में रखकर दोनों तरफ से हल्का सा दबाएं, ताकि ब्रेडक्रम्ब्स की एक बहुत महीन परत उसके ऊपर चिपक जाए। टिक्की के गोल किनारों को भी प्लेट में घुमाकर लपेट लें और जो अतिरिक्त सूखा चूरा हो, उसे हाथ से थपथपाकर झाड़ दें। यदि आपके पास समय हो, तो इन टिक्कियों को किसी प्लेट में रखकर पंद्रह से बीस मिनट के लिए फ्रिज में रख दें। ठंडक मिलने से आलू और ब्रेडक्रम्ब्स आपस में जम जाते हैं, जिससे सेंकते समय टिक्की खुलती नहीं है।
एक चौड़े नॉन-स्टिक या भारी तले वाले तवे पर आवश्यकतानुसार तेल डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब तेल से हल्की गर्माहट आने लगे, तब सावधानी से टिक्कियों को तवे पर रखें। तवे पर जरूरत से ज्यादा भीड़ न लगाएं, प्रत्येक टिक्की के बीच पर्याप्त खाली जगह रखें ताकि पलटना आसान हो। टिक्की डालने के बाद उसे कम से कम तीन से चार मिनट तक बिल्कुल न छुएं। जब नीचे की परत सुनहरी और कड़क हो जाए, तभी चपटे पलटे की मदद से उसे धीरे से पलटें। दोनों तरफ से गहरा सुनहरा रंग आने तक मध्यम आंच पर सेकें और फिर किचन पेपर पर निकाल लें। इन्हें तीखी पुदीने की हरी चटनी और मीठी सोंठ के साथ गरमा-गरम परोसें।



















