असंतुलित खानपान, प्रदूषण और तनाव के कारण बालों का झड़ना, बेजान होना और समय से पहले सफेद पड़ जाना बेहद आम बात हो चुकी है। इन दिक्कतों से राहत पाने के लिए कई लोग बाजार के महंगे शैंपू, कंडीशनर और स्पा ट्रीटमेंट पर भारी रकम खर्च करते हैं। हालांकि, दादी मोना चावला के अनुसार रसोई और घर में मौजूद पारंपरिक जड़ी-बूटियों की मदद से भी बालों को मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने इसके लिए आंवला, मेथी दाना, कलौंजी, करी पत्ता और चाय पत्ती के संयोजन से एक असरदार हेयर टॉनिक तैयार करने की विधि साझा की है।
सूखा आंवला तैयार करने का सही तरीका
इस घरेलू नुस्खे की शुरुआत शुद्ध आंवले से होती है। मोना चावला बताती हैं कि सबसे पहले बाजार से ताजा आंवला लाकर उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद आंवलों को कद्दूकस करें और किसी साफ सूती कपड़े पर फैलाकर धूप में सूखने के लिए रख दें। जब आंवले की नमी पूरी तरह खत्म हो जाए और वह अच्छी तरह सूख जाए, तो उसे किसी एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रख लें। इस तरह तैयार किया गया सूखा आंवला लंबे समय तक खराब नहीं होता और आवश्यकता पड़ने पर कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
लोहे की कढ़ाई में ऐसे पकाएं जड़ी-बूटियों का अर्क
इस नुस्खे को तैयार करने के लिए करीब चार चम्मच सूखा आंवला लें और उसे रातभर लोहे की कढ़ाई में पानी भरकर भिगो दें। रातभर लोहे के बर्तन में रहने से पानी का रंग गहरा काला हो जाता है। सुबह इस कढ़ाई को धीमी आंच पर गैस पर चढ़ाएं। इसके बाद इसमें दो चम्मच कलौंजी, दो चम्मच मेथी दाना और सात से आठ ताजे करी पत्ते डाल दें। इस पूरे मिश्रण को तब तक उबलने दें, जब तक कि कढ़ाई का पानी पककर आधा न रह जाए। जब पानी अच्छी तरह उबल जाए, तो गैस बंद कर दें और तरल को छन्नी की मदद से छानकर अलग रख लें।
चाय पत्ती का काढ़ा और नारियल तेल मिलाने की विधि
इस टॉनिक को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चाय पत्ती के अर्क का उपयोग किया जाता है। एक अलग बर्तन में चार चम्मच चाय पत्ती डालकर पानी में अच्छी तरह खौलाएं। जब एक गाढ़ा काढ़ा तैयार हो जाए, तो इसे छान लें। अब इस चाय पत्ती वाले पानी को पहले से छाने गए आंवले और मेथी वाले अर्क में मिला दें। अंत में इस पूरे मिश्रण में दो चम्मच शुद्ध नारियल का तेल डालें और चम्मच की मदद से सभी चीजों को एकसार होने तक मिलाएं। इस प्रकार बालों के पोषण के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक स्प्रे बनकर तैयार हो जाता है।
लगाने की सही तकनीक और सावधानियां
इस मिश्रण का इस्तेमाल करने से पहले बालों को सामान्य पानी और माइल्ड शैंपू से धोकर साफ कर लें ताकि स्कैल्प पर गंदगी न रहे। इसके बाद रुई के फाहे की मदद से इस तरल को सिर की त्वचा यानी जड़ों में और फिर बालों की पूरी लंबाई पर हल्के हाथों से लगाएं। मोना चावला के अनुसार, इसे लगाने के बाद कुछ देर के लिए छोड़ देना चाहिए और इसे दोबारा सादे पानी या शैंपू से धोने की आवश्यकता नहीं होती।
आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो बालों के रोमछिद्रों को पोषण देते हैं। मेथी दाने में मौजूद प्रोटीन बालों को मजबूती प्रदान करता है, जबकि करी पत्ता और नारियल तेल रूखेपन को खत्म कर प्राकृतिक चमक लौटाते हैं। वहीं चाय की पत्ती सफेद बालों को प्राकृतिक रंगत देने का काम करती है। हालांकि, इसे पूरे सिर पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। यदि बाल अत्यधिक मात्रा में गिर रहे हों या कोई गंभीर स्कैल्प संक्रमण हो, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ही बेहतर कदम है।



















