अजनार नदी की सफाई करके चर्चा में आए इक्कीस वर्षीय युवा बिट्टू तबाही ने सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का करारा जवाब दिया है। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने और सरकार के प्रयासों की सराहना करने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी ने उन पर निशाना साधा था। ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए लिखा था कि सारा काम अकेले एक लड़के ने किया और जब वह वायरल हो गया, तो उसे फोटो शूट के लिए बुलाया गया। उन्होंने सरकार और बिट्टू पर जनसंपर्क अभियानों के जरिए श्रेय लेने की होड़ का आरोप लगाया था। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और लाखों उपयोगकर्ताओं ने उस पोस्ट को समर्थन दिया।
इन तमाम आलोचनाओं और तंज का सामना करते हुए बिट्टू तबाही ने खुद सामने आकर सीधा जवाब दिया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि ध्रुव भैया यह क्रेडिट लेने की कोई बात नहीं है और सरकार ने पहले भी उनके इस अभियान की सराहना की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि असली मुद्दा नागरिक बोध और सिविक सेंस का है। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि आम नागरिक अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को समझें और स्वच्छता के इस महाअभियान में उनकी तरह आगे आकर अपना योगदान दें।
इस पूरे विवाद के केंद्र में वह अजनार नदी है जिसे साफ करने के लिए बिट्टू पिछले कई महीनों से लगातार प्रयास कर रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने पूरी तरह से अपने दम पर और अपने ही संसाधनों से नदी की सफाई का बीड़ा उठाया था। हालांकि बाद में उनके समर्पण को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी उन्हें पूरा सहयोग दिया। शनिवार को जब उन्होंने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की, तो मुख्यमंत्री ने उनकी जमकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस युवा की कहानी यह साबित करती है कि एक अकेला व्यक्ति भी समाज में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। बिट्टू ने सिर्फ एक नदी को पुनर्जीवित नहीं किया, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश दिया है कि सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किसी बड़ी भीड़ की आवश्यकता नहीं होती है।
बिट्टू तबाही के इस अनूठे स्वच्छता अभियान को सबसे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने नोटिस किया था और सार्वजनिक रूप से सराहा था। आनंद महिंद्रा की प्रशंसा मिलने के बाद उनके काम को व्यापक पहचान मिली और सोशल मीडिया पर उनके वीडियो के व्यूज तेजी से बढ़ने लगे। इसके बाद कुछ आलोचकों ने उन पर लाइक्स और व्यूज के लिए यह सब करने का आरोप भी लगाया। उस समय भी आनंद महिंद्रा ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा था कि यदि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में कोई सकारात्मक और अच्छा काम हो रहा है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस साल जनवरी और फरवरी के महीनों के बीच शुरू हुए इस अभियान को अब नौ महीने पूरे हो चुके हैं। सितंबर के महीने में जब बिट्टू ने नदी की साफ होने से पहले और बाद की तस्वीरें साझा कीं, तो देश भर के कई बड़े दिग्गजों ने उनके इस साहसिक कदम की सराहना की।



















