घर में कुत्ते या बिल्ली का होना पूरे माहौल को जीवंत और खुशहाल बना देता है, परंतु उनके साथ घर के साजो-सामान की देखरेख करना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है। कभी सोफे की गद्दियों पर चिपके रोएं और बाल दिखाई देते हैं, तो कभी कुर्सियों अथवा पर्दों पर उनके पंजों के निशान उभर आते हैं। कई बार खेलते-कूदते वक्त पालतू जानवर फर्नीचर के कपड़ों को पंजों से खींच भी देते हैं। ऐसे माहौल में अपने आशियाने को पेट फ्रेंडली बनाने का उपाय यह कतई नहीं है कि घर के हर खूबसूरत सामान को बदरंग कवरों से पूरी तरह ढक दिया जाए।
नया फर्नीचर खरीदते समय अथवा घर की आंतरिक साज-सज्जा की योजना बनाते वक्त यदि कुछ बुनियादी बातों पर ध्यान दिया जाए, तो नियमित साफ-सफाई का झंझट काफी हद तक घट जाता है और साजो-सामान की उम्र भी लंबी बनी रहती है। खासकर बैठने वाले सोफे, कुर्सियां, खिड़कियों के पर्दे और पालतू जानवरों के पसंदीदा विश्राम स्थलों के चयन में समझदारी दिखाना अत्यंत उपयोगी रहता है।
सोफे और कुर्सियों के लिए सही फैब्रिक का चयन
जिस घर में पालतू जानवर मौजूद हों, वहां फर्नीचर के कपड़े का चयन केवल उसकी बाहरी सुंदरता या चमक-दमक देखकर नहीं किया जाना चाहिए। उसकी बनावट, बुनाई की सघनता और धोने अथवा पोंछने की सुविधा को परखना सबसे पहला कदम होना चाहिए। अत्यधिक ढीली बुनाई वाले फैब्रिक में बिल्ली या कुत्ते के बाल बहुत आसानी से अंदर तक उलझ जाते हैं। इसके अतिरिक्त ऐसे कपड़ों में जानवरों के नुकीले पंजे फंसकर धागे खींचने का जोखिम भी काफी अधिक रहता है।
इस समस्या से बचने के लिए अपेक्षाकृत सघन और घनी बुनाई वाले कपड़ों को प्राथमिकता दी जा सकती है। रोजमर्रा के घरेलू इस्तेमाल के लिहाज से परफॉर्मेंस फैब्रिक अथवा टेक्सचर्ड कपड़े काफी टिकाऊ विकल्प सिद्ध होते हैं। फर्नीचर का कपड़ा तय करते वक्त यह भी जांच लें कि यदि उस पर किसी प्रकार का दाग-धब्बा लग जाए, तो उसे साफ करना कितना सरल है। यदि आपका पालतू जानवर सोफे पर नियमित बैठता या सोता है, तो वहां बाल एकत्रित होना पूरी तरह स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में नियमित अंतराल पर वैक्यूम क्लीनर चलाना और फैब्रिक की जरूरत के अनुसार उचित सफाई प्रक्रिया अपनाना फर्नीचर को व्यवस्थित रखने में मदद करता है।
रंग और पैटर्न के चुनाव से कम दिखेगी गंदगी
पालतू जानवरों के अनुकूल फर्नीचर में केवल कपड़े की मजबूती ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उसका शेड और प्रिंट भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बहुत हल्के या अत्यधिक गहरे रंग के सादे फैब्रिक पर गिरे हुए बाल तुरंत और दूर से ही साफ नजर आने लगते हैं। उदाहरण के तौर पर गहरे काले या सफेद प्लेन कपड़े पर रोएं फौरन ध्यान खींचते हैं।
इसी कारण दैनिक उपयोग के लिए संतुलित मिड-टोन रंग अथवा बारीक पैटर्न वाले फैब्रिक कहीं अधिक व्यावहारिक साबित होते हैं। जिन कपड़ों पर सूक्ष्म प्रिंट अथवा हल्की बनावट होती है, उन पर रोजमर्रा के उपयोग से उभरे छोटे-मोटे निशान और गिरे बाल बहुत ज्यादा उभरकर सामने नहीं आते। इसका यह अभिप्राय बिल्कुल नहीं है कि ऐसे फैब्रिक को साफ करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी, बल्कि सफाई की नियमित दिनचर्या तब भी उतनी ही अनिवार्य बनी रहेगी।
पालतू जानवरों के पसंदीदा विश्राम स्थल का प्रबंधन
यदि आपके घर का कुत्ता या बिल्ली किसी निर्धारित कोने, खास सोफे या किसी विशेष कुर्सी पर अपना अधिकांश समय बिताना पसंद करता है, तो उस पूरे क्षेत्र के इर्द-गिर्द कांच अथवा नाजुक सजावटी वस्तुओं की संख्या सीमित रखना बुद्धिमानी है। ऐसा करने से पालतू जानवर के अचानक कूदने, टकराने अथवा सामान गिराकर नुकसान करने की आशंका बहुत कम हो जाती है।
इसके साथ ही उनके लिए उसी स्थान पर एक अलग आरामदायक गद्देदार बेड, चटाई या विशेष मैट बिछा देना एक उत्तम समाधान हो सकता है। जब पालतू जीव को अपना स्वयं का सुरक्षित और आरामदायक ठिकाना मिल जाता है, तो मुख्य फर्नीचर पर उसके बार-बार चढ़ने और सोने की आदत में धीरे-धीरे कमी आने लगती है।
पर्दों और लटकते कपड़ों की देखभाल
कमरे के मुख्य फर्नीचर के अलावा खिड़कियों और दरवाजों के पर्दों पर भी पालतू जानवरों के पंजों और झड़े हुए बालों का असर पड़ता है। विशेष रूप से वे पर्दे जो लंबाई में फर्श को छूते हैं, खेलते-दौड़ते समय जानवरों की सीधी पहुंच में आ जाते हैं और वे उन्हें झपट्टा मारकर खींच सकते हैं।
इसलिए ऐसे घरों में मजबूत धागों से तैयार और सरलता से धुलने वाले पर्दों का चयन करना चाहिए। पर्दों की लंबाई फर्श से तनिक ऊपर रखना एक सुरक्षित तरीका है, जिससे वे जमीन पर न घिसें और जानवरों के खेलने की जद से बाहर रहें। घर सजाते समय पालतू जीव के घूमने-फिरने के रास्तों को ध्यान में रखकर ही पर्दों और वस्त्रों की व्यवस्था करनी चाहिए। नियमित रूप से की जाने वाली हल्की सफाई से घर हमेशा स्वच्छ बना रहता है।



















