सर्दियों का मौसम दस्तक देते ही बाजारों में ताजी हरी पत्तेदार सब्जियां प्रचुर मात्रा में मिलने लगती हैं। इस दौरान घरों में पालक का उपयोग काफी बढ़ जाता है और लोग कई तरह के व्यंजन जैसे पालक पनीर, आलू पालक या पालक की दाल बनाना पसंद करते हैं। हालांकि, लगातार एक ही प्रकार की सब्जी से बोरियत महसूस होने पर कुछ नया और अलग आजमाया जा सकता है। आज हम आपको एक बेहतरीन और स्वादिष्ट व्यंजन लहसुनी पालक तैयार करने की सरल विधि के बारे में बता रहे हैं। इस खास सब्जी की मुख्य विशेषता इसमें प्रयुक्त होने वाला लहसुन है, जो इसके जायके और महक को पूरी तरह बदल देता है। शुद्ध घी में भुने हुए लहसुन और सूखी लाल मिर्च का बघार लगते ही एक सामान्य पालक भी लजीज बन जाता है।
इस लजीज डिश को पकाने के लिए किसी भारी-भरकम सामग्री या लंबे समय की कोई आवश्यकता नहीं होती है। रसोई घर में पहले से मौजूद मसालों के साथ लगभग बीस मिनट के भीतर ही लहसुनी पालक बनकर तैयार हो जाता है। यह व्यंजन गर्मागर्म रोटियों, पराठों के अलावा दाल और चावल के साथ भी बेहद शानदार लगता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके निर्माण के दौरान पालक को ज्यादा देर तक पकाने की जरूरत नहीं पड़ती है। शेफ विशाल श्रीवास्तव की इस विशेष रेसिपी की सहायता से कोई भी आसानी से घर पर बेहतरीन लहसुनी पालक तैयार कर सकता है।
लहसुनी पालक बनाने के लिए जरूरी सामग्री की बात करें तो सबसे पहले एक बड़ा कटोरा पालक लेना चाहिए। इसे अच्छी तरह धोने के बाद हल्का उबालना होता है और फिर बारीक काटना पड़ता है। इसके अतिरिक्त एक बड़ा चम्मच घी, एक चौथाई छोटा चम्मच जीरा, दो बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ लहसुन, एक छोटा प्याज, एक छोटा चम्मच कटी हुई हरी मिर्च तथा दो साबुत सूखी लाल मिर्च की आवश्यकता होती है। मसालों की सूची में एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, एक चौथाई छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक शामिल करना चाहिए। डिश में लहसुन का सही स्वाद पाने के लिए हमेशा ताजा लहसुन ही काम में लेना सबसे उत्तम रहता है।
इस रेसिपी को शुरू करने से पहले पालक की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना बहुत आवश्यक होता है। पालक की पत्तियों पर अकसर मिट्टी जमी रहती है, इसलिए इन्हें दो से तीन बार स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके पश्चात एक बर्तन में पानी गर्म करके पालक को उसमें कुछ देर के लिए छोड़ देना चाहिए। जब पत्तियां नरम हो जाएं, तब उन्हें पानी से बाहर निकाल लेना चाहिए। अब अतिरिक्त पानी को हटाकर पालक को महीन टुकड़ों में काट लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पालक को अत्यधिक समय तक नहीं उबालना है, क्योंकि हल्का उबालने से पत्तियां केवल नरम होती हैं और अगली प्रक्रिया में समय कम लगता है।
अब चूल्हे पर एक कड़ाही चढ़ाकर उसमें एक बड़ा चम्मच घी गर्म करना चाहिए। घी के गर्म होने पर जीरा डालकर उसे हल्का चटकाएं। इसके तुरंत बाद बारीक कटा हुआ लहसुन और साबुत सूखी लाल मिर्च को कड़ाही में डालकर कुछ पलों के लिए भूनें। जैसे ही लहसुन की सौंधी खुशबू आने लगे, उसमें बारीक कटा हुआ प्याज मिला देना चाहिए। प्याज को मध्यम आंच पर तब तक पकाना चाहिए जब तक वह पारदर्शी और मुलायम न हो जाए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लहसुन को लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि वह जल न पाए, क्योंकि अत्यधिक जला हुआ लहसुन सब्जी के स्वाद को कड़वा कर सकता है.
जब प्याज पूरी तरह से मुलायम हो जाए, तब कड़ाही में बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालनी चाहिए। इसके बाद हल्दी और लाल मिर्च पाउडर को मिलाकर कुछ सेकंड तक भूनना आवश्यक होता है। अब पहले से उबलकर तैयार और कटा हुआ पालक कड़ाही के अंदर डाल दें। सभी घटकों को आपस में भली-भांति मिलाएं ताकि मसालों और लहसुन का पूरा जायका पालक के अंदर तक समा जाए। इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार नमक डालें और इस मिश्रण को कुछ मिनटों तक पकने दें। बीच-बीच में इसे चलाते रहना चाहिए ताकि मिश्रण कड़ाही की तली से न चिपके। जब पालक का अतिरिक्त moisture कम हो जाए और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं, तब आंच बंद कर दें और तैयार डिश को एक बर्तन में पलट लें।
लहसुनी पालक का वास्तविक स्वाद इसके ऊपर से लगाए जाने वाले अंतिम तड़के से ही उभरकर आता है। इसके लिए एक छोटे बर्तन में एक बड़ा चम्मच शुद्ध घी गर्म करना चाहिए। उसमें आधा छोटा चम्मच जीरा डालें और जब वह चटकने लगे तो एक छोटा चम्मच पतला कटा हुआ लहसुन और एक साबुत सूखी लाल मिर्च मिला दें। लहसुन को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनना चाहिए, यह ध्यान रखते हुए कि उसका रंग हल्का सुनहरा ही रहे। अब इस खौलते हुए तड़के को पहले से तैयार पालक के ऊपर उड़ेल देना चाहिए। अंत में टमाटर के पतले टुकड़ों से इसकी सजावट की जा सकती है, जिससे यह देखने में भी बेहद आकर्षक लगे।
लहसुनी पालक बनाते वक्त कुछ छोटी मगर महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। सबसे पहले तो पालक को कभी भी जरूरत से ज्यादा नहीं उबालना चाहिए, अन्यथा इसका मूल रंग और स्वाद दोनों प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी मुख्य बात यह है कि लहसुन को हमेशा धीमी या मध्यम आंच पर ही भूनना चाहिए क्योंकि तेज आंच पर वह बहुत जल्दी जल सकता है। इसके अलावा सब्जी में अलग से बहुत अधिक पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि उबले हुए पालक में पहले से ही पर्याप्त नमी मौजूद रहती है। यदि आपको तीखा भोजन पसंद है, तो आप अपनी रुचि के अनुसार हरी मिर्च और लाल मिर्च की मात्रा में बदलाव कर सकते हैं।
तैयार होने के बाद लहसुनी पालक को हमेशा गर्मागर्म ही परोसा जाना चाहिए। इसके साथ गेंहू से बनी सादी रोटियां, मिस्सी रोटी या पराठे का आनंद लिया जा सकता है। यदि आप दोपहर के भोजन में दाल और चावल तैयार कर रहे हैं, तो यह सब्जी उसके साथ भी बहुत अच्छी संगत देती है। शुद्ध घी और लहसुन का अनूठा बघार इस साधारण पत्तेदार सब्जी के स्वाद को पूरी तरह बदल देता है। यदि आपके घर के सदस्य सामान्य पालक खाने से कतराते हैं, तो उन्हें इस विधि से यह रेसिपी बनाकर अवश्य परोसी जा सकती है। यह व्यंजन कम समय में तैयार होता है और आपके रोजाना के भोजन में एक नया और बेहतरीन स्वाद जोड़ने का सबसे सरल मार्ग है।


















