समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में गरमाहट आ गई है। इंटरनेट पर साझा की जा रही इस क्लिप में अखिलेश यादव कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के भीतर सबसे बड़े घुसपैठिये वास्तव में उत्तराखंड के ही लोग हैं। इस विवादित बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों के नेताओं और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी प्रमुख की तीखी आलोचना शुरू कर दी है, जिससे दोनों राज्यों की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
देवभूमि और वीरभूमि के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप
इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसका इतिहास देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए दिए गए बलिदानों से भरा हुआ है। पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि इस पवित्र धरती ने भारत को महान संत, जांबाज सैनिक और राष्ट्र निर्माण के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले कई समर्पित व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे में उत्तराखंड के स्वाभिमानी नागरिकों को घुसपैठिया करार देना उनके आत्मसम्मान, पहचान और लंबे संघर्ष का सीधा अपमान है।
मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड की दिलाई याद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल की घटनाओं का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता उस दौर को कभी नहीं भुला सकती जब पृथक राज्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा था। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे और उसी दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई गई थीं। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उस दौर में आंदोलनकारियों पर बर्बरता से गोलियां चलाई गई थीं और आज उसी विरासत को आगे बढ़ाने वाले उनके पुत्र अखिलेश यादव उत्तराखंड के लोगों को उत्तर प्रदेश में घुसपैठिया बता रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता अपने ऐतिहासिक बलिदान और संघर्ष की इस पीड़ा को कभी विस्मृत नहीं कर सकती।
कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए तीखे सवाल
अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार करने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को भी इस विवाद के घेरे में खींच लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक गठबंधन सहयोगी अखिलेश यादव के इस कथित बयान से पूरी तरह सहमत है। पुष्कर सिंह धामी ने पूछा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व को उत्तराखंड के सम्मानित निवासियों को घुसपैठिया कहा जाना स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता के सामने कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस अपमानजनक बयान का समर्थन करती है या फिर इसके खिलाफ कोई स्पष्ट स्टैंड लेगी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वायरल क्लिप को लेकर विभिन्न डिजिटल मंचों पर व्यापक चर्चा चल रही है। जहां एक ओर राजनीतिक विरोधी समाजवादी पार्टी प्रमुख के इस बयान को उत्तराखंड के नागरिकों का अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस बयान के संदर्भ और प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच क्षेत्रीय और राजनीतिक संवाद को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है।


















