सामान्य तौर पर कपड़े धोने के बाद भी उनमें सीलन या पसीने की महक बनी रहती है, और ऐसी स्थिति में केवल अधिक मात्रा में डिटर्जेंट का उपयोग करना ही एकमात्र समाधान नहीं होता है। बहुत से घरों में इस समस्या से निपटने के लिए रसोईघर में मौजूद सफेद सिरके का इस्तेमाल किया जाता है, जो सुनने में भले ही असामान्य लगे, लेकिन सही समय और उचित मात्रा में उपयोग करने पर यह कपड़ों पर जमे डिटर्जेंट के अवशेषों को साफ करने और दुर्गंध दूर करने में असरदार साबित हो सकता है। यह तरीका विशेष तौर पर सूती कपड़ों, जिम के पहनने वाले वस्त्रों और तौलियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि सिरका किसी भी सूरत में डिटर्जेंट का विकल्प बन सकता है। इसके अलावा, इसे वॉशिंग मशीन में किसी भी प्रकार से डाल देना भी सही नहीं माना जाता है, क्योंकि गलत मात्रा या अन्य रसायनों के साथ संपर्क में आने पर यह कपड़ों के साथ-साथ मशीन को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए इस घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले इसके सही इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया और जरूरी सावधानियों को समझ लेना समझदारी होती है।
कड़े हो चुके तौलियों की नरमी वापस लाने का तरीका
बार-बार पानी से धोने की प्रक्रिया के कारण तौलिए समय के साथ खुरदुरे और कड़े महसूस होने लगते हैं, जिसके पीछे का मुख्य कारण कपड़ों के रेशों में डिटर्जेंट और पानी के मिनरल्स का जम जाना होता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभार सफेद सिरके का उपयोग करने से इन जमी हुई परतों को बाहर निकालने में सहायता मिलती है, जिससे तौलिया पहले की तुलना में अधिक मुलायम महसूस होने लगता है। इसके अतिरिक्त, जो कपड़े काफी लंबे समय तक पहने जाने के बाद धुलाई के लिए जाते हैं या जिम के दौरान उपयोग किए जाते हैं, उनमें पसीने की बदबू आसानी से घर कर जाती है और सिरका इस तरह की जिद्दी महक को कम करने में भी मदद करता है। जब कपड़ों को अच्छी तरह धोने के बाद भी उनमें हल्की बदबू बनी रहती है, तब यह घरेलू उपाय काफी काम आ सकता है।
वॉशिंग मशीन में सिरका डालने की सही जगह और तरीका
सिरका इस्तेमाल करते वक्त सबसे महत्वपूर्ण बात यह ध्यान रखनी होती है कि इसे किस प्रकार डाला जाए। सामान्य रूप से कपड़े धोते समय इसे सीधे डिटर्जेंट के साथ मिलाने की बजाय फैब्रिक सॉफ्टनर वाले कंपार्टमेंट में डालना ज्यादा सही माना जाता है, ताकि यह प्रक्रिया रिंस साइकिल के दौरान पूरी हो सके। धुलाई के एक सामान्य लोड के लिए लगभग आधा कप सफेद सिरका उपयोग में लाया जा सकता है। फिर भी, मशीन के अलग-अलग मॉडलों, कपड़ों की कुल मात्रा और निर्माता के दिशा-निर्देशों में भिन्नता हो सकती है, इसलिए अपनी मशीन के मैनुअल में दी गई जानकारी को ही प्राथमिकता देना उचित रहता है।
मशीन की अंदरूनी सफाई और उपयोग से जुड़ी सावधानियां
कई लोग अपनी वॉशिंग मशीन की अंदरूनी सफाई करने के उद्देश्य से भी खाली मशीन में सिरके का उपयोग करते हैं, लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि हर मशीन इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त नहीं होती है। विशेष तौर पर नई मशीनों के मामले में निर्माता की सलाह देखना बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि एसिडिटी वाले पदार्थों का बार-बार इस्तेमाल मशीन के रबर सील जैसे नाजुक हिस्सों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। यदि मशीन बनाने वाली कंपनी इसकी अनुमति देती है, तभी उचित मात्रा में सिरका डालकर खाली सफाई चक्र चलाने के बारे में सोचना चाहिए और इसके बाद मशीन को पूरी तरह साफ पानी से खंगालना भी आवश्यक होता है।
किन कपड़ों पर करें इस्तेमाल और किनसे बनाएं दूरी
सूती वस्त्र, रोजमर्रा के मजबूत फैब्रिक, बेडशीट और तौलियों पर कभी-कभार सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है, और पसीने की महक वाले स्पोर्ट्सवियर पर भी यह मददगार साबित होता है। इसके विपरीत, रेशम के कपड़े, बहुत नाजुक ऊन और ऐसे वस्त्र जिन पर विशेष देखभाल के निर्देश लिखे होते हैं, उन पर बिना ठीक से जांचे सिरके का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। किसी भी महंगे या संवेदनशील कपड़े के मामले में उसके फैब्रिक केयर लेबल के निर्देशों का ही पालन करना चाहिए। इसके अलावा, सिरके और ब्लीच को कभी भी एक साथ नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि इन दोनों रसायनों के मिलने से अत्यंत खतरनाक गैस का निर्माण हो सकता है। साथ ही, जरूरत से ज्यादा सिरका डालने से कपड़ों की सफाई बेहतर नहीं होती है, बल्कि इसका अत्यधिक उपयोग मशीन और कपड़ों दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।



















