टेलीविजन जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री सुरभि चंदना अपनी पेशेवर सफलता और व्यक्तिगत जीवन के खूबसूरत संतुलन को लेकर बेहद खुश नजर आ रही हैं। मनोरंजन के क्षेत्र में अपनी खास पहचान दर्ज कराने वाली अभिनेत्री का मानना है कि उनकी इस सफलता की बुनियाद में उनके पति करण शर्मा का अटूट सहयोग रहा है। अपने करियर के इस मुकाम पर पहुंचकर सुरभि अपने पति के योगदान को खुले दिल से स्वीकार करती हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि आज वह अपने अभिनय करियर में जिस ऊंचाई पर खड़ी हैं, उसका सबसे बड़ा श्रेय उनके पति को जाता है, जिन्होंने उनके सपनों को पंख देने के लिए अपने निजी जीवन के कई महत्वपूर्ण अवसरों को मुस्कुराते हुए कुर्बान कर दिया।
21 साल की उम्र से शुरू हुआ 15 सालों का लंबा सफर
सुरभि चंदना और करण शर्मा का यह रिश्ता एक दशक से भी अधिक लंबे साथ और गहरे विश्वास पर टिका हुआ है। दोनों एक-दूसरे के साथ तब से जुड़े हुए हैं जब वे महज 21 वर्ष के थे। अब 36 वर्ष की आयु में पहुंच चुके इस जोड़े ने अपने जीवन के 15 साल एक साथ बिताए हैं। इतने लंबे सफर के दौरान दोनों ने जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव का सामना कंधे से कंधा मिलाकर किया है। सुरभि का कहना है कि वे दोनों सिर्फ एक-दूसरे के साथी नहीं रहे, बल्कि समय के साथ एक साथ परिपक्व भी हुए हैं। जब सुरभि अपनी उच्च शिक्षा के तहत एमबीए की पढ़ाई कर रही थीं, तब करण उनके साथ खड़े थे। इसके बाद जब करण अपनी आगे की पढ़ाई के लिए लंदन गए, तो सुरभि ने उनका पूरा साथ दिया। बाद में जब सुरभि ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा, तो करण ने उनका हाथ थामे रखा और उनके संघर्ष से लेकर सफलता तक के पूरे सफर के साक्षी बने।
ऑडिशन की लंबी लाइनों से लेकर पारिवारिक त्यौहारों के बलिदान तक
अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि जब वह ऑडिशन देने जाती थीं, तब करण खुद अपनी गाड़ी से उन्हें लेकर जाते थे। ऑडिशन स्थलों के बाहर जब सुरभि को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था, तब करण बिना किसी शिकायत या झिझक के अपनी कार में बैठकर उनका इंतजार करते थे। सुरभि के ऑडिशन और उनका करियर करण के लिए इतना महत्वपूर्ण था कि उन्होंने कई बार अपने परिवार के बड़े-बड़े समारोहों, कार्यक्रमों और त्यौहारों तक में जाना छोड़ दिया। करण का हमेशा यही प्रयास रहता था कि सुरभि अपना पूरा ध्यान केवल अपने ऑडिशन पर केंद्रित रख सकें।
कामयाबी का असली श्रेय और सादगी भरा जश्न
हालांकि ऑडिशन के दौर में सुरभि की माताजी भी उनके साथ जाया करती थीं, लेकिन अभिनेत्री का मानना है कि करण ने उनकी हर छोटी और बड़ी आकांक्षा का बेहद आत्मीयता से ख्याल रखा है। यही कारण है कि वह करण को अपनी कामयाबी का असली हीरो मानती हैं। आज जब यह जोड़ी अपनी जिंदगी में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करती है, तो वे दिखावे के लिए किसी बड़ी पार्टी का आयोजन करने के बजाय एक-दूसरे की मौजूदगी में बेहद सादगी के साथ उसका जश्न मनाते हैं। दोनों को घूमना-फिरना और बेहतरीन व्यंजनों का स्वाद लेना बहुत पसंद है। इसीलिए जब भी अवसर मिलता है, वे मॉस्को, मालदीव या मलेशिया जैसी खूबसूरत जगहों पर डेट नाइट और छुट्टियों की योजना बना लेते हैं। सुरभि का कहना है कि दोनों ने अपने-अपने काम में दिन-रात कड़ी मेहनत की है और उसी मेहनत का सुखद परिणाम है कि आज वे अपनी जिंदगी को खुलकर एंजॉय कर पा रहे हैं।



















