भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया में अपनी दमदार आवाज और गंभीर अभिनय से अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता अनुपम श्याम ओझा की जीवन यात्रा कला और संघर्ष का अनूठा उदाहरण रही। 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' शो में ठाकुर सज्जन सिंह का किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी खास जगह बनाई थी। पर्दे पर कड़क और दबंग छवि में नजर आने वाले इस कलाकार को अपने अंतिम दिनों में गंभीर शारीरिक बीमारी और आर्थिक दिक्कतों से गुजरना पड़ा था।
प्रतापगढ़ से थिएटर्स तक का शुरुआती दौर
अनुपम श्याम ओझा का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान अभिनय की तरफ था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कला के क्षेत्र में कदम रखा और लखनऊ स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी से अभिनय की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रसिद्ध श्रीराम सेंटर रंगमंडल के साथ जुड़कर थिएटर में अपने अभिनय को निखारा। रंगमंच पर अनुभव हासिल करने के बाद वे अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई चले आए।
अंतरराष्ट्रीय सिनेमा से लेकर बॉलीवुड की प्रमुख फिल्में
मुंबई आने के बाद शुरुआत में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और छोटे किरदारों से काम चलाना पड़ा। उनके करियर को अंतरराष्ट्रीय फिल्म 'लिटिल बुद्धा' से बड़ा अवसर मिला। इसके बाद शेखर कपूर के निर्देशन में बनी चर्चित फिल्म 'बैंडिट क्वीन' में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। समय के साथ उन्होंने 'लगान', 'नायक', 'शक्ति', 'स्लमडॉग मिलियनेयर', 'वांटेड', 'हल्ला बोल' और 'रक्त चरित्र' जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों में ज्यादातर उन्हें नकारात्मक, सख्त या दबंग किरदारों में देखा गया।
'प्रतिज्ञा' का दौर और ठाकुर सज्जन सिंह की पहचान
वर्ष 2009 में स्टार प्लस पर प्रसारित हुए धारावाहिक 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' ने अनुपम श्याम के करियर को नया आयाम दिया। इस शो में उनके द्वारा निभाया गया ठाकुर सज्जन सिंह का किरदार बेहद लोकप्रिय हुआ। उनकी भारी-भरकम आवाज, खास लहजा और संवाद अदायगी के दर्शक मुरीद हो गए। इस एक किरदार ने उन्हें भारतीय टेलीविजन जगत में अमर बना दिया। इसके बाद उन्होंने 'प्रतिज्ञा 2' सहित कई अन्य धारावाहिकों में भी अभिनय किया।
गंभीर बीमारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली आर्थिक मदद
पेशेवर जिंदगी में सफलता पाने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां खड़ी हो गईं। अनुपम श्याम लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ता था। लंबे समय तक चले इलाज के कारण मेडिकल खर्च बहुत बढ़ गया, जिससे उनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। इस दौरान उनके भाई ने इलाज के लिए आर्थिक मदद की सार्वजनिक अपील की थी।
जब इस बात की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली, तो उन्होंने तुरंत सहायता का हाथ बढ़ाया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अस्पताल को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद भेजी गई। अनुपम श्याम ने इस मदद पर अपना आभार व्यक्त करते हुए बताया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे और उनके अभिनय काम से भली-भांति परिचित थे।
कैमरे के सामने वापसी और अंतिम सांस
इलाज के दौरान जब उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ, तो उन्होंने दोबारा काम करने का हौसला दिखाया और 'मन की आवाज प्रतिज्ञा 2' की शूटिंग शुरू कर दी। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं लगातार बनी रहीं। आखिरकार 8 अगस्त 2021 को मुंबई के एक अस्पताल में 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।



















