टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक अनुपमा की कहानी में एक बार फिर नए पारिवारिक और कारोबारी मोड़ देखने को मिले हैं। ताजा घटनाक्रम में सरिता अपनी सफलता का पूरा श्रेय अनुपमा को देते हुए उनकी जमकर सराहना करती है। सरिता का कहना है कि अनुपमा ने ही उसे समाज में सिर उठाकर स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया है। इसी कृतज्ञता के तहत अनीता और सरिता मिलकर अनुपमा को गुरु दक्षिणा देने का फैसला करती हैं और उन्हें पैसों का चेक सौंपती हैं। अनुपमा शुरुआत में इस चेक को स्वीकार करने से साफ इनकार कर देती है, लेकिन हंसमुख और दिग्विजय के प्यार से समझाने के बाद वह मान जाती है। सरिता से प्राप्त 5 लाख रुपये की इस सहायता से अनुपमा के नए प्लॉट के डाउन पेमेंट की राह बेहद आसान हो जाती है। इसी बीच किंजल के विशेष आग्रह पर सरिता और अनीता शाह निवास में गणेश चतुर्थी मनाने के लिए रुक जाती हैं, जिसे देखकर अनुपमा बेहद प्रसन्न होती है।
प्लॉट के डाउन पेमेंट को लेकर दिग्विजय की समझाइश
धारावाहिक के दृश्य में आगे अनुपमा अकेले खुशी से झूमती और नाचती नजर आती है। तभी दिग्विजय वहां पहुंचता है और अनुपमा को देखने लगता है। शुरुआत में अनुपमा को थोड़ी असहजता महसूस होती है, किंतु कुछ ही पलों में दिग्विजय भी उसके साथ नृत्य में शामिल हो जाता है। दोनों मिलकर नए खरीदे जाने वाले प्लॉट के डाउन पेमेंट पर बातचीत करते हैं। अनुपमा मन ही मन इस बात को लेकर सशंकित है कि प्रॉपर्टी के इस सौदे में कहीं उसके साथ कोई धोखा या ठगी न हो जाए। इस पर दिग्विजय उसे आश्वस्त करता है और महत्वपूर्ण सलाह देता है कि किसी को भी रकम देने से पहले प्रॉपर्टी के सभी कागजात और कानूनी पहलुओं की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए।
इशानी और बंकू के रिश्ते में आई दरार
शाह परिवार की दूसरी पीढ़ी में भारी तनाव का माहौल देखने को मिलता है, जहां बंकू और इशानी के बीच तकरार काफी बढ़ चुकी है। राही और परी जब हालात समझने की कोशिश करती हैं, तब इशानी फूट-फूटकर रोने लगती है और खुलासा करती है कि बंकू के साथ उसका रिश्ता टूट चुका है। इशानी का आरोप है कि बंकू उसके सच्चे जज्बातों की कद्र नहीं करता और लगातार सामाजिक रुतबे, वर्ग और स्टेटस की बातें करता रहता है। दूसरी तरफ बंकू राही के सामने स्पष्ट कर देता है कि वह इशानी से जानबूझकर दूरी बना रहा है। इस नाजुक मोड़ पर राही और परी दोनों को तसल्ली देती हैं और उन्हें अपने रिश्ते व प्यार के लिए खड़े होने का हौसला देती नजर आती हैं।
लव यू जिंदगी कैफे के साथ नई पार्टनरशिप की पेशकश
कहानी में व्यावसायिक मोड़ तब आता है जब विवेक नाम का एक शख्स प्रेम और राही से संपर्क करता है। विवेक बड़े इन्वेस्टर आरवी की तरफ से बातचीत करने पहुंचता है और जानकारी देता है कि आरवी उनके साथ पार्टनरशिप करने में गहरी दिलचस्पी रखता है। हालांकि इस साझेदारी के लिए उसने एक अनिवार्य शर्त रखी है कि वह अनुपमा के लव यू जिंदगी कैफे के साथ मिलकर काम करना चाहता है। यह अजीब शर्त सुनकर प्रेम और राही दोनों हैरत में पड़ जाते हैं कि आखिर एक बड़े निवेशक की दिलचस्पी अनुपमा के कैफे में इस कदर क्यों है।
पारंपरिक मराठी वेशभूषा में शाह परिवार का सरप्राइज
जब अनुपमा और दिग्विजय घर लौटते हैं, तो शाह परिवार उनके स्वागत के लिए एक शानदार सरप्राइज तैयार रखता है। त्योहार के इस खास मौके पर पूरा परिवार पारंपरिक महाराष्ट्रीयन वेशभूषा में तैयार दिखता है। अनुपमा भी सुंदर मराठी अंदाज में सजती है, जिसे देखकर घर के सभी सदस्य उसकी तारीफों के पुल बांधते हैं। इस पारिवारिक उत्सव के बीच दूसरी तरफ कोठारी एम्पायर की कमान और जिम्मेदारियों को लेकर वसुंधरा और गौतम के बीच तीखी बहस छिड़ जाती है, जिसके साथ यह घटनाक्रम समाप्त होता है।


















