अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंकों के सख्त फैसलों का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के केंद्रीय बैंक नॉर्जेस बैंक ने मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए अपनी प्रमुख नीतिगत दर में 25 आधार अंकों का कड़ा इजाफा करते हुए इसे 4.50 प्रतिशत के स्तर पर पहुंचा दिया है। मौद्रिक सख्ती के इस ताजा कदम से विदेशी विनिमय बाजार में नॉर्वेजियन क्रोन को जोरदार समर्थन हासिल हुआ है, जिससे इस मुद्रा ने कई प्रतिस्पर्धी करेंसियों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।
नॉर्जेस बैंक की सख्ती और आगे दर वृद्धि के संकेत
ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन के वरिष्ठ रणनीतिकार इलियास हद्दाद के विश्लेषण के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने यह साफ संकेत दिया है कि यदि महंगाई का रुख आक्रामक बना रहा, तो उधार लागत में आगे भी बढ़ोतरी की जा सकती है। बैंक के ताजा नीतिगत पूर्वानुमानों में लगभग 40 प्रतिशत संभावना इस बात की जताई गई है कि वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक मुख्य दर बढ़कर 4.75 प्रतिशत के टर्मिनल स्तर पर जा सकती है। इलियास हद्दाद के मुताबिक नीतिगत दर का यह नया खाका मोटे तौर पर वित्तीय बाजार के मौजूदा आकलनों के पूरी तरह अनुरूप है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में नॉर्वे की व्यापक हिस्सेदारी और ऊर्जा निर्यात का ढांचा क्रोन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रहा है। इसी कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नॉर्वेजियन क्रोन के विनिमय अनुपात यानी USD/NOK में संभावित तेज उछाल पर प्रभावी लगाम बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
जापान में मौद्रिक सामान्यीकरण का नया चरण
दूसरी तरफ एशियाई सत्र के दौरान बैंक ऑफ जापान ने भी अपनी मौद्रिक नीतियों को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। जापानी केंद्रीय बैंक की नीति समिति ने 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया। ब्याज दरों में यह फेरबदल पिछले कई हफ्तों से वित्तीय जगत में लगाए जा रहे कयासों के पूरी तरह मुताबिक रहा है।
नीतिगत निर्णय के बाद जापानी बॉन्ड यील्ड में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच येन को सहारा मिला। इसी हलचल के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन की जोड़ी USD/JPY अपने तीन सप्ताह के शीर्ष स्तर से फिसलकर एशियाई कारोबार में 158.00 के करीब आ गई। इसके बावजूद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती और फेडरल रिजर्व की ओर से अतिरिक्त दर वृद्धि के अंदेशों के चलते डॉलर इंडेक्स अपने दो महीने के उच्च स्तर के करीब मजबूती से टिका हुआ है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गिरावट
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार दर्ज की जा रही बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व द्वारा उधार लागत को ऊंचा बनाए रखने के सटोरिया दांवों ने कई अन्य संपत्तियों को दबाव में रखा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी का रुख हावी रहा। AUD/USD की जोड़ी 200 दिनों के महत्वपूर्ण सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गई और प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तर 0.7000 के बेहद करीब पहुंच गई।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के दबदबे का सीधा असर कीमती धातुओं पर भी देखने को मिला। सोने की कीमतों में पिछले सत्र की बिकवाली के बाद नरमी का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार के कारोबार में सोना एक समय प्रति ट्रॉय औंस 4,250 डॉलर के स्तर से नीचे लुढ़क गया, जिसके बाद इसमें बेहद सीमित सुधार की कोशिश दर्ज की गई। अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ऊंचे रिटर्न और फेडरल रिजर्व के कड़े रुख के कारण बहुमूल्य धातुओं के खरीदारों पर लगातार दबाव बना हुआ है।


















