भोजपुरी फिल्म जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री आम्रपाली दुबे इन दिनों अपने आगामी रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' को लेकर काफी चर्चाओं में बनी हुई हैं। इस बहुप्रतीक्षित शो के घर में कदम रखने से पहले उन्होंने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बातचीत की है। उनका कहना है कि यह रियलिटी शो उनके लिए अपनी लोकप्रियता बढ़ाने या स्टारडम चमकाने का कोई जरिया नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से दर्शक उनके फिल्मी किरदारों के पीछे छिपे उनके असली व्यक्तित्व से वाकिफ हो सकेंगे।
पर्दे के पीछे का असली इंसान
आम्रपाली का यह साफ तौर पर मानना है कि उन्होंने अब तक पर्दे पर जितने भी किरदार निभाए हैं, वे सभी पूरी तरह से स्क्रिप्टेड होते थे। हालांकि, 'बिग बॉस' के मंच पर आने के बाद हर चीज बिल्कुल असली और अनफिल्टर्ड होगी। इस घर में उनके पास अपनी असल शख्सियत दिखाने का पूरा मौका होगा, जहां लोग उनके बनावटी रूप को नहीं बल्कि उनके सच्चे स्वभाव को देख पाएंगे।
विवादों और ट्रोलिंग पर दो टूक बात
जब बातचीत के दौरान उनसे शो के अंदर होने वाले आपसी विवादों और कंट्रोवर्सी के बारे में सवाल पूछा गया, तो अभिनेत्री ने बेहद बेबाकी के साथ अपना जवाब रखा। उन्होंने बताया कि उनकी पूरी जिंदगी में केवल एक ही बड़ा विवाद सामने आया है। अब वह इस तरह की नकारात्मक चीजों और ट्रोलिंग की इस हद तक आदी हो चुकी हैं कि उन्हें इस बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में पीठ पीछे क्या बातें कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर शो के अन्य प्रतियोगी उस पुराने या किसी भी मुद्दे को लेकर कोई टिप्पणी करते भी हैं, तब भी वह पूरी तरह शांत और संयमित बनी रहेंगी।
भोजपुरी सिनेमा का वैश्विक क्रेज
अपनी फैन फॉलोइंग और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दायरे पर चर्चा करते हुए आम्रपाली ने बताया कि जब कोई कलाकार भोजपुरी सिनेमा से जुड़ा होता है, तो उसकी पहचान केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहती है। आज के समय में भोजपुरी भाषा दुनिया के कोने-कोने में बोली और समझी जाती है। अमेरिका, इंग्लैंड, मॉरीशस और फिजी जैसे देशों में भी भोजपुरी फिल्मों और गानों को दर्शकों का खूब प्यार और समर्थन मिलता है। वह अपने इन्हीं दुनिया भर में फैले हुए प्रशंसकों को अपना असली रूप दिखाना चाहती हैं।
भावनात्मक संतुलन को माना सबसे अहम
शो के दौरान बाहर होने के डर या कम वोट मिलने की संभावनाओं को लेकर उनका कहना था कि वोटों का पूरा समीकरण दर्शकों के हाथों में होता है और इसे कोई प्रतियोगी नियंत्रित नहीं कर सकता है। उनके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात अपना इमोशनल बैलेंस यानी भावनात्मक संतुलन बनाए रखना है। यदि वह शो के भीतर कभी भी भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ती हैं, तो यह उनके लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय होगा। वह शो के अंदर आने वाली हर एक परिस्थिति का सामना बेहद मजबूती के साथ करना चाहती हैं।



















