टीवी सीरियल 'अनुपमा' में शाह परिवार के भीतर पैसों और रिश्तों को लेकर घमासान मचा है, और ताजा एपिसोड में हसमुख के एक भावुक फैसले ने पूरे घर को झकझोर दिया है. इससे पहले भी पारितोष और पाखी की तानाकशी अनुपमा को निशाना बनाती रही है, लेकिन इस बार बात सीधे शाह हाउस की चारदीवारी तक जा पहुंची.
किंजल और ईशानी ने पारितोष को दिखाया आईना
एपिसोड में लीला अपने बेटे पारितोष से पूछती हैं कि आखिर वो किंजल से पैसे मांगने की हिम्मत कैसे कर सकता है. जवाब में किंजल दो टूक कह देती है कि पारितोष को उससे एक रुपया भी नहीं मिलेगा, क्योंकि अनुपमा ने उसे अपनी कमाई सही जगह लगाने की सीख दी थी. इस इनकार से बौखलाया पारितोष अब पाखी को आगे कर ईशानी से रकम मंगवाने की कोशिश करता है, मगर ईशानी भी हाथ खड़े कर देती है. दोनों तरफ से खाली हाथ लौटने पर पारितोष और पाखी का गुस्सा अनुपमा पर फूटता है, और वो उसे चालाक बताकर कोसने लगते हैं. इस पूरे घटनाक्रम से साफ झलकता है कि घर में पैसों को लेकर भरोसे का संकट कितना गहरा हो चुका है.
घर का सपना पूरा करने में जुटे प्रेम और राही
उधर राही और प्रेम, अनुपमा को उसका अपना घर दिलाने की ठान चुके हैं और इसके लिए बैंक से कर्ज लेने की तैयारी में जुट जाते हैं. प्रेम इस हद तक आगे बढ़ जाता है कि जरूरत पड़ने पर अपना कैफे बंधक रखकर भी पैसों का बंदोबस्त करने को तैयार हो जाता है. यह बात पता चलते ही वसुंधरा पूरा दोष अनुपमा के मत्थे मढ़ देती हैं और उसे स्वार्थी करार दे देती हैं. गौतम भी पीछे नहीं रहता और आरोप जड़ता है कि अनुपमा भावुक नाटक रचकर कैफे पर कर्ज दिलवाने की जुगत भिड़ा रही है. इतनी आलोचना के बावजूद दिग्विजय समेत शाह परिवार का बाकी हिस्सा इस नाजुक मौके पर अनुपमा के साथ डटकर खड़ा नजर आता है, जिससे परिवार के भीतर की खाई और साफ नजर आने लगती है.
अनुपमा बोलीं, किसी पर बोझ नहीं बनूंगी
इतना हंगामा देखकर अनुपमा खुद आगे आकर मामला शांत करती है. वो खुद कह देती है कि वो अपने बच्चों पर किसी तरह का बोझ नहीं बनेगी और ना ही किसी का कैफे दांव पर लगाकर कर्ज लेगी. उसकी जिद है कि वो अपना आशियाना अपनी ही मेहनत की कमाई से खड़ा करेगी. इसी बीच हसमुख शाह हाउस में दाखिल होते हैं और एक बड़ी खुशखबरी सुनाते हैं, उनका कहना है कि अनुपमा के घर का लोन आखिरकार मंजूर हो चुका है. परिवार में जहां पहले पैसों को लेकर तनातनी चल रही थी, वहीं यह खबर सुनकर पल भर के लिए राहत की लहर दौड़ जाती है.
फाइल खुलते ही उड़े सबके होश
इस बात पर पारितोष को शुबहा हो जाता है, और वह झट से हसमुख के हाथों से कागज छीन लेता है. जैसे ही फाइल खुलती है, कमरे में मौजूद हर शख्स सन्न रह जाता है. पता चलता है कि अनुपमा को उसका घर दिलाने के लिए हसमुख ने अपना पूरा शाह हाउस ही बैंक में बंधक धर दिया है, और यह कदम उन्होंने बिना किसी को बताए खुद उठाया था. यह हकीकत सामने आते ही अनुपमा समेत मौजूद हर सदस्य सकते में आ जाता है, और पूरे घर में गहरा सन्नाटा छा जाता है.



















