घर पर बालों को रंगना जितना आसान लगता है, उतना ही यह बारीकियों से भरा काम भी है। थोड़ी सी भी लापरवाही न केवल बालों के प्राकृतिक रूप को बिगाड़ सकती है, बल्कि त्वचा पर दाग-धब्बे और एलर्जी का कारण भी बन सकती है। जब लोग खुद अपने बालों को रंगने की शुरुआत करते हैं, तो अक्सर सबसे सामान्य गलती गहरे या अप्राकृतिक रंगों का चुनाव करना होती है। सही जानकारी और व्यवस्थित तरीके को अपनाकर सैलून जैसा सुंदर और एकसमान लुक घर पर ही हासिल किया जा सकता है।
अपनी स्वाभाविक रंगत से मिलता शेड ही चुनें
बाजार में काले रंग की एक विस्तृत श्रृंखला मौजूद है, जिसमें जेट ब्लैक, ब्लू-ब्लैक, ब्राउन-ब्लैक, सॉफ्ट ब्लैक और नेचुरल ब्लैक जैसे अनेक विकल्प उपलब्ध होते हैं। बिना सोचे-समझे किसी भी गहरे काले रंग का डिब्बा उठा लेने के बजाय हमेशा अपने बालों की प्राकृतिक रंगत का बारीकी से मिलान करें। अत्यधिक गहरा जेट ब्लैक रंग बालों पर चढ़ने के बाद अक्सर नकली और बेजान दिखाई देने लगता है। इसके विपरीत, अपनी स्वाभाविक रंगत से मेल खाता हुआ शेड बालों को स्वाभाविक घनापन और सहज चमक प्रदान करता है।
त्वचा को दाग-धब्बों से सुरक्षित रखने के उपाय
रंग लगाते समय माथे, कान के पिछले हिस्से और गर्दन की त्वचा पर दाग पड़ जाना एक आम समस्या है। इस परेशानी से बचने के लिए रंग लगाने की प्रक्रिया शुरू करने से ठीक पहले हेयरलाइन, गर्दन और कानों के किनारों पर पेट्रोलियम जेली की एक महीन परत जरूर लगा लें। लगाते समय यह खास ध्यान रखें कि जेली केवल त्वचा पर रहे और बालों की जड़ों से न छुए, अन्यथा वहां रंग ठीक से नहीं चढ़ेगा। इसके साथ ही, अपने हाथों और नाखूनों को काले जिद्दी निशानों से बचाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले दस्ताने पहनना कभी न भूलें।
सामग्री की जांच और पैच टेस्ट की अनिवार्यता
हेयर कलर का पैकेट खरीदने से पहले उस पर अंकित सभी अवयवों और उपयोग के निर्देशों को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। कई लोग अमोनिया मुक्त उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि अमोनिया रहित फॉर्मूले भी संवेदनशील त्वचा में एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, रंग और डेवलपर को पैकेट पर दी गई सटीक मात्रा में ही आपस में मिलाना चाहिए। बालों पर कोई भी नया उत्पाद लगाने से पहले पैच टेस्ट करना अनिवार्य है। पैकेट पर बताए गए समय और तरीके के अनुसार त्वचा के छोटे हिस्से पर उत्पाद लगाकर देखें। यदि त्वचा पर किसी भी प्रकार की खुजली, लालिमा, सूजन या जलन महसूस हो, तो उस उत्पाद का इस्तेमाल तुरंत रोक दें।
समान कवरेज और समय सीमा का सही पालन
सफेद बालों को छुपाने की जल्दबाजी में कई लोग जड़ों पर अत्यधिक मात्रा में उत्पाद थोप देते हैं। ऐसा करने से जड़ों का रंग बहुत ज्यादा गाढ़ा और असंतुलित हो जाता है, जिससे बाल पैची दिखने लगते हैं। इससे बचने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि बालों को छोटे-छोटे और पतले हिस्सों में बांटकर ब्रश की सहायता से एकसमान रूप से रंग लगाएं। इसके अलावा, यह धारणा पूरी तरह गलत है कि अधिक समय तक रंग लगाए रखने से बाल ज्यादा गहरे या पक्के होंगे। निर्धारित समय से अधिक देर तक उत्पाद को सिर पर छोड़ने से स्कैल्प में तीव्र जलन हो सकती है और बाल बेहद रूखे व बेजान हो सकते हैं। इसलिए पैकेट पर दर्ज समय सीमा समाप्त होते ही बालों को धो लें।
रंगने के बाद की देखभाल और सीरम का उपयोग
कलरिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालों की बनावट को चिकना और चमकदार बनाए रखने के लिए हेयर सीरम या हेयर ग्लॉस का इस्तेमाल किया जा सकता है। सीरम बालों के रूखेपन और फ्रिजीनेस को नियंत्रित करता है, जबकि ग्लॉस बालों में एक खूबसूरत चमक जोड़ता है। ध्यान रहे कि इन उत्पादों का उपयोग हमेशा बहुत ही सीमित मात्रा में करें ताकि बाल चिपचिपे न दिखें। इसके साथ ही, रंगे हुए बालों की उम्र और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए केवल कलर ट्रीटेड बालों के लिए तैयार किए गए विशेष शैम्पू और कंडीशनर का ही इस्तेमाल करें। बार-बार सिर धोने से बचें और बालों को सुखाने या सीधा करने वाले गर्म उपकरणों का प्रयोग सीमित करें। जब भी हेयर ड्रायर या स्ट्रेटनर का उपयोग जरूरी हो, तो पहले हीट प्रोटेक्टेंट स्प्रे लगाना बिल्कुल न भूलें।
विशेषज्ञ से परामर्श कब लेना जरूरी है
यदि आपके बाल पहले से ब्लीच किए गए हैं या किसी कठोर रासायनिक उपचार से गुजर चुके हैं, तो खुद से रंगने का जोखिम उठाने के बजाय किसी पेशेवर हेयर स्टाइलिस्ट की सलाह लेना समझदारी है। पहले से क्षतिग्रस्त या असमान रंग वाले बालों पर घर पर सही शेड पाना अत्यंत कठिन हो सकता है। इसके अलावा, यदि बालों को रंगने के बाद सिर की त्वचा में लगातार जलन, दाने, अत्यधिक खुजली या चेहरे पर सूजन दिखाई दे, तो घरेलू उपचारों में समय गंवाए बिना सीधे त्वचा रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक से संपर्क करें।



















