रियलिटी शो बिग बॉस 20 के घर में राशन और किचन को लेकर अक्सर विवाद देखने को मिलते हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने एक प्रतियोगी के पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। मशहूर अभिनेत्री माही विज किचन में भोजन वितरण को लेकर बेहद भावुक नजर आईं। साथी प्रतियोगी अमन गांधी के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपने मन की बात रखी और बताया कि जब खाने की थाली में भेदभाव होता है, तो उन्हें अंदर तक गहरी ठेस पहुंचती है।
रसोई के बंटवारे को लेकर उपजा असंतोष
घर के माहौल में भोजन की उपलब्धता और उसका वितरण हमेशा से तनाव का कारण रहा है। माही विज ने अमन गांधी से स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके मन में मैरी कॉम के प्रति किसी भी प्रकार का द्वेष या वैरभाव नहीं है। वह मैरी कॉम की उपलब्धियों और व्यक्तित्व का पूरा आदर करती हैं। इसके बावजूद, जिस तरह से किचन की जिम्मेदारियों के तहत कुछ सदस्यों को अधिक खाना परोसा जा रहा था और अन्य को सीमित मात्रा दी जा रही थी, उससे उन्हें मानसिक रूप से आघात पहुंचा।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मैरी कॉम ने यंग से यह टिप्पणी की कि माही पूरी सब्जी की ग्रेवी अपने हिस्से में ले गईं। इस बात से माही काफी आहत हुईं, क्योंकि उनका मानना था कि मैरी कॉम लगातार उनके साथ ऐसा ही रुख अपनाती हैं। माही के अनुसार, घर के सभी सदस्यों को समान मात्रा में और बिना किसी पक्षपात के भोजन मिलना चाहिए।
बचपन के आर्थिक संघर्ष और रिश्तेदारों के ताने
किचन की इस नोकझोंक ने माही विज को उनके बीते दिनों की उन यादों में धकेल दिया, जब उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। माही ने बताया कि वह एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी हैं। बचपन के दिनों में उनके घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं हुआ करती थी। इस वजह से कई बार पारिवारिक आयोजनों और रिश्तेदारों के बीच उन्हें उपेक्षा और असहजता का सामना करना पड़ता था।
माही ने साझा किया कि बिग बॉस के घर में भोजन को लेकर बना यह माहौल उनके लिए कोई औपचारिक ट्रॉमा नहीं है, लेकिन इसने उनके जेहन में बचपन के संघर्षों को फिर से जगा दिया। अपनी बहन के साथ घटी एक पुरानी घटना को याद करते हुए माही अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनका परिवार कभी होटलों या रेस्तरां में जाकर भोजन नहीं करता था।
जब सूप मांगने पर मिला था चुभने वाला जवाब
माही ने उस घटना का ब्योरा देते हुए कहा कि एक बार जब वे रिश्तेदारों के साथ बाहर गए थे, तो उनकी बहन ने कॉर्न सूप पीने की इच्छा जताई थी। उस समय परिवार के एक रिश्तेदार ने बहुत कठोर शब्दों में ताना मारते हुए कहा था कि क्या तुम्हारे पिता बिल का भुगतान करेंगे। यह कटु टिप्पणी माही के मन में इतनी गहराई से बैठ गई कि दशकों बाद भी वह उस पल को भुला नहीं पाई हैं।
हालांकि, इन कड़वी यादों के बावजूद माही ने कहा कि उन्होंने कभी अपने मन में किसी के प्रति नफरत या बदले की भावना नहीं पाली। आज भी वह उन रिश्तेदारों के बच्चों से पूरे स्नेह, गर्मजोशी और सम्मान के साथ मिलती हैं। माही ने गर्व से कहा कि उन्होंने अपने दम पर, अपनी कड़ी मेहनत और लगन से इंडस्ट्री में एक मुकाम हासिल किया है और खुद की पहचान बनाई है।
समानता की मांग और आगे का समीकरण
अमन गांधी ने माही की पूरी बात को बहुत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा उन्हें ढांढस बंधाया। माही ने इस बात पर जोर दिया कि भोजन एक बुनियादी जरूरत है और किसी भी परिस्थिति में खाने को लेकर किसी भी इंसान को हीन भावना से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शो के भीतर प्रत्येक प्रतियोगी के साथ समानता का व्यवहार होना चाहिए।
माही विज के इस भावुक ब्रेकडाउन के बाद अब दर्शकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैरी कॉम इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती हैं। क्या दोनों प्रतियोगी आपसी बातचीत से इस मनमुटाव को दूर कर पाएंगी, या फिर भोजन के बंटवारे से शुरू हुआ यह तनाव आगे चलकर किसी बड़े टकराव का रूप लेगा। दर्शक अब वीकेंड का वार में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा का इंतजार कर रहे हैं।



















