देश के सबसे बड़े निजी ऋणदाता के शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसे केंद्रीय बैंकिंग नियामक ने हरी झंडी दिखा दी है। अनूप बागची को इस प्रमुख वित्तीय संस्थान के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी दी जाएगी। वर्तमान शीर्ष अधिकारी शशिधर जगदीशन का छह साल का लंबा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद बागची इस महत्वपूर्ण पद पर आसीन होंगे। इस महत्वपूर्ण घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में संस्थान के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट में पांच प्रतिशत से अधिक की जबर्दस्त उछाल दर्ज की गई।
नियामकीय मंजूरी और कार्यकाल का पूरा ब्योरा
स्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा किए गए औपचारिक ब्योरे के अनुसार, यह नियुक्ति तीन वर्षों की समयावधि के लिए प्रभावी होगी। बागची 27 अक्टूबर से आधिकारिक रूप से अपना नया दायित्व ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही बैंक के निदेशक मंडल ने उन्हें 2 अक्टूबर से अतिरिक्त निदेशक मनोनीत करने का फैसला भी किया है। हालांकि नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में उनके पूर्ण प्रभार के लिए बैंक के शेयरधारकों से औपचारिक सहमति लेना अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
तीन दशकों का व्यापक बैंकिंग सफर
वर्तमान में बागची आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के शीर्ष पद यानी प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां वे वर्ष 2023 से कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने करीब छह वर्षों तक आईसीआईसीआई बैंक में बतौर पूर्णकालिक कार्यकारी निदेशक अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उनका वित्तीय करियर वर्ष 1992 में आईसीआईसीआई समूह के साथ शुरू हुआ था, जिसके दौरान उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय में रीटेल कारोबार से लेकर थोक बैंकिंग तक के विस्तृत संचालन का गहन अनुभव हासिल किया है।
नए नेतृत्व के समक्ष प्रमुख कारोबारी चुनौतियां
इस बड़े वित्तीय संस्थान का संचालन संभालते ही नए प्रमुख के सामने कई जटिल आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियां होंगी। सबसे पहली प्राथमिकता संस्थान की बुनियादी आमदनी को रफ्तार देना और शुद्ध ब्याज मार्जिन पर लगातार बने दबाव को कुशलता से संभालना होगा। इसके अलावा, बैंकिंग क्षेत्र में उत्पादों की गलत अथवा भ्रामक बिक्री से जुड़े मसलों पर सख्त अंकुश लगाना और आंतरिक अनुपालन व्यवस्था को और सुदृढ़ करना उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगा।
नेतृत्व परिवर्तन की पूरी पृष्ठभूमि
संस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े घटनाक्रमों की शुरुआत मार्च के महीने में हुई थी, जब गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से अचानक त्यागपत्र दे दिया था। इस इस्तीफे के उपरांत संस्थान ने कुछ आंतरिक मसलों की विस्तृत समीक्षा कराई थी। इसके बाद अगस्त में जगदीशन ने बोर्ड को स्पष्ट अवगत करा दिया था कि वे अगले कार्यकाल के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे। बोर्ड ने अगले नेतृत्व के चयन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को दो प्रमुख नाम भेजे थे, जिनमें बागची के साथ बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल माना जा रहा था।


















