नगालैंड के सियासी समीकरणों में एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां नेशनल पीपुल्स पार्टी के सभी पांच विधायकों ने सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट में अपना विलय कर लिया। इस राजनीतिक फेरबदल के साथ ही 60 सीटों वाली राज्य विधानसभा के भीतर एनपीएफ का संख्याबल बढ़कर अब 39 हो चुका है। यह पूरा घटनाक्रम दीमापुर में गुरुवार को संपन्न हुआ, जिसमें एनपीएफ के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो सहित पार्टी महासचिव अचुंबेमो किकॉन और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी हुई सूची
नगालैंड विधान सभा सचिवालय ने विधायकों की दलगत स्थिति का संशोधित विवरण सार्वजनिक किया है। इस आधिकारिक सूची के अनुसार, एनपीपी के प्रदेश अध्यक्ष व मोका सीट से विधायक ए न्यमनेई कोन्याक, अरकाकोंग के विधायक नुकलुतोशी, सेयोचुंग-सितिमी क्षेत्र से विधायक सी किपिली संगतम, कोहिमा टाउन के विधायक सेल्हूतुओ रुत्सो और थोनोकन्यु के विधायक बेनेई एम लामथियू अब औपचारिक रूप से एनपीएफ के सदस्य बन गए हैं। इन पांचों जनप्रतिनिधियों ने संविधान की 10वीं अनुसूची के प्रावधानों के अंतर्गत अपने विलय की सूचना प्रस्तुत की, जिसे 1 अक्टूबर से प्रभावी मानकर रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
सत्तारूढ़ दल की स्थिति और अधिक मजबूत
विधायकों के इस कदम का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि एनपीएफ से जुड़ने का उनका यह फैसला नगा जनता की उम्मीदों को दर्शाता है और इससे क्षेत्रीय पार्टी को और मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व एनडीपीपी विधायक दल का भी एनपीएफ में विलय हो चुका था, जिसके बाद इस ताजा बदलाव ने सदन में पार्टी के वर्चस्व को और अधिक मजबूत बना दिया है।
सदन के भीतर अन्य दलों की मौजूदा स्थिति
इस नए समीकरण के बाद सदन की दलीय संरचना पूरी तरह बदल गई है। 39 सदस्यों वाली एनपीएफ सदन में सबसे बड़ा दल बनी हुई है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के पास 12 विधायक हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के दो-दो प्रतिनिधि सदन में मौजूद हैं। जनता दल (यूनाइटेड) के पास एक विधायक है, जबकि चार सदस्य निर्दलीय के रूप में विधानसभा में काबिज हैं।



















