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केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने याद किए कॉलेज के दिन, बताया क्यों छोड़ना पड़ा था विदेश सेवा अधिकारी बनने का सपनाटीवी
29 अग॰ 2026, 12:08 am (61 दिन पहले)· 1

केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने याद किए कॉलेज के दिन, बताया क्यों छोड़ना पड़ा था विदेश सेवा अधिकारी बनने का सपना

कौन बनेगा करोड़पति के सीजन 18 में अमिताभ बच्चन ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई और सिविल सर्विसेज के पुराने सपने को याद किया। उन्होंने बताया कि साइंस में फेल होने और सही जानकारी न होने की वजह से उन्होंने विदेश सेवा में जाने का इरादा छोड़ दिया था।

टेलीविज़न के लोकप्रिय क्विज़ शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के सीजन 18 में महानायक अमिताभ बच्चन अक्सर अपनी व्यक्तिगत जिंदगी और बीते दिनों की कहानियों को प्रशंसकों के साथ साझा करते रहते हैं। हाल ही के एक एपिसोड में बिग बी ने अपने शुरुआती करियर और कॉलेज के दिनों से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने खुलासा किया कि युवावस्था में उनके मन में भारतीय विदेश सेवा यानी आईएफएस में शामिल होकर एक राजनयिक के रूप में देश की सेवा करने का विचार आया था। हालांकि, परिस्थितियों और पढ़ाई की चुनौतियों के कारण उनका यह सपना आगे नहीं बढ़ सका।

प्रगति कल्पेकर की महत्वाकांक्षा और मैरून पासपोर्ट का जिक्र

यह बातचीत तब शुरू हुई जब अमिताभ बच्चन हॉटसीट पर बैठी प्रतिभागी प्रगति कल्पेकर से संवाद कर रहे थे। गेम शो के दौरान प्रगति ने अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में बताते हुए कहा कि वह आगे अध्ययन जारी रखकर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। प्रगति ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा, "मैं आईएफएस बनना चाहती हूं क्योंकि इस नौकरी में मुझे देश को रीप्रेजेंट करने का मौका मिलेगा।" इसी दौरान उन्होंने राजनयिकों को मिलने वाले विशेष मैरून रंग के पासपोर्ट और उस पर दर्ज 'डिप्लोमैट' शब्द की खासियत भी बताई। प्रतिभागी की यह बात सुनकर अमिताभ बच्चन पुरानी यादों में खो गए।

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पिता की सलाह, साइंस विषय का चुनाव और परीक्षा में असफलता

अमिताभ बच्चन ने अपने छात्र जीवन के संघर्षों को याद करते हुए बताया कि उनके पिता हरिवंश राय बच्चन हमेशा शिक्षा के महत्व पर जोर देते थे। उनके पिता की स्पष्ट सलाह थी कि जीवन में स्नातक की डिग्री हासिल करना बेहद आवश्यक है। पिता की बात मानकर उन्होंने साइंस स्ट्रीम चुन ली, लेकिन कॉलेज में प्रवेश लेते ही उन्हें समझ आ गया कि यह रास्ता बेहद कठिन होने वाला है। बिग बी के अनुसार, कॉलेज के पहले ही व्याख्यान में उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो स्कूल के दस वर्षों में पढ़ी गई सारी सामग्री एक साथ पढ़ा दी गई हो। पढ़ाई का यह दबाव उन पर इस कदर भारी पड़ा कि वह परीक्षाओं में असफल हो गए। बाद में उन्होंने 'अलाउड टू कीप टर्म' नियम के तहत महज दो अंकों से अपनी परीक्षा पास की।

विदेश सेवा की जानकारी का अभाव और विचार का त्याग

कॉलेज के दिनों में पढ़ाई की इन मुश्किलों के बीच अमिताभ बच्चन ने भारतीय विदेश सेवा में जाने और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने की सोच बनाई थी। परंतु उस दौर में उनके पास इस करियर विकल्प के संबंध में पर्याप्त मार्गदर्शन या जानकारी उपलब्ध नहीं थी। बिग बी ने चुटकी लेते हुए कहा कि उस समय उन्हें आईएफएस के 'आई' अक्षर के बारे में भी कोई ज्ञान नहीं था। यही वजह रही कि जरूरी जानकारी और समझ की कमी के कारण उन्होंने विदेश सेवा अधिकारी बनने के विचार को पूरी तरह से छोड़ दिया और जीवन में दूसरे रास्ते चुन लिए।

सवाल-जवाब

अमिताभ बच्चन किस शो में कॉलेज के दिनों को याद कर रहे थे?
अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति' के सीजन 18 के दौरान अपने कॉलेज के दिनों और आईएफएस बनने के सपने का जिक्र किया।
अमिताभ बच्चन कॉलेज में किस विषय की पढ़ाई कर रहे थे?
उन्होंने अपने पिता की सलाह पर साइंस विषय चुना था, लेकिन पहले ही लेक्चर से उन्हें यह विषय काफी कठिन लगा।
अमिताभ बच्चन ने परीक्षा कितने अंकों से पास की थी?
साइंस की परीक्षा में फेल होने के बाद अमिताभ बच्चन ने 'अलाउड टू कीप टर्म' के जरिए सिर्फ दो नंबर से परीक्षा पास की थी।
अमिताभ बच्चन ने भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जाने का ख्याल क्यों छोड़ दिया?
उस समय आईएफएस के बारे में पर्याप्त जानकारी और मार्गदर्शन न होने के कारण उन्होंने सिविल सेवा में जाने का विचार छोड़ दिया था।
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