सपनों की नगरी मुंबई में अक्सर सफलता की चमचमाती कहानियों के पीछे कुछ ऐसे स्याह पन्ने भी छिपे होते हैं, जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर दें। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला साल 2008 में सामने आया था, जिसे 'नीरज ग्रोवर हत्याकांड' के नाम से जाना जाता है। शुरुआती दौर में यह मामला सिर्फ एक सामान्य गुमशुदगी की शिकायत प्रतीत हो रहा था, जो नीरज के अचानक लापता होने के बाद दर्ज कराई गई थी। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने इस रहस्यमयी गुमशुदगी की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, मनोरंजन जगत का एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज सच देश के सामने उजागर हुआ। यह कहानी एक ऐसे मददगार व्यक्ति की है जिसकी इंसानियत ही आखिरकार उसकी मौत का सबब बन गई।
मददगार दोस्त और महत्वाकांक्षी अभिनेत्री की मुलाकात
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में तीन मुख्य किरदार थे। पहले थे नीरज ग्रोवर, जो टीवी इंडस्ट्री के एक जाने-माने एग्जीक्यूटिव और कास्टिंग डायरेक्टर थे। वह अक्सर नए कलाकारों को काम दिलाने और उन्हें इस बड़े शहर में स्थापित करने में मदद करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कन्नड़ फिल्मों की उभरती हुई अभिनेत्री मारिया सुसायराज से हुई। मारिया मुंबई में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही थीं और नीरज उन्हें पेशेवर सलाह देने के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत जीवन में भी भरपूर सहयोग दे रहे थे। नीरज ने न केवल मारिया को मुंबई के मलाड इलाके में एक नया फ्लैट किराए पर दिलाने में मदद की, बल्कि वहां पूरी तरह बसने में भी उनकी हर संभव सहायता की। लेकिन वह इस बात से अनजान थे कि उनकी यह भलाई एक दिन उनके लिए काल बन जाएगी।
ईर्ष्या की आग और अचानक हुआ जानलेवा हमला
यह त्रासदी उस समय शुरू हुई जब मारिया अपने नए किराए के फ्लैट में पूरी तरह शिफ्ट हो रही थीं। नीरज ग्रोवर हमेशा की तरह उनके सामान को व्यवस्थित करने और घर को ठीक करने में मदद करने के लिए मलाड स्थित फ्लैट पर पहुंचे थे। इसी बीच, कोच्चि में तैनात मारिया के मंगेतर और नौसेना अधिकारी एमिल जेरोम मैथ्यू को इस बात की भनक लग गई कि नीरज उस समय मारिया के साथ फ्लैट पर मौजूद हैं। संदेह और ईर्ष्या की आग में जल रहा एमिल बिना कोई समय गंवाए कोच्चि से मुंबई के लिए रवाना हो गया। फ्लैट पर अचानक पहुंचते ही एमिल का सामना नीरज से हुआ, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस और हाथापाई शुरू हो गई। मारिया के दावों के अनुसार, उन्होंने दोनों को शांत करने और बीच-बचाव करने की कोशिश की थी, लेकिन गुस्से में आपा खो चुके एमिल ने रसोईघर से चाकू उठाया और नीरज पर लगातार कई वार कर दिए। इस जानलेवा हमले में अत्यधिक खून बह जाने के कारण नीरज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
शव को ठिकाने लगाने की साजिश और अदालत की दलीलें
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद इस खूनी ड्रामे ने एक बेहद घिनौना और डरावना मोड़ ले लिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर नीरज के शव को छिपाने के लिए उसके छोटे-छोटे टुकड़े किए और उन्हें बैग में भरकर दूर जंगल में ले जाकर जला दिया, ताकि सबूत पूरी तरह से मिटाए जा सकें। इस बर्बरता के बाद जब पुलिस की तफ्तीश में यह सनसनीखेज सच सामने आया, तो मारिया ने दावा किया कि एमिल ने हत्या के तुरंत बाद चाकू की नोक पर उन्हें डराया-धमकाया और उनका यौन शोषण भी किया था। बाद में जब यह पूरा मामला अदालत की दहलीज पर पहुंचा, तो बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मारिया ने इस जघन्य वारदात के बाद जो भी कदम उठाए, वे सभी एमिल के डर और मानसिक दबाव के कारण थे। बचाव पक्ष का कहना था कि मारिया इस पूरी परिस्थिति में केवल एक असहाय गवाह थीं जो अपनी जान बचाने के लिए एमिल के निर्देशों का पालन करने को मजबूर थीं। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरी मनोरंजन इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया था और आज भी इसकी यादें लोगों के मन में खौफ पैदा कर देती हैं।



















