अनुपमा के ताज़ा घटनाक्रम में आस्था, भावनाएं और पारिवारिक तकरार एक साथ देखने को मिल रहे हैं। कहानी की शुरुआत अनुपमा की उस दिल को छू लेने वाली प्रार्थना से होती है, जिसमें वह राही के जल्द मां बनने की कामना करती है और साथ ही अंश, प्रेरणा तथा परिवार के अन्य सदस्यों की खुशहाली के लिए दुआ मांगती है। इसी दौरान दिग्विजय वहां आता है और उसे बताता है कि कानूनी पचड़ों के कारण उसे तुरंत सालगोंडा जाना पड़ रहा है।
दिग्विजय ने बयां किया अपने अतीत का दर्द और रणविजय की नफरत
जब अनुपमा दिग्विजय को अपना कैफे बचाने के लिए पैसे लेने का सुझाव देती है, तो वह साफ इनकार कर देता है। वह भारी मन से कहता है कि रणविजय उसे कभी चैन से जीने नहीं देगा। अपनी भावनाओं पर काबू न रख पाने के कारण दिग्विजय खुद को एक नाकाम और सख्त पिता घोषित करता है, जिसके बाद अनुपमा उसे दिलासा देती है। आखिरकार दिग्विजय उस सच से पर्दा उठाता है जो सावी के जन्म के बाद से ही रणविजय के दिल में नफरत का बीज बो चुका था। वह स्वीकार करता है कि उसने रणविजय के साथ अत्यधिक सख्ती की थी क्योंकि वह उसे एक खिलाड़ी बनाना चाहता था, जबकि रणविजय का झुकाव व्यापार की ओर था। यह सुनकर अनुपमा पूरी तरह दंग रह जाती है।
लव यू जिंदगी कैफे में सरिता जी का आगमन और नया ड्रामा
कहानी आगे बढ़ती है जब अनुपमा अनुज के कैफे में सरिता जी का स्वागत करती है। वहां प्रेम और राही मिलकर सरिता जी को विशेष पकवान परोसते हैं। जब लीला देखती है कि राही और प्रेम ने सरिता को कैफे में आमंत्रित किया है, तो उसका गुस्सा भड़क उठता है, लेकिन हसमुख समय रहते उसे शांत करा देते हैं। अनुपमा चाहती है कि सरिता जी मुंबई में अनुज और उनके 'लव यू जिंदगी' कैफे का प्रचार करें। इसी बीच लीला और सरिता के बीच स्वादिष्ट भोजन तैयार करने को लेकर एक मुकाबला शुरू हो जाता है, जिसे अनुपमा बीच-बचाव करके रुकवाती है। उधर हसमुख अनुपमा से दिग्विजय के गहरे दुख पर चर्चा करते हैं और उस रक्षक से मिलने की इच्छा जताते हैं जिसने दिग्विजय की जान बचाई थी।
कोठारी हाउस में रणविजय की धमक और अनुपमा के लिए खड़ी हुई नई मुसीबत
दूसरी तरफ वसुंधरा प्रेम और राही को सावधान करती है कि रणविजय यानी आरवी सीधे उनके घर आ रहा है। प्रेम उसके सामने एक बेहतर प्रभाव छोड़ने के लिए प्रेजेंटेशन बनाने की तैयारी करता है, परंतु वसुंधरा उसे रोकते हुए कहती है कि आरवी को किसी प्रेजेंटेशन की आवश्यकता नहीं है। इसके तुरंत बाद रणविजय की कोठारी हाउस में धमाकेदार एंट्री होती है। शो के रोमांचक प्रीकैप में दिखाया गया है कि अंश बड़ा कदम उठाते हुए अनुपमा के कर्ज की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले लेता है और बैंक का गारंटर बन जाता है। अनुपमा उसे विश्वास दिलाती है कि वह समय पर लोन चुका देगी। लेकिन दूसरी तरफ रणविजय मन ही मन अनुपमा को पूरी तरह तबाह करने की योजना बना रहा है, जिससे उसका कैफे और खुद के घर का सपना दोनों चकनाचूर हो जाएं।



















