लोकप्रिय रियलिटी शो लॉक अप 2: सज या सजा का सफर आखिरकार ग्रैंड फिनाले के साथ समाप्त हो गया है। पूरे सीजन के दौरान दर्शकों को हाई-वोल्टेज ड्रामा, तीखी बहस और भरपूर मनोरंजन देखने को मिला। फिनाले नाइट पर कांटे की टक्कर के बीच श्रेया कालरा ने बाजी मार ली। उन्होंने टीवी की मशहूर अभिनेत्री शिवांगी जोशी को कड़े मुकाबले में पछाड़ते हुए इस सीजन की चमचमाती ट्रॉफी और विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया।
प्रिंस नरूला के तंज पर रितेश देशमुख और फराह खान का ठहाका
फिनाले के इस खास जश्न में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई नामचीन सितारों ने शिरकत की थी। इन्हीं खास मेहमानों में रियलिटी शोज के स्टार प्रिंस नरूला भी शामिल हुए। जैसे ही प्रिंस मंच पर आए, उन्होंने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज और तीखे बयानों से माहौल को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने बातों ही बातों में शिवांगी जोशी और हर्षद चोपड़ा के बीच दिखने वाली खास इक्वेशन का मजाक बनाना शुरू कर दिया। प्रिंस ने कहा कि उन्हें आज तक दोनों का यह अनोखा बॉन्ड समझ ही नहीं आया। दोनों हमेशा एक-दूसरे को सिर्फ अच्छा दोस्त बताते हैं, लेकिन जब हाल ही में हर्षद शो से बाहर हो रहे थे, तब शिवांगी का रिएक्शन कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था।
रूमाल और क्लिप्स वाले इमोशनल ड्रामे पर प्रिंस ने की खिंचाई
उस विदाई के लम्हे को याद करते हुए प्रिंस नरूला ने मजाकिया लहजे में शिवांगी से कहा कि हर्षद के एलिमिनेशन के वक्त उन्होंने अपनी आखिरी क्लिप्स उन्हें देकर रखने को कहा था। इसके जवाब में हर्षद ने अपना रुमाल निकालकर शिवांगी के हाथों में थमा दिया था। प्रिंस ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह दृश्य ऐसा लग रहा था मानो कोई सीमा पर जंग लड़ने जा रहा हो और उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा कौन करता है। प्रिंस के यह कहते ही सेट पर मौजूद सभी लोग जोर-जोर से हंसने लगे। शो के होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान भी अपनी हंसी रोक नहीं पाए और पेट पकड़कर ठहाके लगाते नजर आए। प्रिंस ने आगे कहा कि रियल लाइफ में ऐसी चीजें नहीं होती हैं और यह पूरा ड्रामा निब्बा-निब्बी वाले प्यार की तरह लग रहा था।
शिवांगी जोशी ने दी अपने रिएक्शन पर सफाई
प्रिंस नरूला की इस मजेदार खिंचाई पर शिवांगी जोशी ने भी तुरंत अपनी बात रखी। उन्होंने अपने इमोशनल जेस्चर का बचाव करते हुए कहा कि उनका स्वभाव हमेशा से ऐसा ही रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों ने शो में एक साथ लंबा वक्त बिताया है और हर्षद अपने दोस्तों के प्रति बहुत ही केयरिंग और प्रोटेक्टिव रहे हैं। शिवांगी के मुताबिक वह एलिमिनेशन के उस तनावपूर्ण क्षण में हर्षद का हौसला बढ़ाना चाहती थीं। इसी अपनायत और भावना के कारण वह उस वक्त थोड़ी भावुक हो गई थीं।



















