मशरूम अपने लजीज स्वाद, कोमल बनावट और बेहतरीन महक की वजह से खानपान के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। सूप, सलाद, स्टर-फ्राई, पास्ता, नूडल्स से लेकर पारंपरिक सब्जियों तक में इनका खूब इस्तेमाल किया जाता है। कई तरह के व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाले मशरूम की एक बड़ी कमजोरी यह है कि इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित और ताजा बनाए रखना एक मुश्किल काम साबित होता है।
गलत रख-रखाव बिगाड़ देता है मशरूम की ताजगी
अक्सर देखा जाता है कि बाजार से लाते ही मशरूम बहुत जल्दी काले पड़ने लगते हैं, उन पर चिपचिपापन आने लगता है और वे पूरी तरह गल जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इन्हें रखने का गलत तरीका है। ज्यादातर लोग मशरूम खरीदते ही उन्हें पानी से अच्छी तरह धो लेते हैं और फिर प्लास्टिक के एयरटाइट डिब्बे में पैक करके रख देते हैं। ऐसा करने से डिब्बे के भीतर नमी कैद हो जाती है, जिससे मशरूम में फंगस लगने लगती है और वे बहुत तेजी से सड़ने लगते हैं। सही जानकारी अपनाकर इनकी शेल्फ लाइफ को आसानी से बढ़ाया जा सकता है।
मशरूम के तेजी से खराब होने का मुख्य कारण
मशरूम की जैविक संरचना ही कुछ ऐसी होती है कि इनमें लगभग 90 प्रतिशत तक पानी मौजूद रहता है। इस वजह से वे अपने आसपास मौजूद किसी भी तरह की नमी को फौरन सोख लेते हैं। जब वातावरण में बहुत ज्यादा नमी होती है, तो वे पिलपिले और चिपचिपे हो जाते हैं। इसके साथ ही, अगर इन्हें ऐसी जगह बंद कर दिया जाए जहां हवा का आवागमन बिल्कुल न हो, तो इनके सड़ने की रफ्तार और ज्यादा बढ़ जाती है।
बाजार में खरीदारी के समय इन बातों पर दें ध्यान
मशरूम को लंबे समय तक ताजा रखने की शुरुआत खरीदारी के वक्त ही हो जाती है। हमेशा ऐसे मशरूम चुनने चाहिए जो दिखने में बिल्कुल साफ, सूखे, बेदाग और छूने में कड़े हों। अगर किसी मशरूम की सतह पर चिपचिपापन महसूस हो रहा हो, ज्यादा गीलापन दिखे या काले धब्बे नजर आएं, तो उन्हें खरीदने से बचना चाहिए। ताजे मशरूम से हमेशा हल्की मिट्टी जैसी भीनी प्राकृतिक महक आती है। यदि उनमें से तेज या खट्टी गंध आ रही हो, तो यह उनके खराब होने का साफ संकेत होता है।
धोने की गलती और पेपर बैग का सही इस्तेमाल
मशरूम को बाजार से घर लाते ही कभी भी पानी से नहीं धोना चाहिए, क्योंकि धोते ही वे अतिरिक्त पानी को अपने अंदर सोख लेते हैं और फौरन सड़ने की कगार पर पहुंच जाते हैं। इन्हें हमेशा बिना धोए ही स्टोर करना चाहिए। जब भी खाना पकाना हो, उससे ठीक पहले ही इन्हें हल्के हाथों से पोंछकर साफ करें या तुरंत पानी से निकाल लें।
इन्हें फ्रिज में रखने के लिए भूरे रंग का पेपर बैग सबसे असरदार विकल्प साबित होता है। पेपर बैग मशरूम की अतिरिक्त नमी को खुद सोख लेता है और साथ ही हवा के हल्के आवागमन को बनाए रखता है। साफ पेपर बैग में मशरूम रखकर उसे फ्रिज के मुख्य हिस्से में रखना चाहिए। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए मशरूम के साथ एक सूखा पेपर टॉवल भी रखा जा सकता है, जो नमी खींचने का काम करता है। जब भी वह टॉवल गीला हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।
कच्चे मशरूम को फ्रीज करने से बचें और जानें सही समय सीमा
कच्चे मशरूम को सीधे फ्रीजर के अंदर रखने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए। जब कच्चे जमे हुए मशरूम बाहर निकाले जाते हैं और उनकी बर्फ पिघलती है, तो वे पूरी तरह पिलपिले और चिपचिपे हो जाते हैं। यदि लंबे समय के लिए फ्रीज करना ही हो, तो पहले उन्हें थोड़ा सा भून लें। इसके बाद उन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रीजर में रखें। इस तरह भुने हुए मशरूम लगभग 2 महीने तक सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
सही तरीके से फ्रिज में रखे गए ताजे मशरूम सामान्य रूप से 5 से 7 दिन तक बिल्कुल अच्छे बने रहते हैं। वहीं, हवादार पेपर बैग वाले तरीके से कुछ मशरूम 10 दिन तक भी ठीक रह सकते हैं। हर दो-तीन दिन में इनकी जांच करते रहना चाहिए और जो भी मशरूम चिपचिपा, बदरंग दिखे या जिससे तेज गंध आए, उसे तुरंत बाकी मशरूम से अलग कर देना चाहिए।



















