उत्तर प्रदेश के आगरा में अब कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुई हालिया दुर्घटना के बाद आगरा के फायर विभाग ने शहर भर में सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जो भी कोचिंग सेंटर अग्निशमन सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल अपनी व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। नियत समय सीमा के अंदर मानकों को पूरा न करने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
लगातार चल रही कोचिंग सेंटरों की चेकिंग
आगरा के चीफ फायर ऑफिसर देवेंद्र कुमार सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों के अभाव में कई संस्थानों को पहले ही नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन सभी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द आग से बचाव के आधुनिक उपकरणों को स्थापित करें। विभाग का रुख साफ है कि यदि अगली जांच के दौरान संस्थानों में खामियां पाई गईं, तो प्रशासन सख्त एक्शन लेने में पीछे नहीं हटेगा।
विशेष अभियान के माध्यम से सुरक्षा का लक्ष्य
आगरा प्रशासन ने इन संस्थानों को सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए एक विशेष अभियान का आगाज किया है। इस अभियान के तहत कोचिंग सेंटरों को निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिन संस्थानों में निकासी के लिए केवल एक संकरा रास्ता मौजूद है, उन्हें तत्काल प्रभाव से एक अतिरिक्त इमरजेंसी निकास मार्ग बनाने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों के अंदर अनिवार्य अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रशासन ऐसे सभी केंद्रों को चिन्हित कर रहा है जो सुरक्षा की शर्तों को नजरअंदाज कर रहे हैं। समय सीमा समाप्त होते ही विभाग द्वारा फिर से निरीक्षण किया जाएगा और मानक पूरे न होने पर संबंधित विभागों के सहयोग से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













