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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की पास बनाने वाली आईडी ब्लॉकउत्तर प्रदेश
10 जुल॰ 2026, 12:24 am (111 दिन पहले)· 2

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की पास बनाने वाली आईडी ब्लॉक

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों की विशेष दर्शन पास जारी करने वाली आईडी को बंद कर दिया गया है।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा घोटाले के मामले में जांच के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की विशेष दर्शन पास बनाने वाली आईडी को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया है। मंदिर प्रबंधन प्रणाली में इन तीनों के नाम पर बनी आईडी का उपयोग अब वीआईपी दर्शन पास जारी करने के लिए नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले के बाद, अब इन तीनों पदाधिकारियों की सिफारिश पर किसी भी प्रकार का प्रवेश पास जारी करना संभव नहीं होगा।

राम मंदिर में पास प्रणाली का स्वरूप

मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दो श्रेणियों में पास जारी किए जाते हैं, जिन्हें सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन पास कहा जाता है। मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों के लिए सिस्टम में अलग-अलग आईडी बनाई गई थी। इन आईडी के माध्यम से ट्रस्टी अपने स्तर पर श्रद्धालुओं के लिए सुगम और विशिष्ट दर्शन पास की सुविधा उपलब्ध करवाते थे।

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सिस्टम में धांधली के आरोप

जांच में यह बात सामने आई है कि दर्शन पास जारी करने की इस व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं की जा रही थीं। टिन्नू यादव पर आरोप है कि उसने इस प्रणाली का गलत फायदा उठाकर अब तक सैकड़ों पास जारी करवाए हैं। इसके साथ ही चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबी सहयोगियों पर भी पास बनवाने के नाम पर हेराफेरी में शामिल होने के आरोप लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इन पासों के जरिए लाखों रुपये की अवैध कमाई की गई है।

आईडी ब्लॉक करने की वजह

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन तीन आईडी का उपयोग सबसे अधिक संख्या में पास जारी करने के लिए किया जा रहा था, उन्हें ही मुख्य रूप से बंद किया गया है। मंदिर ट्रस्ट में अपने पदों से हटने के बाद, अब इन आईडी को ब्लॉक करने से यह सुनिश्चित हो गया है कि इनकी सिफारिश पर कोई भी नया वीआईपी या सुगम पास नहीं बनेगा।

घोटाले की पृष्ठभूमि

राम मंदिर में दान की गई धनराशि में हेराफेरी का यह मामला जून 2026 में सार्वजनिक हुआ था। जांच का केंद्र बिंदु यह है कि 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होने के बाद से दानपात्रों में जमा राशि को लगातार गायब किया जा रहा था। इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों का इस्तीफा

इस पूरे घटनाक्रम और गबन के आरोपों के चलते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव हुए हैं। ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार भी कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है और जल्द ही फील्ड वेरिफिकेशन के लिए टीम का एक और दौरा प्रस्तावित है।

सवाल-जवाब

राम मंदिर में किन लोगों की पास बनाने वाली आईडी बंद की गई है?
चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की विशेष दर्शन पास बनाने वाली आईडी को बंद कर दिया गया है।
राम मंदिर में कितने प्रकार के दर्शन पास उपलब्ध हैं?
मंदिर में सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन पास, दो तरह के पास जारी किए जाते हैं।
इस घोटाले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने क्या किया है?
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट के अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार भी कर लिया है।
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