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दवा दुकानदारों से वसूली करने वाला फर्जी CMO अधिकारी पुलिस के हत्थे चढ़ाउत्तर प्रदेश
19 घंटे पहले· 1

दवा दुकानदारों से वसूली करने वाला फर्जी CMO अधिकारी पुलिस के हत्थे चढ़ा

जौनपुर के शाहगंज इलाके में मेडिकल स्टोर और क्लीनिक संचालकों से CMO टीम का अफसर बनकर पैसे वसूलने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी रामनिवास गौतम को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जांच अब भी जारी है।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सेहत विभाग के नाम पर बड़े स्तर पर चल रही ठगी का पर्दाफाश हुआ है। शाहगंज कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने ऐसे शख्स को दबोचा है जो खुद को मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी CMO की टीम का सदस्य बताकर मेडिकल स्टोर और क्लीनिक संचालकों से पैसे ऐंठ रहा था। आरोपी का तरीका ठीक अभिनेता अक्षय कुमार की चर्चित फिल्म स्पेशल 26 के किरदारों जैसा था, जिसमें नकली अफसर बनकर लोगों को डराया जाता है।

कार से पहुंचकर धौंस जमाते थे ठग

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। सदस्य कार में सवार होकर किसी भी प्राइवेट क्लीनिक या मेडिकल स्टोर पर अचानक पहुंच जाते थे। वहां पहुंचते ही खुद को CMO कार्यालय का बड़ा अफसर बताकर रौब जमाना शुरू कर देते और दुकान या क्लिनिक को फर्जी घोषित कर देते थे। इसके बाद दुकान सील करने और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। जब संचालक डर के मारे घबरा जाता, तो कार्रवाई से बचाने के बहाने हजारों रुपये मांगे जाते थे। पुलिस के अनुसार कई बार यह गिरोह एक ही दिन में दो-तीन दुकानों पर पहुंचकर अपना खेल खेल जाता था, ताकि किसी को शक होने से पहले ही निकल लिया जाए।

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दुकानदार की शिकायत पर खुली पोल

यह पूरा मामला तब सामने आया जब शाहगंज के नटौली इलाके में डिस्पेंसरी चलाने वाले लक्ष्मीशंकर यादव ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक इन फर्जी अफसरों ने कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे 20 हजार रुपये मांगे थे। लंबी डराने-धमकाने की कोशिश के बाद आखिरकार दबाव में आकर उनसे 3 हजार रुपये वसूल लिए गए। शिकायत में उन्होंने पूरी घटना का ब्योरा पुलिस को दिया, जिसके आधार पर आगे की जांच शुरू हुई।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी

शिकायत मिलते ही शाहगंज पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने नटौली इलाके से ही गिरोह के मुख्य वांछित आरोपी रामनिवास गौतम को गिरफ्तार कर लिया, जो आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना छतरपुर का रहने वाला है। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने शहर के और भी कई मेडिकल संचालकों से इसी तरह पैसे वसूले हैं, इसीलिए अब आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी रामनिवास का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उसके खिलाफ पहले भी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी को अदालत भेज दिया गया है, जबकि गिरोह में शामिल बाकी लोगों की तलाश जारी है।

सवाल-जवाब

पुलिस ने इस मामले में किसे गिरफ्तार किया?
पुलिस ने गिरोह के मुख्य वांछित आरोपी रामनिवास गौतम को गिरफ्तार किया, जो आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना छतरपुर का रहने वाला है।
यह ठगी कहां हो रही थी?
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शाहगंज कोतवाली क्षेत्र में मेडिकल स्टोर और क्लीनिक संचालकों को निशाना बनाया जा रहा था।
गिरोह किस तरीके से लोगों को ठगता था?
सदस्य कार से पहुंचकर खुद को CMO टीम का अफसर बताते, दुकान को फर्जी घोषित कर सील करने और जेल भेजने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे।
यह मामला कैसे सामने आया?
शाहगंज के नटौली इलाके के डिस्पेंसरी संचालक लक्ष्मीशंकर यादव की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पीड़ित से कितने रुपये वसूले गए?
फर्जी अफसरों ने 20 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन डरा-धमकाकर आखिरकार 3 हजार रुपये वसूल लिए गए।
क्या आरोपी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है?
हां, पुलिस के मुताबिक रामनिवास के खिलाफ पहले भी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
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