मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में इन दिनों आदमखोर तेंदुए का खौफ इस कदर हावी है कि ग्रामीण दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। ताजा घटनाक्रम में इस खूंखार जानवर ने एक बार फिर अपनी दहशत का दायरा बढ़ाते हुए बहापुर बलिया गांव को निशाना बनाया है। रात के सन्नाटे में घर के आंगन में चारपाई पर सो रहे एक व्यक्ति को यह आदमखोर तेंदुआ दबोच कर अपने साथ ले गया। सुबह होने पर जब परिजनों ने खोजबीन की, तो घर से कुछ ही दूरी पर स्थित गन्ने के खेत में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 38 वर्षीय जगराम के रूप में हुई है, जो पेशे से एक ई-रिक्शा चालक था और गांव में ही अपने बच्चों के साथ निवास करता था। जगराम की पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था, जिसके चलते वह अपने बच्चों की देखरेख अकेले ही कर रहा था। बीती रात रोजाना की तरह जगराम अपने घर के आंगन में चारपाई बिछाकर सो रहा था। रात के किसी पहर जब चारों तरफ शांति थी, तब आदमखोर तेंदुआ चुपचाप उसके घर के अंदर घुस आया। आंगन में सो रहे जगराम को तेंदुए ने इतनी खामोशी और तेजी से दबोचा कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह उसे उठाकर आसानी से चहारदीवारी लांघकर बाहर निकल गया।
सुबह के वक्त जब परिजनों की आंख खुली और उन्होंने जगराम को अपनी चारपाई पर नहीं पाया, तो घर में हड़कंप मच गया। आसपास तलाशने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो ग्रामीणज एकजुट होकर उसकी तलाश में निकल पड़े। गांव के पास ही स्थित गन्ने के खेतों की जब बारीकी से छानबीन की गई, तो जगराम का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला। तेंदुए ने हमले के दौरान उसकी गर्दन को धड़ से पूरी तरह अलग कर दिया था और शरीर के कई हिस्सों विशेषकर कंधे और पसलियों के पास मांस को नोंच-नोंचकर खा लिया था। इस खौफनाक और विचलित कर देने वाले दृश्य को देखकर परिजनों और वहां मौजूद ग्रामीणों की रूह कांप गई तथा डर और अधिक गहरा गया।
एक महीने में चार लोगों की ली जान
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से इस इलाके में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। महज तीन दिन पहले इसी बहापुर बलिया गांव की रहने वाली मिथलेश देवी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेतों में निराई का काम करने गई थीं। तभी घात लगाकर बैठे इसी तेंदुए ने उन पर अचानक हमला बोल दिया था और उन्हें खींचकर ले जाने लगा था। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाए जाने और हाथों में लाठी-डंडे लेकर तेंदुए का पीछा करने पर वह महिला को पास के ही गन्ने के खेत में छोड़कर भाग निकला था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी गांव में भारी गुस्सा भड़का था, जिसे बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया था। ग्रामीणों की पुरजोर मांग पर वन विभाग ने खेतों के पास दो पिंजरे और स्थापित कर दिए थे, जबकि दो पिंजरे पहले से ही वहां मौजूद थे। ताजा हालात को देखते हुए गांव में पुलिस बल की तैनाती और गश्त को और अधिक बढ़ा दिया गया है।
इससे पहले भी यह आदमखोर तेंदुआ इसी बहापुर बलिया गांव की एक अन्य महिला ब्रह्ममो देवी और पास के ही लालापुर गांव की रहने वाली संतोष देवी को भी अपना शिकार बना चुका है और उन पर घातक हमला कर उनकी जान ले चुका है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक महीने के भीतर यह आदमखोर तेंदुआ कुल चार बेकसूर लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। इसके अलावा विभिन्न गांवों में हुए छिटपुट हमलों में एक दर्जन से अधिक लोग घायल भी हो चुके हैं। इस भयावह स्थिति को देखते हुए वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर ग्रामीणों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पूरी सतर्कता बरतें, अकेले खेतों में बिल्कुल न जाएं, दिन के वक्त घरों के भीतर रहें और खेतों की तरफ जाते समय हमेशा झुंड या समूह में ही निकलें। क्षेत्र में बढ़ते खतरे को काबू करने के लिए वन विभाग ने अब तक कुल सात तेंदुओं को पिंजरे की मदद से पकड़ने में सफलता हासिल की है, और अभी भी आधा दर्जन गांवों में एक दर्जन से ज्यादा पिंजरे सक्रिय रूप से लगाए गए हैं। पुलिस की टीमें गांवों में लगातार फ्लैग मार्च कर रही हैं और रात के समय टार्च की तेज रोशनी तथा गाड़ियों के जरिए सघन गश्त की जा रही है।
प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का रुख
आज सुबह हुई इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। स्थिति को संभालने के लिए एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह तुरंत बलिया गांव पहुंचे और वहां मौजूद गुस्से से भरे ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने लोगों को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि पुलिस और वन विभाग इस समस्या से निपटने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह एक जंगली जानवर है जिसकी गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण पाना कठिन होता है। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि जिलाधिकारी स्तर से इस आदमखोर तेंदुए को देखते ही गोली मारने यानी शूट एंड साइट के आदेश लगभग तैयार कर लिए गए हैं, और आज शाम तक लिखित आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे।
इसी तरह की एक अन्य हृदयविदारक घटना का जिक्र करें तो कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कतर्नियाघाट इलाके में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां घर के आंगन में खेल रही एक मासूम बच्ची पर अचानक तेंदुए ने छलांग लगा दी थी और उसे अपने जबड़े में दबोचकर गन्ने के खेत के भीतर खींच ले गया था। गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के कारण उस बच्ची की भी मौत हो गई थी। लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती घुसपैठ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता में भारी असुरक्षा की भावना घर करती जा रही है।



















