उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आशियाना सिटी स्थित बुध बाजार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक किशोर ने मामूली विवाद के बाद अपने ही पिता की निर्मम हत्या कर दी। यह खौफनाक वारदात शनिवार तड़के करीब 3:15 बजे अंजाम दी गई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय इरफान अहमद के रूप में हुई है, जो फेरी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस सनसनीखेज मामले में स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है और हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
बहन से विवाद और पिता की डांट से उपजा आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरी घटना की शुरुआत घर के भीतर हुए एक मामूली आपसी झगड़े से हुई थी। हत्या से कुछ समय पहले किशोर का किसी बात को लेकर अपनी एक बहन के साथ तीखा विवाद हो गया था। घर में हंगामा बढ़ता देख इरफान अहमद ने बीच-बचाव करते हुए अपने बेटे को पहले कड़ी डांट पिलाई और फिर गुस्से में उसकी पिटाई कर दी। पिता द्वारा दी गई इस सजा और सबके सामने हुई पिटाई से किशोर के मन में भारी आक्रोश भर गया। इसी गुस्से और बदले की भावना के चलते उसने रात के समय सोते हुए अपने पिता पर जानलेवा हमला करने की खौफनाक योजना बना डाली।
सोते समय माथे पर किया गया धारदार हथियार से वार
इरफान अहमद फेरी का काम करके अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा कुल सात बेटियां हैं, जिनमें से पांच बेटियों का विवाह हो चुका है और दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। घटना वाली रात इरफान अपनी पत्नी और एक बेटी के साथ मुख्य कमरे में सो रहे थे, जबकि परिवार की दूसरी बेटी पास के एक अन्य कमरे में सो रही थी। आरोप है कि जब सब लोग गहरी नींद में थे, तब आरोपी बेटे ने मौका पाकर धारदार हथियार उठाया और सो रहे पिता के माथे पर जोरदार वार कर दिया। इस अचानक हुए हमले में इरफान गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ होकर बिस्तर पर गिर पड़े। घर के भीतर अचानक मची चीख-पुकार सुनकर बाकी परिजन तुरंत जागे और उन्होंने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
घटना के तुरंत बाद परिवार में कोहराम मच गया और एक पड़ोसी ने तत्परता दिखाते हुए डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को इस खौफनाक वारदात की सूचना दी। परिजन बिना देर किए घायल इरफान अहमद को लेकर लोनी के 50 बेड वाले सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां आपातकालीन कक्ष में मौजूद डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही लोनी थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारिकी से मुआयना किया। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मौके से हत्या में प्रयुक्त हथियार को भी अपने कब्जे में ले लिया है.
बड़ी बेटी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज और आरोपी का कबूलनामा
मृतक इरफान अहमद की बड़ी बेटी चांदनी ने इस पूरे मामले में थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। लोनी थाना के इंचार्ज योगिंद्र सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पिता द्वारा की गई डांट और पिटाई से नाराज होकर ही बेटे ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। पुलिस द्वारा जब हिरासत में लेकर आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खौफनाक कदम के पीछे कोई अन्य बात तो नहीं थी।
पुलिस अधिकारियों का बयान और कानूनी प्रक्रिया
लोनी के सहायक पुलिस आयुक्त राम किशन ने इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि 7 नवंबर 2026 की सुबह अशोक विहार इलाके की रहने वाली चांदनी नाम की महिला ने थाने आकर सूचना दी कि उनके भाई उमर ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर अपने पिता इरफान की हत्या कर दी है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस ने तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शैक्षणिक दस्तावेजों और स्कूल के कागजातों के आधार पर आरोपी बालिग श्रेणी में आता है, जिसके चलते पुलिस अब तमाम औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।



















