उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना शुरू होने से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। आयोग ने इस चुनाव के लिए तैनात किए गए पर्यवेक्षक अभय सिंह को उनकी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह अब आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है, जो पूरी चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इस अहम चुनाव की वोटों की गिनती आगामी 27 अक्टूबर को तय समय पर होनी है, जिससे पहले यह बदलाव काफी चर्चा में है।
देवेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस बड़े बदलाव के पीछे भारतीय जनता पार्टी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की एक औपचारिक शिकायत मुख्य वजह बनी है। देवेंद्र प्रताप सिंह ने मतदान के दिन यानी 23 अक्टूबर को सीधे निर्वाचन आयोग को एक ईमेल भेजा था। इस ईमेल के जरिए उन्होंने पर्यवेक्षक के रूप में अभय सिंह की नियुक्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनकी आपत्ति के बाद आयोग ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से यह कदम उठाया है और पर्यवेक्षक को हटाने का आदेश जारी किया है।
सीबीआई मुकदमे से जुड़ा था पूरा विवाद
अपनी शिकायत में देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य रूप से आरोप लगाया था कि आईएएस अधिकारी अभय सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में अवैध खनन के एक मामले में सीबीआई द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था। बागी एमएलसी ने तर्क दिया था कि ऐसे दागदार या विवादों से घिरे अधिकारी की तैनाती होने पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने निष्पक्ष मतदान और मतगणना सुनिश्चित करने के लिए उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को तैनात करने की मांग की थी।
प्रकाश बिंदु संभालेंगे नई जिम्मेदारी
शिकायत मिलने और तथ्यों की जांच के बाद निर्वाचन आयोग ने बिना कोई देरी किए अभय सिंह को पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया। अब उनकी खाली हुई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने के लिए आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नियुक्त किया गया है। आयोग का यह त्वरित कदम यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है कि गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र के शिक्षक एमएलसी चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।























