वैश्विक मुद्रा बाजारों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हल्की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह प्रमुख तकनीकी स्तर 0.7000 के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रहा। सोमवार को दिन के शुरुआती पहर में एक महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में 0.24 प्रतिशत की नरमी आई और यह 0.7015 के आसपास कारोबार करता दिखा। व्यापक वित्तीय बाजारों में कई अहम नीतिगत बैठकों और व्यापक आर्थिक आंकड़ों के आने से पहले व्यापारियों ने मुनाफावसूली और सतर्कता को प्राथमिकता दी है।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से सख्ती के संकेत और ब्याज दरों का परिदृश्य
बाजार के जानकारों का मानना है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा आगामी नवंबर मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की बढ़ती संभावनाएं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गिरावट से बचाने का काम कर सकती हैं। यह धारणा हाल ही में आरबीए की सहायक गवर्नर सारा हंटर की कड़ी टिप्पणियों के बाद काफी मजबूत हुई है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी थी कि मुद्रास्फीति पर अब तक पूरी तरह से नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।
सारा हंटर ने यह भी संकेत दिया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई के दबावों के ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में जड़ें जमाने के जोखिम को देखते हुए भविष्य में नीतिगत दरों को और बढ़ाना अनिवार्य हो सकता है। टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का भी मानना है कि बाजार ने अतिरिक्त दर वृद्धि के जोखिम को कम आंका था। पहले आरबीए की सितंबर बैठक के कार्यवृत्त के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि इस साल दरें स्थिर रहेंगी, लेकिन पिछले हफ्ते बैंक के अधिकारियों की सख्त टिप्पणियों ने पूरे नीतिगत समीकरण को बदल कर रख दिया है।
विश्लेषकों का तर्क है कि तीसरी तिमाही के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से ठीक पहले आई यह सख्त भाषा सामान्य घटनाक्रम से अलग है। जब मजबूत आर्थिक आंकड़ों के आने से पहले ही केंद्रीय बैंक की तरफ से ऐसे संकेत मिलने लगें, तो आगामी मौद्रिक बैठक में दरों में वृद्धि का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
बुधवार को आने वाले महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व का रुख
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में बुधवार को जारी होने वाले ऑस्ट्रेलिया के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े हैं। यदि महंगाई के आंकड़े अनुमान से अधिक आते हैं, तो आरबीए द्वारा मौद्रिक सख्ती जारी रखने के दांव और मजबूत होंगे, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को ऊपरी स्तरों पर नया समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत, यदि मूल्य दबाव में तेज गिरावट देखी जाती है, तो ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदें कमजोर पड़ेंगी और इसका सीधा दबाव मुद्रा पर देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर तीन सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद शुक्रवार की मामूली बढ़त को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में जारी गिरावट और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की आशाओं ने अमेरिकी मुद्रा की मांग को सीमित किया है। इसके बावजूद, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं और किसी भी नए तनाव की स्थिति में सेफ हेवन के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग फिर से बढ़ सकती है।
ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच मौद्रिक नीति के अलग-अलग रास्ते निवेशकों के रडार पर हैं। जहां ऑस्ट्रेलिया में अतिरिक्त सख्ती की तैयारी दिख रही है, वहीं अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय एफओएमसी बैठक मंगलवार से शुरू होकर बुधवार को नीतिगत निर्णय के साथ समाप्त होगी, जो मुद्रा युग्म की भावी दिशा तय करेगी।
तकनीकी स्तर और मूल्य विश्लेषण
मूल्य संरचना के आधार पर, नीचे की तरफ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए शुरुआती समर्थन 0.7013 के स्तर पर मौजूद है। यदि गिरावट बढ़ती है, तो 0.6994 का क्षैतिज आधार और 200-अवधि का एसएमए 0.6990 पर स्थित है, जो खरीदारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार करते हैं। इन दोनों स्तरों का संगम खरीदारों के बचाव के लिए महत्वपूर्ण मांग क्षेत्र माना जा रहा है।
ऊपर की ओर, तात्कालिक प्रतिरोध 100-अवधि के एसएमए 0.7020 पर बना हुआ है, जबकि मजबूत बाधा 0.7040 के स्तर पर है। इस स्तर के ऊपर एक निरंतर ब्रेकआउट मौजूदा बिकवाली के दबाव को कम करेगा और प्रति घंटा चार्ट पर नए उच्च स्तरों की ओर बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। वर्तमान लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह परिसंपत्ति 0.7020 पर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर 0.7020 की तुलना में स्थिर रुख दर्शाती है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिन के औसत के 1.00 गुना पर दर्ज हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 51 पर तटस्थ बना हुआ है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम 0.00 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय ईएमए 0.7003, 50-दिवसीय ईएमए 0.7033 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6980 पर है। ईएमए50 का ईएमए200 से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस दीर्घकालिक तेजी का संकेत दे रहा है। बोलिंजर बैंड्स 0.6919 से 0.7037 के बीच हैं, 14-दिवसीय एडीएक्स 31 के साथ मजबूत ट्रेंड में है, और स्टोकेस्टिक फास्ट 85 व सिग्नल 89 पर है। पिवट पॉइंट 0.7026 पर स्थित है, जिसके लिए रेजिस्टेंस आर1 0.7036, आर2 0.7052 और सपोर्ट एस1 0.7010 व एस2 0.7000 पर आंके गए हैं।
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की हलचल और अन्य वित्तीय बाजारों का हाल
वैश्विक स्तर पर यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दुनिया के पांच बड़े केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति के निर्णयों की घोषणा करने जा रहे हैं। निवेशक इस बात को लेकर सतर्क हैं कि वैश्विक ऊर्जा संकट मुद्रास्फीति को लक्ष्य से ऊपर बनाए रखे हुए है, जिससे ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर और जापानी येन के मुकाबले भी हलचल रही। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) के सख्त रुख के कारण यूएसडी/जेपीवाई में नई बिकवाली देखी गई, जिसने शुक्रवार को 18 सितंबर के बाद के अपने निचले स्तर से सुधार के प्रयासों को रोक दिया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी डॉलर पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि, फेड और बीओजे दोनों की आगामी बैठकों को देखते हुए ट्रेडर्स बड़ी स्थिति बनाने से बच रहे हैं।
कीमती धातुओं के बाजार में सोने ने लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद वापसी की और सोमवार को 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल कर लिया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने इस उछाल को सहारा दिया है। वहीं, क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन तीन सप्ताह के लगातार सुधार के बाद 80,500 डॉलर के आसपास बना रहा, जहां मध्य पूर्व के तनाव और मुद्रास्फीति की चिंताओं ने निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को थोड़ा सीमित रखा है।
अमेरिकी डॉलर के लिए 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव भी एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकते हैं। बाजार जहां दिसंबर में फेड की ओर से एक और संभावित दर वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, वहीं अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण की लड़ाई राजकोषीय नीति की प्राथमिकताओं और अंततः 2027 के मौद्रिक नीति मार्ग को नया आकार दे सकती है।
























