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गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले पर्यवेक्षक अभय सिंह को हटाया गयाउत्तर प्रदेश
26 अक्तू॰ 2026, 9:08 pm (2 घंटे पहले)· 2

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले पर्यवेक्षक अभय सिंह को हटाया गया

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना से पहले निर्वाचन आयोग ने बड़े फेरबदल के तहत पर्यवेक्षक अभय सिंह को हटा दिया है। उनकी जगह अब प्रकाश बिंदु को नया पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना शुरू होने से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए पर्यवेक्षक को बदल दिया है। आयोग ने आईएएस अधिकारी अभय सिंह को इस चुनावी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह अब आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो मतगणना की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इस महत्वपूर्ण चुनाव की वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को तय समय पर होनी है, जिससे पहले यह बदलाव काफी चर्चा में आ गया है।

नियुक्ति पर उठे थे गंभीर सवाल

भारतीय जनता पार्टी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने 23 अक्टूबर को मतदान के दिन ही निर्वाचन आयोग को एक ईमेल भेजा था। इस मेल के जरिए उन्होंने पर्यवेक्षक अभय सिंह की नियुक्ति पर कई तीखे सवाल खड़े किए थे। देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि अभय सिंह के खिलाफ साल 2019 में अवैध खनन के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था। बागी नेता का तर्क था कि जिस अधिकारी के ऊपर खुद ऐसे गंभीर आपराधिक मामले में मुकदमे दर्ज हों, उसकी तैनाती में चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाजिमी है और ऐसे में पारदर्शी तरीके से मतगणना होना संभव नहीं है।

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निर्वाचन आयोग की त्वरित कार्रवाई

उठाई गई आपत्तियों और गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाया। आयोग ने प्रशासनिक निष्पक्षता और चुनावों की शुचिता बनाए रखने के लिए अभय सिंह को गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव के पर्यवेक्षक पद से पूरी तरह हटा दिया। उनकी जगह पर तत्काल प्रभाव से आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई है ताकि 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सके। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी अब नए पर्यवेक्षक की देखरेख में आगे की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।

सवाल-जवाब

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव के पर्यवेक्षक को क्यों हटाया गया?
बीजेपी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा उनके खिलाफ 2019 के एक पुराने मामले को लेकर शिकायत किए जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने यह कदम उठाया।
हटाए गए पर्यवेक्षक अभय सिंह की जगह किसे नया पर्यवेक्षक बनाया गया है?
अभय सिंह की जगह आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
इस चुनाव की मतगणना किस तारीख को होनी है?
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
शिकायत में अभय सिंह पर क्या आरोप लगाया गया था?
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभय सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में अवैध खनन मामले में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था।
निर्वाचन आयोग को यह शिकायत किसने भेजी थी?
यह शिकायत बीजेपी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने 23 अक्टूबर को मतदान के दिन ईमेल के जरिए भेजी थी।
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टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·44 मिनट पहले

शिकायत मिलने के तुरंत बाद आयोग ने पर्यवेक्षक को तो हटा दिया, लेकिन मतदान के दिन ही यह बात सामने क्यों आई? क्या पहले किसी का इस पर ध्यान नहीं गया था?

Arjun Mehta@arjun-mehta·56 मिनट पहले

शिकायत चुनाव के दिन ईमेल से हुई और इतनी जल्दी कार्रवाई भी हो गई, तो क्या पहले से कोई जांच चल रही थी या सिर्फ नाम देखकर हटा दिया?

Ravikash Gupta@ravikash·55 मिनट पहले

अर्जुन, चुनाव आयोग ने शिकायत मिलते ही इतनी फुर्ती से फैसला लिया है, तो ज़ाहिर है कि मामले की गंभीरता पहले से ही रडार पर होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

मतगणना से ठीक पहले पर्यवेक्षक बदलना बड़ी बात है, चुनाव आयोग को पहले ही जांच करनी चाहिए थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन जी, चुनाव आयोग को शिकायत का इंतजार करने के बजाय तैनाती से पहले ही सीबीआई मामलों की फाइल देख लेनी चाहिए थी।

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