उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। गोरखपुर में जेनरेशन जेड (Gen-Z) के युवाओं के साथ सीधे संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के नौजवानों को केवल नौकरी की तलाश करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनमें इनोवेटर, एंटरप्रेन्योर और प्रॉब्लम सॉल्वर बनने की क्षमता विकसित होनी चाहिए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री आवास पर रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर छोटी बच्चियों ने उन्हें राखी बांधी, जहां मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार सौंपे और उनके साथ बातचीत की।
इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
गोरखपुर में युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य महज डिग्री प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। वर्तमान समय में ऐसी सक्षम युवा शक्ति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, जो नए अवसर और कौशल उत्पन्न करने में योगदान दे सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एम्प्लॉई बनने की मानसिकता से बाहर निकलकर युवाओं को नवाचार और समस्या निवारण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति के लिए चार प्रमुख स्तंभों के बीच समन्वय को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार, विश्वविद्यालय, उद्योग और युवा शक्ति, इन चारों घटकों की परस्पर साझेदारी बेहद जरूरी है। इस एकीकृत मॉडल के माध्यम से ही राज्य में विकास की नई राहें तैयार की जा सकती हैं।
डबल इंजन सरकार का इकोसिस्टम
युवाओं के सर्वांगीण विकास पर बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार राज्य में एक सुदृढ़ इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है। इस व्यवस्था के तहत हर युवा को उसकी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुसार सीखने, नए उद्यम स्थापित करने और जीवन में आगे बढ़ने के भरपूर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस बीच, युवाओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने और उनके मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा के लिए राजनीतिक स्तर पर भी कदम उठाए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को एक विशेष बैठक बुलाई है, जिसमें अनुराग ठाकुर और रवि किशन जैसे प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है ताकि युवाओं से जुड़ाव की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।
सुरक्षा, शिक्षा और रक्षाबंधन का संदेश
सीएम आवास पर आयोजित रक्षाबंधन समारोह के दौरान छोटी बच्चियों ने योगी आदित्यनाथ की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बच्चियों को रिटर्न गिफ्ट हैंपर भेंट किए, जिसके बाद बच्चों ने उनके साथ खुशियां बांटी और तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती शासनकाल की स्थिति का स्मरण करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब बेटियां डर के माहौल के कारण स्कूल जाने से कतराती थीं, लेकिन आज बेटियां निर्भीक होकर शिक्षा प्राप्त करने स्कूल जा रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद का एक संस्मरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्कूली छात्राओं की समस्याओं को देखने के बाद उनके मन में मुफ्त यूनिफॉर्म और पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना शुरू करने का विचार आया था। उन्होंने कहा कि बेटियों को सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
























