उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाना इलाके से एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की जान ले ली और इस पूरे खौफनाक कृत्य को सड़क हादसे की शक्ल देने की नायाब कोशिश की। पुलिस ने मामले की तह तक जाते हुए हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया है और महिला समेत सभी चार आरोपियों को दबोच लिया है। शुरुआती दौर में यह मामला महज एक सामान्य सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी तफ्तीश ने इस शातिर साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
सड़क किनारे मिला था शव
घटना की शुरुआत 23 अगस्त को हुई जब शक्तिनगर थाना क्षेत्र के बीना स्टेडियम के पास रमाशंकर मिश्रा का शव सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। मृतक एनसीएल बीना में सीनियर ओवरमैन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब पहली नजर में इस मामले को देखा गया तो यह एक सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, घटनास्थल के हालात और वहां मौजूद परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं थीं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तहकीकात शुरू कर दी। पुलिस टीम ने मौके के हालात, तकनीकी सबूतों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन का बारीकी से विश्लेषण किया और हर एक कड़ी को आपस में जोड़ा।
पति ने देख लिया था आपत्तिजनक स्थिति में
पुलिस की गहन जांच के दौरान यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा का विकास चौहान नाम के शख्स के साथ काफी लंबे वक्त से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पूरी वारदात की जड़ 22 अगस्त की रात को जुड़ी है, जब रमाशंकर मिश्रा ने अपनी पत्नी प्रियंका मिश्रा और उसके प्रेमी विकास चौहान को घर के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात को लेकर घर में जबरदस्त बवाल और तीखी झड़प हुई। गुस्से और कलह के इसी माहौल में प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान ने मिलकर रमाशंकर मिश्रा का गला घोंट दिया और फर्श पर उनका सिर पटककर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क हादसे की रची गई झूठी कहानी
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने गुनाह छिपाने के लिए एक खतरनाक षड्यंत्र रचा। विकास चौहान ने अपने दो अन्य साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता के साथ मिलकर मृतक के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इन सभी ने मिलकर रमाशंकर मिश्रा के शव को एक चादर और गमछे में लपेटा और उसे चुपचाप सड़क किनारे ले जाकर लिटा दिया ताकि सबको यह लगे कि उनकी मौत किसी वाहन की टक्कर से हुई है। बहरहाल, शक्तिनगर थाना पुलिस ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए इस जघन्य हत्याकांड में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





















