कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में रविवार, 6 सितंबर 2026 को बारिश के बीच ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे हिरनी गांव को झकझोर कर रख दिया। गांव में मुकेश कुमार का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया और उसके मलबे में परिवार के पांच सदस्य दब गए। मकान गिरने की तेज आवाज सुनते ही आसपास के लोग दौड़ पड़े और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। किसी को यह समझ नहीं आया कि पहले क्या किया जाए, लेकिन कुछ ही पलों में ग्रामीणों ने हाथों-हाथ मलबा हटाना शुरू कर दिया, ताकि मलबे में दबे लोगों की जान बचाई जा सके।
मलबे तले दबे पांच लोग, दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही साढ़ थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की रेस्क्यू टीम भी तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। राहत और बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू उपकरणों से लैस तीन फायर टेंडर मौके पर भेजे गए, साथ ही एक एमडीआरवी वाहन भी घटनास्थल पर मंगाया गया। कच्चे मकान का मलबा भारी और बिखरा हुआ होने के कारण उसे हटाना आसान नहीं था, इसलिए पुलिस, फायर टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर पूरी ताकत से यह काम शुरू किया। करीब दो घंटे तक लगातार चले इस मुश्किल बचाव अभियान के बाद आखिरकार मलबे में दबे सभी पांच लोगों को एक-एक कर बाहर निकाल लिया गया। सभी को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम पहले से मुस्तैद थी।
इलाज के दौरान चार की मौत, काजल की हालत गंभीर
अस्पताल में डॉक्टरों ने मलबे से निकाले गए 45 वर्षीय मुकेश कुमार, उनकी बेटियों 17 वर्षीय माया, 7 वर्षीय नीतू और 5 वर्षीय पल्लवी की स्थिति की बारीकी से जांच की। लेकिन गंभीर चोटों के चलते इलाज के दौरान चारों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार की सबसे बड़ी बेटी, 20 वर्षीय काजल भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल हैलट अस्पताल में उनका इलाज जारी है और परिवार से जुड़े लोग उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
बारिश के बीच कैसे गिरा मुकेश कुमार का घर
पुलिस के मुताबिक, यह हादसा साढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हिरनी, ब्लॉक पतारा में हुआ। जो मकान गिरा, वह दारा सिंह के बेटे मुकेश कुमार का था और कच्चा यानी बिना पक्की दीवारों के बना हुआ था। हादसे के वक्त परिवार के सभी पांच सदस्य घर के भीतर ही मौजूद थे, इसलिए मकान गिरते ही सभी मलबे की चपेट में आ गए। बारिश के बीच अचानक हुए इस हादसे ने किसी को संभलने या बाहर निकलने का मौका ही नहीं दिया। मकान गिरने की गूंज ने आसपास के ग्रामीणों को तुरंत सतर्क कर दिया और देखते ही देखते बड़ी तादाद में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग तक पहुंचाई गई, जिसके बाद संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ, जो करीब दो घंटे तक चला।
गांव में पसरा मातम, डीसीपी ने की चार मौतों की पुष्टि
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही हिरनी गांव में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और बड़ी संख्या में ग्रामीण अब भी घटनास्थल के आसपास डटे हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके का बारीकी से जायजा लिया और राहत व बचाव अभियान को पूरी तरह संपन्न किया। डीसीपी ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है कि इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान गई है, जबकि घायल काजल का इलाज हैलट अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक घटना के संबंध में जरूरी विधिक और अन्य कार्रवाई अभी प्रचलित है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।



















