चित्रकूट जिले में मूसलाधार बारिश के चलते एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ भरतकूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत बराछ गांव में देर रात एक कच्चे मकान की दीवार ढह जाने से पिता और उनके दो मासूम बच्चों की दबकर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में मृतक की पत्नी और एक छोटी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। बुधवार देर रात करीब 12 बजे जब यह हादसा हुआ, उस समय पूरा परिवार खाना खाने के बाद सो रहा था। अचानक हुए इस हादसे से पूरे गांव में मातम छा गया है।
देर रात सो रहे परिवार पर आफत बनकर गिरी दीवार
चित्रकूट जिले में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क कट चुका है। बराछ गांव के निवासी कल्लू यादव अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी कुंता देवी, बेटा अंश, तथा दो बेटियां कल्ली और अंशिका शामिल थे। बाहर मूसलाधार बारिश जारी थी और अचानक रात करीब 12 बजे घर की एक दीवार भरभराकर ढह गई। दीवार का भारी मलबा सीधे सो रहे परिजनों पर जा गिरा, जिससे सभी पांचों सदस्य उसके नीचे दब गए।
भीषण आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए पड़ोसियों ने अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को हादसे की सूचना दी, लेकिन गांव तक पहुंचने वाले रास्तों पर नाले उफान मार रहे थे और पानी भरा हुआ था, जिसके कारण शुरुआती दौर में राहत टीमों को मौके पर पहुंचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एनडीआरएफ और ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद तीन जिंदगियां समाप्त
रास्ते जलमग्न होने के कारण बराछ गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से पूरी तरह कट गया था। स्थिति की नजाकत को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को मौके के लिए रवाना किया। एनडीआरएफ के जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया और नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हादसे में गृहस्वामी कल्लू यादव, उनके मासूम बेटे अंश और बेटी कल्ली की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं, कल्लू यादव की पत्नी कुंता देवी और उनकी दूसरी बेटी अंशिका गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। दोनों घायलों को तुरंत मलबे से निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पीड़ित महिला ने बयां किया आंखों देखा खौफनाक मंजर
हादसे में अपने पति और दो बच्चों को खो चुकी कुंता देवी ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि रात में सभी पांचों लोग घर के अंदर सो रहे थे। अचानक दीवार गिरते ही उन्होंने बाहर भागने का प्रयास किया, लेकिन तब तक मलबा उनके ऊपर आ गिरा। कुंता देवी के मुताबिक इस भयावह हादसे ने उनका पूरा परिवार उजाड़ दिया है और अब उनके घर में सहारा देने वाला कोई नहीं बचा है।
कुंता देवी ने बताया कि वह और उनके पति ईंट-गारा की मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। आंखों के सामने ही पति और दो बच्चों की दबकर जान चली गई। किसी तरह खुद को संभालकर वह चीखते-चिल्लाते हुए मदद मांगने के लिए गांव की तरफ दौड़ीं, जिसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने रोते हुए कहा कि अब उनके और उनकी बची हुई छोटी बेटी के सिर से रोजी-रोटी और सुरक्षा का सहारा पूरी तरह छीन चुका है।
प्रशासनिक सहायता का आश्वासन और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार
हादसे की जानकारी मिलते ही सदर एसडीएम अजय यादव ने बताया कि पहाड़ियों से आए बारिश के पानी के भारी दबाव के कारण घर की दीवार गिर गई थी। मलबे में पांच लोग दब गए थे, जिनमें से पिता और उनके एक बेटे व बेटी की मौत हो गई, जबकि पत्नी और एक बेटी घायल हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष के तहत जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
वहीं, सदर विधायक अनिल प्रधान ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत हृदय विदारक बताया। उन्होंने कहा कि जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से चारों ओर जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। विधायक अनिल प्रधान ने राज्य के मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवार की त्रासदी को देखते हुए उन्हें विशेष आर्थिक मदद दी जाए। बारिश के बीच बराछ गांव से एक ही घर से उठी तीन अर्थियों ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।



















