वीकेंड की डाइनिंग टेबल पर अगर रोज की दाल-सब्जी से हटकर कुछ खास चाहिए, तो घर पर बनी पंजाबी अंदाज़ की मटन ग्रेवी वो कमी पूरी कर सकती है। इस रेसिपी की खास बात यह है कि मटन को कढ़ाई में डालने से पहले दही और चुनिंदा मसालों में भिगोया जाता है, और यही एक स्टेप पूरी डिश का स्वाद और टेक्सचर बदल देता है। बाकी ग्रेवी प्याज, टमाटर, अदरक-लहसुन और साबुत गरम मसालों से तैयार होती है, और मसालों की फेहरिस्त भी ज्यादा लंबी नहीं है, यानी किचन में मौजूद चीजों से ही यह डिश बन सकती है। मैरिनेशन को अक्सर हल्के में लिया जाता है, जबकि इसी छोटे कदम से डिश ढाबे जैसा स्वाद ले पाती है।
दही और मसालों में भीगकर नरम होगा मटन
इस रेसिपी में करीब 1 किलो मटन काम में लिया गया है, और इसके लिए नली और चाप के टुकड़े चुने जा सकते हैं। सबसे पहले मटन के टुकड़ों में 200 ग्राम गाढ़ा दही मिलाएं, ध्यान रहे कि दही ज्यादा खट्टा न हो। इसके बाद इसमें आधा चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर, दो चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच हल्दी और दो बड़े चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च डाल दें, साथ ही स्वादानुसार नमक भी मिलाएं। हाथ से सारे मसालों को मटन के हर टुकड़े पर अच्छी तरह लपेट दें, ताकि कोई हिस्सा कच्चा न रह जाए। इस मिश्रण को करीब 15 से 20 मिनट के लिए अलग रखा जाता है, जिससे मसाले मांस के अंदर तक असर दिखाने लगें और टेक्सचर भी नरम होने लगे।
साबुत मसालों से तैयार होगी असली पंजाबी खुशबू
जब तक मटन मैरिनेट हो रहा है, तब तक ग्रेवी की बुनियाद तैयार की जा सकती है। एक कढ़ाई में दो से तीन चम्मच सरसों का तेल डालकर उसे अच्छी तरह गर्म करें, जिससे तेल का कच्चापन खत्म हो जाए। इसके बाद इसमें जीरा, लौंग, चक्र फूल, काली मिर्च, जावित्री और हरी-बड़ी इलायची के साथ सूखी लाल मिर्च डालकर धीमी आंच पर हल्का सा भून लें। इसके तुरंत बाद करीब 20 कली लहसुन, दो इंच का अदरक का टुकड़ा और पांच हरी मिर्च मिलाकर एक से दो मिनट तक और भूनें। इस दौरान रसोई में गरम मसालों की महक फैलने लगती है, जो इस डिश की पहचान बनती है।
प्याज और टमाटर से बनेगी गाढ़ी स्मूद ग्रेवी
अब इसी कढ़ाई में चार मोटे कटे हुए प्याज डालें, थोड़ा नमक मिलाएं और तेज आंच पर करीब पांच मिनट तक भूनें, जब तक प्याज का कच्चापन पूरी तरह न निकल जाए। इसके बाद दो टमाटर मिलाएं, कोशिश करें कि वे कम खट्टी किस्म के हों ताकि ग्रेवी का स्वाद संतुलित बना रहे, वरना सामान्य देसी टमाटर से भी काम चल जाता है। कढ़ाई को ढककर धीमी आंच पर करीब 10 मिनट तक पकने दें, जब तक प्याज-टमाटर पूरी तरह गल न जाएं। इसके बाद मिश्रण को ठंडा होने दें और बिना ज्यादा पानी मिलाए मिक्सर में पीसकर एकदम स्मूद पेस्ट तैयार कर लें। पेस्ट जितना मुलायम होगा, ग्रेवी उतनी ही गाढ़ी और ढाबे जैसी दिखेगी।
हांडी कुकर में मसाला भूनकर मटन डालें
एक हांडीनुमा कुकर में आधा कप सरसों का तेल गर्म करें, इसमें दो तेजपत्ता डालें और तैयार प्याज-टमाटर का पेस्ट मिला दें। इस पेस्ट को करीब पांच मिनट तक भूनना है, और जैसे ही किनारों से तेल अलग दिखाई देने लगे, समझ लीजिए कि मसाला ठीक से पक चुका है। अब पहले से मैरिनेट किया हुआ पूरा मटन और उसमें बचा हुआ मसाला भी कुकर में डाल दें। तेज आंच पर करीब 15 मिनट तक मटन को इस मसाले के साथ लगातार भूनते रहें। इस स्टेप के आखिर तक मटन पर मसाले की अच्छी परत चढ़ जाती है और ऊपर तेल भी झलकने लगता है।
प्रेशर कुकिंग के बाद डालें आखिरी खुशबूदार टच
भुनाई पूरी होने पर इसमें एक कप से थोड़ा कम गरम पानी मिलाएं और नमक को दोबारा चख कर ठीक कर लें। कुकर का ढक्कन बंद करके पहले तेज आंच पर एक सीटी लगने दें, इसके बाद आंच धीमी करके करीब 10 मिनट तक पकने दें। गैस बंद करने के बाद कुकर के अंदर का प्रेशर खुद ही उतरने दें, जल्दबाजी में ढक्कन खोलने से बचें। कुकर खोलने के बाद इसमें आधा चम्मच कसूरी मेथी, आधे चम्मच से थोड़ा कम चाट मसाला और आधा चम्मच गरम मसाला डाल दें। सबसे ऊपर बारीक कटा हरा धनिया छिड़क कर सबको अच्छी तरह मिला लें। चाट मसाला ग्रेवी में हल्की चटपटी लहर लाता है, जबकि कसूरी मेथी की खुशबू पूरी डिश को एक अलग गहराई देती है। तैयार पंजाबी स्टाइल मटन मसाला गरमागरम रोटी, नान या चावल के साथ परोसा जा सकता है।


















