मैक्सिको के मिचोआकान इलाके में सुरक्षा बलों और अपराधियों के बीच हुई आमने-सामने की गोलीबारी में एक किशोर शूटर और उसके ड्रग्स तस्कर चाचा को ढेर कर दिया गया। अपराध जगत के इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर संगठित आपराधिक गिरोहों के काले कारोबार को सबके सामने ला दिया है। मारे गए नाबालिग की पहचान अल्बर्टो चुचिटो निनी सैंडोवाल के तौर पर की गई है, जिस पर इतनी कम उम्र में ही एक शार्पशूटर दस्ते की कमान संभालने का गंभीर आरोप था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके अन्य किशोरों को भी इस आपराधिक दल में जोड़ने का काम करता था।
छापेमारी के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
मैक्सिको के सुरक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, गत 30 अगस्त को सेना, नेशनल गार्ड, राज्य पुलिस और मिचोआकान अटॉर्नी जनरल कार्यालय के कर्मियों ने एक पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर लुइस एल आर-5 बर्रागान की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया था। जैसे ही सुरक्षा कर्मियों का दस्ता टोकुंबो नगरपालिका के अंतर्गत आने वाले एक फार्म हाउस पर पहुंचा, वहां मौजूद बदमाशों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस भीषण मुठभेड़ के बाद सैंडोवाल और बर्रागान दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हालांकि, अधिकारियों की तरफ से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 15 वर्षीय सैंडोवाल इस सशस्त्र संघर्ष के दौरान सीधे तौर पर गोलीबारी में शामिल था या नहीं।
किशोर उम्र में ही संभाल ली थी हिटमैन की भूमिका
मिचोआकान के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने साझा किया है कि सैंडोवाल एक ऐसे सक्रिय गिरोह के साथ मिलकर काम करता था जो अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाने के लिए पेशेवर शूटरों की सेवाएं लेता था। उसे अपने चाचा और कुख्यात अपराधी लुइस एल आर-5 बर्रागान का निजी अंगरक्षक भी माना जाता था। करीब 39 साल की उम्र वाला बर्रागान कार्टेल डे लॉस रेयेस नामक संगठन का मुख्य संचालक था और अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में वांछित चल रहा था।
इंटरनेट मीडिया पर नजर आती थी दोहरी जिंदगी
सैंडोवाल के ऑनलाइन अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों ने इस पूरी घटना को और अधिक भयावह और हैरान करने वाला बना दिया है। इंटरनेट पर मौजूद कुछ तस्वीरों में वह किसी आम बच्चे की तरह नजर आता है, जहां उसने चिवास दे ग्वाडालाहारा फुटबॉल क्लब की जर्सी पहनी हुई है और उसके पैर के पास गेंद दिखाई दे रही है। इसके उलट, अन्य तस्वीरों में उसके व्यक्तित्व का एक बिल्कुल डरावना पहलू सामने आता है। कई तस्वीरों में वह पूरी तरह सैन्य शैली की युद्धक पोशाक पहने हुए और अपने हाथों में खतरनाक असॉल्ट राइफल थामे हुए दिखाई देता है। उसके शरीर पर अन्य आग्नेय शस्त्र भी लटके हुए नजर आते हैं और कई पोस्ट्स में उसने हथियारों के साथ पोज़ देते हुए तस्वीरें खिंचवाई थीं।
पारिवारिक रिश्तों के इर्द-गिर्द बुना हुआ तस्करी का जाल
मैक्सिको के कई बड़े ड्रग्स नेटवर्क पूरी तरह से पारिवारिक नियंत्रण के आधार पर संचालित होते हैं। इन आपराधिक साम्राज्यों की कमान एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी के हाथों में हस्तांतरित होती रहती है, जिसमें पिता से पुत्र, चाचा से भतीजे या फिर भाइयों के बीच सत्ता का बंटवारा होता है। यही वजह थी कि सैंडोवाल को अन्य बच्चों की तरह गिरोह में किसी भर्ती प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वह सीधे तौर पर एक बड़े आपराधिक सरगना के परिवार और उसके सबसे करीबी दायरे का हिस्सा बना हुआ था।
कुख्यात चाचा पर था भारी-भरकम इनाम
मारे गए लुइस बर्रागान की तलाश अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी लंबे समय से थी। अमेरिकी प्रशासन ने उसके ऊपर नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार और हथियारों की तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप दर्ज कर रखे थे। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए तीन मिलियन डॉलर यानी तीस लाख अमेरिकी डॉलर का भारी इनाम घोषित किया गया था। बर्रागान ने कार्टेल डे लॉस रेयेस की सर्वोच्च कमान तब संभाली थी जब उसके ठीक पिछले सरगना अल्फोंसो पोंचो ला क्विरिंगुआ फर्नांडेज को मैक्सिको की सेना ने 1 अगस्त को ही गिरफ्तार कर लिया था। अमेरिकी अधिकारियों के रिकॉर्ड के अनुसार, बर्रागान अपने संगठन के भीतर एक मुख्य शूटर की भूमिका भी निभा चुका था।


















