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प्रयागराज में बेरोजगारी के तानों से उपजी रंजिश में दोस्त की हत्या, सुहागी पहाड़ी से नीचे फेंका शव, तीन गिरफ्तारउत्तर प्रदेश
3 सित॰ 2026, 5:08 pm (8 घंटे पहले)· 0

प्रयागराज में बेरोजगारी के तानों से उपजी रंजिश में दोस्त की हत्या, सुहागी पहाड़ी से नीचे फेंका शव, तीन गिरफ्तार

प्रयागराज में फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की बेरोजगारी का मजाक उड़ाने की रंजिश में उनके ही कमरेदार शुभम यादव ने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी और शव को मध्य प्रदेश की पहाड़ी से नीचे फेंक दिया।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बेरोजगारी को लेकर लगातार उड़ाए जा रहे मजाक से उपजी रंजिश ने एक खौफनाक हत्याकांड का रूप ले लिया। अपने ही दोस्त की आर्थिक स्थिति और बेहतर दिनचर्या से परेशान होकर एक युवक ने खौफनाक साजिश रची और वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को सैकड़ों किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश की सुहागी पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। प्रयागराज पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए इस अमानवीय हत्याकांड का पर्दाफाश किया है और मुख्य आरोपी सहित कुल तीन अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

बेरोजगारी के तानों और जलन की वजह से रची गई खौफनाक साजिश

प्रयागराज शहर के धूमनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत हरवारा इलाके में फोटोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर आलोक गुप्ता किराए का कमरा लेकर रहते थे। उसी कमरे में उनका साथी शुभम यादव भी साथ में निवास करता था। पुलिस जांच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया कि पेशे से फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की मासिक आमदनी काफी अच्छी थी और उनका जीवन स्तर भी काफी बेहतर था। इसके विपरीत उनका दोस्त शुभम यादव पूरी तरह से बेरोजगार था और आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। आरोप के अनुसार आलोक गुप्ता अक्सर बातचीत के दौरान शुभम की बेरोजगारी को लेकर तंज कसते थे और उसका मजाक उड़ाया करते थे। लगातार हो रही इस अनदेखी और तानों की वजह से शुभम के दिल में आक्रोश, जलन और गहरे मनमुटाव की भावना पैदा हो गई, जिसने धीरे-धीरे खौफनाक रंजिश का रूप ले लिया।

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कमरे में गोली मारकर की गई हत्या, कार से मध्य प्रदेश ले जाया गया शव

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, इसी रंजिश का बदला लेने के लिए शुभम यादव ने अपने दो अन्य परिचित साथियों को अपनी साजिश में शामिल किया। योजनाबद्ध तरीके से तीनों आरोपियों ने हरवारा स्थित उसी किराए के कमरे में आलोक गुप्ता को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों अभियुक्तों ने अपराध को छुपाने और पुलिस को भ्रमित करने की योजना बनाई। उन्होंने आलोक के शव को एक बड़े साइज के बैग में मजबूती से बंद किया और अपनी कार में लादकर मध्य प्रदेश की सीमा की ओर निकल गए। वहां सुनसान इलाके में स्थित सुहागी पहाड़ी के ऊपर पहुंचकर उन्होंने शव से भरे बैग को नीचे गहरी ढलान में फेंक दिया, ताकि किसी को घटना का सुराग न मिल सके।

सीसीटीवी फुटेज और लावारिस लाश की सूचना से खुला हत्याकांड का राज

दूसरी तरफ, जब आलोक गुप्ता अचानक अपने परिजनों और दोस्तों के संपर्क से बाहर हो गए और उनका कोई पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने धूमनगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस टीम ने तुरंत जांच की कमान संभाली और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने पर पुलिस को शुभम यादव और उसके दो साथी एक बड़े और भारी बैग को कार की डिग्गी में रखते हुए साफ दिखाई दिए। यहीं से पुलिस को मामले में एक ठोस सुराग मिल गया। इसी बीच मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सीमावर्ती इलाके में एक अज्ञात बैग में शव मिलने की सूचना साझा की गई। प्रयागराज पुलिस ने आलोक के परिजनों को मौके पर ले जाकर पहचान कराई, जिसमें शव की पुष्टि आलोक गुप्ता के रूप में हुई।

तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, पिस्तौल और कार बरामद

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डीसीपी सिटी सागर जैन ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और मोबाइल लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शुभम यादव और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में शुभम ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए बताया कि बेरोजगारी का लगातार उड़ाया जाने वाला मजाक उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से उसने इस अपराध को अंजाम दिया। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्तौल और शव को ठिकाने लगाने में प्रयोग की गई कार को भी जब्त कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में वैधानिक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

सवाल-जवाब

प्रयागराज हत्याकांड में पीड़ित कौन था?
पीड़ित आलोक गुप्ता थे, जो पेशे से फोटोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर थे और धूमनगंज के हरवारा में किराए के कमरे में रहते थे।
हत्या के पीछे मुख्य कारण क्या था?
मुख्य आरोपी शुभम यादव बेरोजगार था और आलोक द्वारा उसकी बेरोजगारी का लगातार मजाक उड़ाए जाने से पैदा हुई जलन की वजह से उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान कैसे की?
पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी कार में एक बड़ा बैग लादते हुए दिखे, जिससे सुराग मिला।
शव को कहाँ ठिकाने लगाया गया था?
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बैग में बंद कर मध्य प्रदेश की सुहागी पहाड़ी से नीचे फेंक दिया था।
मामले में पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया है?
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और शव को ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई कार को बरामद कर लिया है।
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