भागलपुर की नई डीएम बनीं अलंकृता पांडेय
बिहार में हाल ही में कई आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण हुए हैं, जिनमें 2016 बैच की आईएएस अधिकारी अलंकृता पांडेय को भागलपुर का नया जिलाधिकारी (DM) नियुक्त किया गया है। वे अपनी तेज-तर्रार और कड़क कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। अलंकृता पांडेय ने डॉ. नवल किशोर चौधरी का स्थान लिया है और अब वे इस जिले की कमान संभालेंगी। प्रशासनिक हलकों में उन्हें उनके सटीक फैसलों, जमीनी हकीकत पर गहरी नजर रखने और एक मजबूत ‘लेडी सिंघम’ वाले अंदाज के लिए पहचाना जाता है।
आईएएस दंपत्ति अब संभालेंगे पड़ोसी जिलों की कमान
भागलपुर की नई डीएम बनने के बाद से अलंकृता पांडेय और उनके पति, आईएएस अंशुल अग्रवाल, सुर्खियों में हैं। एक दिलचस्प घटनाक्रम में, सरकार ने अलंकृता को जहां भागलपुर भेजा है, वहीं उनके पति अंशुल अग्रवाल को पड़ोसी जिले बांका की कमान सौंपी है। यह आईएएस दंपत्ति अब बिहार के दो महत्वपूर्ण जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कॉर्पोरेट की शानदार नौकरी छोड़ बनीं सिविल सेवक
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर की निवासी अलंकृता पांडेय ने बचपन से ही अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), इलाहाबाद से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने बेंगलुरु की जानी-मानी आईटी कंपनी Oracle में एक शानदार कॉर्पोरेट नौकरी की। हालांकि, उनका मन हमेशा देश सेवा में लगा रहा और उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया।
यूपीएससी में पहले प्रयास में 85वीं रैंक
साल 2015 में अलंकृता पांडेय ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी और अपने पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 85वीं रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया। यह उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम था, जिसने उन्हें आईटी क्षेत्र की आकर्षक नौकरी छोड़कर देश की सेवा करने का अवसर प्रदान किया।
विवाह के बाद पश्चिम बंगाल से बिहार कैडर में स्थानांतरण
2016 में आईएएस बनने के बाद, अलंकृता पांडेय को पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित किया गया था। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान, उनकी मुलाकात 2016 बैच के ही बिहार कैडर के आईएएस अंशुल अग्रवाल से हुई, जिन्होंने यूपीएससी में 47वीं रैंक प्राप्त की थी। दोनों ने साल 2018 में विवाह किया। शादी के बाद, अलंकृता ने विवाह के आधार पर इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए आवेदन किया। हालांकि, शुरुआत में बंगाल सरकार ने अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने से इनकार कर दिया था। लेकिन बाद में, कानूनी प्रक्रियाओं और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नियमों के तहत, उनका स्थानांतरण बिहार कैडर में हो गया।
जहानाबाद में 'लेडी सिंघम' का अंदाज
भागलपुर आने से पहले, अलंकृता पांडेय जहानाबाद में जिलाधिकारी के पद पर तैनात थीं। वहां उन्होंने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और अपनी मजबूत प्रशासनिक क्षमता का प्रदर्शन किया। जहानाबाद के काको नगर पंचायत के दौरे के समय, जब उन्होंने साफ-सफाई की कमी और नल-जल योजना की बदहाली देखी, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने बीच सड़क पर ही आम जनता के सामने लापरवाह अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जनता के हितों के लिए खुद सड़कों पर उतरकर औचक निरीक्षण करने के उनके इसी अंदाज ने उन्हें 'लेडी सिंघम' का उपनाम दिलाया।
भागलपुर और बांका के लिए नई उम्मीदें
बिहार सरकार के इस नए फैसले के बाद, यह आईएएस पावर कपल अब पड़ोसी जिलों में रहकर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा। अलंकृता पांडेय भागलपुर जैसे बड़े और 'सिल्क सिटी' के नाम से प्रसिद्ध जिले की कमान संभालेंगी, जबकि उनके पति अंशुल अग्रवाल बांका में कलेक्ट्री की जिम्मेदारी निभाएंगे। भागलपुर के लोग आशा कर रहे हैं कि नई डीएम मैडम की तकनीकी पृष्ठभूमि (सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग) और उनकी कठोर प्रशासनिक कार्यशैली से जिले के विकास कार्यों को एक नई दिशा मिलेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।













