उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कुशीनगर में विकास की रफ्तार तेज करते हुए 464 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकोला, हाटा और कुशीनगर विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी बदलावों की शुरुआत हो रही है, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर सड़कें, निर्बाध बिजली, साफ पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
कुशीनगर का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व
मुख्यमंत्री ने कुशीनगर के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भूमि भगवान राम के कालखंड से जुड़ी हुई है। इसके साथ ही यह भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में पूरे विश्व में पूजनीय है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं होने के बावजूद पूर्ववर्ती सत्ताओं ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इसी राजनीतिक उपेक्षा के चलते यह पूरा इलाका विकास की दौड़ में पिछड़ गया और यहां के स्थानीय निवासियों को रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की तलाश में बड़े पैमाने पर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शतायु कार्यकर्ताओं का सम्मान और सुरक्षित बचपन का संकल्प
इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने दशकों तक समाज और संगठन की सेवा करने वाले दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, रामविलास भगत और रामप्रवेश साहनी को विशेष रूप से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन दोनों ही समर्पित कार्यकर्ताओं की उम्र 100 वर्ष से अधिक हो चुकी है और उनका पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कार्यक्रम के दौरान आयोजित दो बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार का एक संस्मरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी गोद में आने के बाद एक बच्चा अपनी मां के पास वापस जाने के लिए भी तैयार नहीं हो रहा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों का सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना ही सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि आज का सुरक्षित बचपन ही कल के मजबूत देश का आधार बनेगा।
इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण और उपेक्षित वर्गों का उत्थान
स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बड़े सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफ्लाइटिस जैसी घातक बीमारी के संकट को याद किया। उन्होंने कहा कि पहले के समय में इस मौसम में हजारों बच्चे इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ जाते थे, जिन्हें इलाज के लिए कुशीनगर और आसपास के जिलों से गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता था। उस दौर में चिकित्सा व्यवस्था बेहद लचर थी, लेकिन साल 2017 के बाद सरकार ने इस बीमारी के खिलाफ एक सुव्यवस्थित अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप आज इस पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने गरीबों, विशेषकर मुसहर समाज जैसे अत्यंत पिछड़े और वंचित वर्गों को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा, उन्हें न तो जमीन के पट्टे मिले और न ही राशन कार्ड और पक्के मकान मिल पाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में समाज के हर गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचा रही है।











