पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में एक नाबालिग लड़की से रेप और हत्या के मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाए गए इंद्रजीत मंडल की भीड़ ने पीट-पीटकर जान ले ली थी। पुलिस जांच में इंद्रजीत मंडल को पूरी तरह निर्दोष पाया गया, जिसके बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी खुद उनके परिवार से मिलने पहुंचे और परिजनों को 25 लाख रुपए का मुआवजा चेक सौंपा।
परिवार को मुआवजे के साथ नौकरी और योजनाओं का सहारा
सीएम शुभेंदु अधिकारी इंद्रजीत मंडल के घर पहुंचे और परिवार को आर्थिक मदद के साथ-साथ रोजगार का भी भरोसा दिया। इंद्रजीत के बड़े भाई को सिविक वॉलंटियर के पद पर नौकरी दी गई है, ताकि परिवार की आय का जरिया बना रहे। इसके अलावा इंद्रजीत के पिता को वृद्धावस्था भत्ता देने की व्यवस्था की गई है, जबकि उनकी मां का नाम अन्नपूर्णा योजना की सूची में जोड़ा गया है। इस तरह प्रशासन ने परिवार के हर सदस्य के लिए अलग-अलग राहत का इंतजाम किया है।
पीड़िता के परिवार से भी मिले सीएम, मांगी गई सुरक्षा व्यवस्था
इसी दौरे में सीएम शुभेंदु अधिकारी उस नाबालिग लड़की के घर भी गए, जिसके साथ रेप और हत्या हुई थी। उन्होंने पीड़िता के पिता से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। परिवार ने मांग रखी कि इलाके में निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि आगे ऐसी घटना न हो। साथ ही यह भी कहा गया कि जिस स्कूल में बच्ची पढ़ती थी, वहां एक अलग लाइब्रेरी बनाई जाए ताकि बाकी बच्चों को इसका फायदा मिले। सीएम ने भरोसा दिलाया कि इन दोनों मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। पीड़िता के पिता ने सीएम की तरफ से उठाए गए इन कदमों का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि इंद्रजीत मंडल की हत्या करने वालों को सजा मिलकर रहेगी। नाबालिग के परिवार ने इस मामले में 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने दोहराया कि इंद्रजीत के बड़े भाई को सिविक वॉलंटियर की नौकरी दी गई है और परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा भी सौंपा जा चुका है।
सीएम ने आरोप लगाया कि वोट हारने के बाद कुछ लोगों ने माहौल भड़काने का काम किया है, जिसकी वजह से डर के चलते कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यापारियों का भरोसा फिर से जीतने के लिए बैठकें की जाएंगी। साथ ही पुलिस को पूरी छूट दे दी गई है कि वह जरूरी कार्रवाई करे। सीएम के मुताबिक, यह पूरा कदम एक संदेश है ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की भीड़ हिंसा की हिम्मत न करे। उन्होंने यह भी बताया कि यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर एक कमेटी बनाई गई है, और देश के कुछ दूसरे राज्यों में पहले ही UCC लागू किया जा चुका है।
बरुईपुर में नाबालिग लड़की से रेप और हत्या का यह मामला पूरे पश्चिम बंगाल में चर्चा का बड़ा विषय बन गया था, और इसी मामले की आंच में गलत तरीके से फंसे इंद्रजीत मंडल की जान चली गई थी।











