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उत्तर प्रदेश में मानसून का अनोखा रूप, बिजनौर में बाढ़ से हाहाकार तो कानपुर और वाराणसी में उमस का सितमउत्तर प्रदेश
11 जुल॰ 2026, 6:40 pm (45 दिन पहले)· 2

उत्तर प्रदेश में मानसून का अनोखा रूप, बिजनौर में बाढ़ से हाहाकार तो कानपुर और वाराणसी में उमस का सितम

उत्तर प्रदेश में मानसून के विरोधाभासी तेवर दिख रहे हैं, जहां तराई के जिलों में बाढ़ और भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं कई शहरों में लोग तीखी धूप और उमस से बेहाल हैं।

उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून का बेहद अनोखा और दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति में भारी विरोधाभास नजर आ रहा है, जहां कुछ जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है, वहीं कुछ अन्य इलाकों में लोग भीषण उमस और तेज धूप से बेहाल हैं। सुबह से ही राज्य के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी लोगों को सता रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत और चेतावनी दोनों जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर तराई के क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक के विस्तृत इलाकों में तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके विपरीत, नोएडा जैसे इलाकों में सुबह से ही तेज धूप खिली हुई है, जबकि कानपुर, वाराणसी और गाजीपुर जैसे जनपदों में आसमान में घने काले बादलों का डेरा है जिसके बीच उमस का प्रकोप बना हुआ है। इन क्षेत्रों में पिछली रात को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई थी।

कानपुर और वाराणसी में उमस का पहरा, हल्की बारिश की आस

कानपुर महानगर में वर्तमान समय में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। बीते कल से यहां कोई बड़ी बारिश दर्ज नहीं की गई है, जिसके कारण वातावरण में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है और उमस भरा माहौल पैदा हो गया है। बीच-बीच में बादलों की ओट से हल्की धूप भी निकल रही है, जो इस उमस को और अधिक बढ़ा रही है। मौसम विज्ञानियों का विश्लेषण है कि वातावरण में ह्यूमिडिटी का स्तर बहुत अधिक बढ़ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि शाम तक या कल तक हल्की बूंदाबांदी अथवा बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दो से तीन दिनों तक कानपुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में मौसम का यही रुख देखने को मिल सकता है।

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दूसरी ओर, धर्मनगरी वाराणसी में भी आसमान में लगातार काले बादलों की आवाजाही लगी हुई है, लेकिन बारिश न होने से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। वाराणसी में कल रात कुछ इलाकों में हल्की फुहारें जरूर पड़ी थीं, लेकिन आज सुबह से बारिश की एक भी बूंद नहीं गिरी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर वाराणसी और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल वाराणसी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो उमस के कारण और अधिक महसूस हो रहा है।

गाजीपुर में सुहावना मौसम तो चित्रकूट में सूर्यदेव के तीखे तेवर

गाजीपुर जिले की बात करें तो यहां का आसमान पूरी तरह बादलों से घिरा हुआ है। बीते कल गाजीपुर में अच्छी बारिश हुई थी, जिसके कारण वातावरण में ठंडक और ताजगी बनी हुई है। आसमान में अभी भी बादलों का जमावड़ा है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है और स्थानीय लोगों को आने वाले घंटों में और अधिक बारिश होने की पूरी उम्मीद है। इसके विपरीत, चित्रकूट जिले में सुबह से ही मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। चित्रकूट में आज सुबह से ही तेज और तीखी धूप खिली हुई है। इस तेज धूप के कारण उमस भरी गर्मी ने एक बार फिर वापसी कर ली है, जिससे सुबह से ही स्थानीय निवासी और वहां आने वाले श्रद्धालु बेहद परेशान हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक फिलहाल चित्रकूट और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने की कोई तात्कालिक संभावना दिखाई नहीं दे रही है।

तराई के 13 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के तराई बेल्ट में आने वाले 13 जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन संवेदनशील जिलों में बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा, कुशीनगर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर और संतकबीरनगर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन इलाकों में प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। तराई के इन जिलों के अलावा पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 29 अन्य जिलों में भी मूसलाधार बारिश को लेकर भारी चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 13 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और अच्छी मानसूनी बारिश का यह दौर लगातार जारी रहने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चल रहा है। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही यह संभावना जताई गई है कि 13 जुलाई तक लखनऊ और इसके आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर लगातार बूंदाबांदी का दौर बना रहेगा।

मानसून की ट्रफ खिसकने से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने राज्य के मौसम की वर्तमान स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और शाहजैसे जिलों में अत्यंत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है। आज भी पश्चिमी और पूर्वी दोनों ही संभागों में भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से सेंट्रल यूपी यानी मध्य उत्तर प्रदेश और तराई बेल्ट में मौसम विभाग ने भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की ट्रफ लाइन अब धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रही है। इस भौगोलिक बदलाव के कारण मध्य उत्तर प्रदेश और तराई के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मानसून बेहद सक्रिय रहेगा और लगातार अच्छी बारिश होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी रहेंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का भी अनुमान जताया गया है।

बिजनौर में बाढ़ जैसे हालात, उफान पर पहाड़ा नदी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय पहाड़ा नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा है कि बढ़ापुर क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खेतों, संपर्क सड़कों और ग्रामीणों के घरों में नदी का मटमैला पानी घुस चुका है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की राहत टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं।

इस आपदा के बीच सबसे बड़ी समस्या ग्रामीणों को नदी पार करने में आ रही है। प्रभावित इलाकों में पक्के पुल और नावों की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोग बेहद मजबूर हैं। ग्रामीण अपनी जान को जोखिम में डालकर लकड़ी की बुग्गी के सहारे उफनती नदी को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारों के पास न जाएं और सुरक्षित तथा ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाएं। राहत और बचाव दल लगातार निगरानी रख रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी क्षेत्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है, जिससे पहाड़ा नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।

संभल में बढ़ा पारा और प्रदूषण का स्तर

दूसरी ओर, संभल जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम में एक बड़ा और विपरीत बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार को जिले में बारिश न होने के कारण तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। संभल का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को तीखी गर्मी का सामना करना पड़ा। तापमान बढ़ने के साथ-साथ जिले की हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। संभल का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI बढ़कर 101 दर्ज किया गया है, जो मध्यम श्रेणी के प्रदूषण को दर्शाता है। बारिश की कमी और बढ़ती धूल के कारण वायु गुणवत्ता में यह गिरावट आई है।

सवाल-जवाब

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के किन जिलों के लिए मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने तराई के 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा, कुशीनगर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर और संतकबीरनगर मुख्य रूप से शामिल हैं।
बिजनौर जिले में अत्यधिक बारिश के कारण क्या गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है?
बिजनौर में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ा नदी उफान पर आ गई है, जिससे बढ़ापुर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पानी भर गया है। पुल और नाव न होने से लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बुग्गी के सहारे नदी पार कर रहे हैं।
कानपुर और वाराणसी में वर्तमान में कैसा मौसम बना हुआ है?
कानपुर और वाराणसी में भारी उमस का दौर बना हुआ है और तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। आसमान में घने बादलों की आवाजाही जारी है, और आने वाले 2 से 3 दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण क्या है?
वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार मानसून की ट्रफ लाइन धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रही है। इस बदलाव के कारण मध्य उत्तर प्रदेश और तराई बेल्ट में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है।
संभल जिले में पिछले 24 घंटों में क्या बदलाव दर्ज किए गए हैं?
संभल जिले में शुक्रवार को बारिश न होने की वजह से अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई और धूलभरी हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 101 तक पहुंच गया।
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