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अयोध्या राम मंदिर में चोरी की घटना के बाद बड़ा बदलाव, अब केवल एक तय समय पर गिना जाएगा चढ़ावाउत्तर प्रदेश
11 जुल॰ 2026, 7:07 pm (45 दिन पहले)· 2

अयोध्या राम मंदिर में चोरी की घटना के बाद बड़ा बदलाव, अब केवल एक तय समय पर गिना जाएगा चढ़ावा

जून 2026 में राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के खुलासे के बाद प्रबंधन ने पैसे गिनने के समय को सीमित कर दिया है, साथ ही सुरक्षा कर्मियों पर बातचीत करने को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंदिर परिसर में आने वाले दान और चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए पैसे को गिनने के लिए केवल एक ही शिफ्ट निर्धारित की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की गिनती का काम सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही किया जाएगा। चढ़ावे में चोरी का बड़ा मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन ने यह कड़ा निर्णय लिया है ताकि पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।

शेयर बाजार में लगाया जा रहा था चोरी का पैसा

चढ़ावे की चोरी के मामले में चल रही जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों पर आरोप है कि वे चोरी किए गए पैसों का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश करने के लिए करते थे। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी सबसे पहले चोरी की गई नकद राशि को अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के बैंक खातों में जमा करते थे। इसके बाद, उस राशि को उनके खातों से अपने स्वयं के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि चोरी के पैसों के मुख्य स्रोत को छिपाया जा सके और बैंकिंग प्रणाली में इसका पता न चल सके।

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पूर्व सैनिकों पर जानकारी साझा करने पर रोक

मंदिर के चढ़ावे में सेंधमारी की इस गंभीर घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी कड़ी पाबंदी लगा दी गई है। मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात पूर्व सैनिकों पर इस घटना के संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने या जानकारी बाहर देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। सुरक्षाकर्मियों को निर्देशित करने के लिए 'अयोध्या धाम पूर्व सैनिक सेवा समूह' नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजा गया था। इस संदेश में सभी कर्मियों को साफ तौर पर हिदायत दी गई थी कि यदि कोई भी उनसे इस विषय पर कुछ पूछे, तो उन्हें पूरी तरह से मौन रहना है। बाद में इस व्हाट्सएप ग्रुप का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जिससे मामले को दबाने के प्रयासों पर बहस छिड़ गई।

ट्रस्टियों का इस्तीफा और गिरफ्तारियां

राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी का यह पूरा मामला जून 2026 में खुलकर सामने आया था, जब बड़े पैमाने पर दान राशि चोरी होने के आरोप लगे थे। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा और श्रद्धालुओं के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में संलिप्त 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। इस बड़े विवाद का असर मंदिर की देखरेख करने वाले राम मंदिर ट्रस्ट पर भी पड़ा। भारी जन आक्रोश और जिम्मेदारी तय करते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे बाद में आयोजित हुई एक बैठक में स्वीकार कर लिया गया था।

सवाल-जवाब

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का नया समय क्या है?
अब मंदिर के चढ़ावे की गिनती केवल एक ही शिफ्ट में की जाएगी, जिसका समय सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
चोरी के आरोपियों ने दान में मिले पैसों का इस्तेमाल किस काम के लिए किया था?
आरोपियों ने मंदिर के चढ़ावे से चुराए गए पैसों को शेयर बाजार में निवेश करने के लिए इस्तेमाल किया था।
आरोपियों ने पैसे के मुख्य स्रोत को छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया?
आरोपियों ने पहले चोरी की नकदी को अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में जमा किया और फिर उसे अपने खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिया।
इस घोटाले के सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के किन प्रमुख पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया था?
इस विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का यह मामला कब उजागर हुआ था?
राम मंदिर के चढ़ावे की धनराशि चोरी होने का यह पूरा मामला जून 2026 में सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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