उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई ग्रामीण और मुख्य मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी बीच नाराहट-महरौनी मार्ग पर स्थित कुझान घाट पुल से एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां पानी के प्रचंड वेग में एक तेल टैंकर अनियंत्रित होकर बह गया। राहत की बात यह रही कि वाहन के बहने के दौरान चालक ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
पुल पार करते समय अनियंत्रित हुआ भारी वाहन
लगातार हो रही बारिश के कारण कुझान घाट पुल के ऊपर से तेज धारा में पानी बह रहा था। इसके बावजूद तेल टैंकर के चालक ने जोखिम उठाते हुए पानी के बीच से वाहन निकालने का प्रयास किया। जैसे ही टैंकर पुल के बीच तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंचा, पानी के दबाव से वाहन का संतुलन बिगड़ गया। चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका और देखते ही देखते भारी-भरकम टैंकर धार के साथ बहने लगा। स्थिति को भांपते हुए चालक फौरन केबिन से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। कुछ ही पलों में टैंकर बहकर पुल के किनारे चला गया, जिसे देखकर आसपास खड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना को अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि उफनती नदी की धारा कितनी ताकतवर थी और कैसे भारी वाहन तिनके की तरह बहता चला गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहाव इतना तीव्र था कि किसी भी भारी वाहन का उस पर टिक पाना संभव नहीं था। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग बाढ़ के दौरान इस तरह की लापरवाही न बरतने की बात कह रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और सरकारी निर्देश
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान भीषण बारिश का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने कई जनपदों के लिए 'रेड अलर्ट' घोषित किया है, जिसमें बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। 27 सितंबर तक के इस पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने दिए स्कूल बंद रखने और निगरानी के आदेश
प्रदेश में भारी वर्षा, आंधी-तूफान और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्वयं धरातल पर उतरकर राहत और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने को कहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि जिन जिलों में 'रेड अलर्ट' है और जहां जलभराव या अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है, वहां के सभी स्कूलों को एहतियातन बंद रखा जाए।



















